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राजस्थान की जनता कांग्रेस के सफाये को तैयार है - कौशल

पूजा अर्चना के बाद विधानसभा क्षैत्रों में सुराज संकल्प रथ रवाना पूर्व सांसद कौशल ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किये रथ राजस्थान की जनता कांग्रेस के सफाये को तैयार है - कौशल कोटा 06 अक्टूबर । भारतीय जनता पार्टी , राजस्थान प्रदेश की ओर से सभी 200 विधानसभा क्षैत्रों में जनजागरण हेतु खुले मझोले चार पहिया वाहन सुराज संकल्प रथ के नाम से भेजे गये है। इन रथों पर बैनर - पोस्टर लगे हुये हैं। ये रथ प्रत्येक विधानसभा के लिये अलग - अलग हैं तथा लगातार 20 दिन तक विधानसभा क्षैत्र में रह कर जनजागरण करेंगे और आम मतदाताओं से कांग्रेस से कुशासन से मुक्ती  दिला कर सुराज स्थापना का आग्रह करेंगे। कोटा देहात जिला एवं कोटा शहर जिले के लिये आये रथों को खडे गणेशजी मंदिर के बाहर पूर्जा अर्चना कर पूर्व सांसद रघुवीरसिंह कौशल ने हरी झंडी दिखा कर विधानसभा क्षैत्र हेतु प्रस्थान करवाया । इस अवसर पर कौशल सहित पूर्वमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हरीकुमार औदिच्य, रामगंजमण्डी से विधायक एवं प्रदेश मंत्री भाजपा चंद्रकांता मेघवाल, जिला अध्यक्ष प्रहलाद पंवार एवं जिला अध्यक्ष श्याम शर्मा ने उपस्थितों को सम्बोधित किया । पूर्व सां

'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' - आडवाणी

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http://www.lkadvani.in/hin/content/view/378/329/ माननीय लालकृष्ण आडवाणी जी 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की अवधारणा में भारत के विभिन्न धर्म अनुयायियों को यह आदेश दिया गया है कि विविधताओं को कायम रखते हुए प्राचीन देश की साझा संस्कृति का आदर करो, गर्व महसूस करो। अन्य राष्ट्र के प्रति निष्ठा न रखी जाए, न ही अन्य धर्मों को झूठा या हीन समझें, बल्कि यह सीखें कि प्रत्येक धर्म की अपनी विशेषताएँ हैं। छल-कपट से, धर्मांतरण के माध्यम से अपने धर्मानुयायियों की संख्या बढ़ाने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग न करें। अलगाववाद के प्रचार के प्रयोजन के लिए या धर्मतंत्र की स्थापना के लिए राजनीतिक वर्चस्व प्राप्त करने की कोशिश न करें। 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' का अर्थ इससे न ज्यादा है, न इससे कम।' सैमुअल हंटिग्टन की पुस्तक ''हू आर वी?'' का मैंने यह सुझाव देने के लिए उल्लेख किया है कि सभी भारतीयों को स्वयं से यह प्रश्न पूछना चाहिए, 'हम कौन हैं?' अमेरिका से भिन्न हमारा राष्ट्र प्राचीन है। इसका इतिहास मानव सभ्यता के प्रादुर्भाव से प्रारंभ होता है। अमेरिका के विपरीत,

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद - बाळ आपटे

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  सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का अर्थ लेखक: प्रा. बाळ आपटे (लेखक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद हैं) अनुवादक: रामनयन सिंह   http://www.pravakta.com/development-means शाब्दिक तौर पर राष्ट्रवाद एक आधुनिक ‘पद’ है। ऐसा माना जाता है कि आधुनिक राष्ट्र-राज्य की अवधारणा फ्रांस की क्रांति (1789) के बाद विकसित हुई। सामाजिक विकास या राजनैतिक सिध्दांत के तौर पर राष्ट्रवाद की संकल्पना आधुनिकता की ऐतिहासिक व्याख्या हो सकती है, लेकिन मूल स्वीकार्य बात यह है कि राष्ट्रों का अस्तित्व प्राचीन काल से था। किसी राष्ट्र की पहचान एक राष्ट्र के रूप में कैसे होती है? या दूसरे शब्दों में वे क्या घटक हैं, जिनसे राष्ट्र का निर्माण होता है? राजनैतिक विचारक एंथोनी डी. स्मिथ (जिन्होंने राष्ट्रवाद की संकल्पना पर काफी कुछ लिखा है) ने राष्ट्र को कुछ इस तरह परिभाषित किया है, ‘मानव समुदाय जिनकी अपनी मातृभूमि हो, जिनकी समान गाथाएं और इतिहास एक जैसा हो, समान संस्कृति हो, अर्थव्यवस्था एक हो और सभी सदस्यों के अधिकार व कर्तव्य समान हों।’ रूपर्ट इमर्सन ने राष्