कांग्रेस की आधी आबादी से पूरी बेईमानी, उसके अंत की उलटी गिनती का प्रारंभ - अरविन्द सिसोदिया bjp kota



“ये वही महिला विरोधी कांग्रेस है जिसने शाहबानो से भरण-पोषण तक का अधिकार छीन लिया था” – अरविन्द सिसोदिया
कांग्रेस की आधी आबादी से पूरी बेईमानी, उसके अंत की उलटी गिनती का प्रारंभ - अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 17 अप्रैल। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संशोधन प्रस्ताव के विपक्ष के विरोध के कारण पारित न हो पाने पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि, “यह वही महिला विरोधी कांग्रेस है जिसने कभी शाहबानो जैसी गरीब और पीड़ित महिला से भरण-पोषण का अधिकार तक संसद के माध्यम से छीन लिया था। आज फिर महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का दगाबाज़ चेहरा बेनकाब हुआ है।”

सिसोदिया ने कहा कि, “कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक्ता, धोखेबाज़ी और दोहरे मापदंडों से भरा रहा है। जब भी महिलाओं को सशक्त बनाने की बात आती है, कांग्रेस केवल दिखावटी नौटंकी करती है, लेकिन निर्णायक मौकों पर विरोध में खड़ी हो जाती है। लोकसभा में महिला आरक्षण को जल्द लागू करने जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कांग्रेस के विरोध के कारण परिणाम न निकल पाना इसी मानसिकता का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा कि, “शाहबानो प्रकरण देश के इतिहास का एक ऐसा उदाहरण है, जिसमें कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए एक गरीब महिला से उसका भरण-पोषण का न्यायसंगत अधिकार संसद के माध्यम से छीन लिया था।” सिसोदिया ने आरोप लगाया कि, “उस समय भी कांग्रेस ने न्याय के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी और आज भी उसका वही रवैया कायम है।”

सिसोदिया ने आगे कहा कि, “यह वही कांग्रेस है जिसने अपने वोटर समूह की मुस्लिम महिलाओं को भी तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया और उन्हें दशकों तक ‘तलाक, तलाक, तलाक’ की तलवार के नीचे जीने के लिए मजबूर रखा।” उन्होंने कहा कि, “कांग्रेस उन महिलाओं तक की सगी नहीं हुई जिन्होंने दशकों तक उसे वोट दिया, बल्कि उन्हें हमेशा ही दबाकर रखा। जबकि मोदी सरकार ने तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर उन्हें इस त्रासदी से मुक्त किया।”

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि, “देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और वे कांग्रेस की ओछी राजनीति को भली-भांति समझती हैं।” उन्होंने कहा कि जब दशकों से महिलाएं स्थानीय निकाय और ग्रामीण राज में कुशल भागीदारी निभा रही हैं, तो उन्हें संसदीय और विधायिका में भी अधिकृत स्थान मिलना चाहिए। अच्छा होता कि विपक्ष इस पहल को स्वयं आगे बढ़ाता, मगर उसने तो सरकार की पहल में भी टांग अड़ाई, जो कि घोर निंदनीय है। यह कांग्रेस की देश की आधी आबादी के विरुद्ध पूरी बेईमानी है।

उन्होंने कहा कि मोदीजी की सरकार द्वारा प्रस्तुत महिला आरक्षण केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अवसर देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व में टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।

उन्होंने यह भी कहा कि, “भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं और निर्णय लिए गए हैं। शौचालय निर्माण, जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी सहित कम से कम 20 प्रमुख योजनाओं में महिला भागीदारी को प्रमुखता से बढ़ाया गया है।”

सिसोदिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि, “आने वाले समय में भारत की महिलाशक्ति कांग्रेस को राजनीति से साफ कर देगी और उन्हें अधिकार देने वाली भाजपा को अधिकतम आशीर्वाद प्रदान कर देश में सशक्त एवं समान भागीदारी सुनिश्चित करेगी।”

अंत में सिसोदिया ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत और ठोस कार्यवाही की आवश्यकता है। कांग्रेस अवरोध बनी है तो उसे जनमत किनारे लगा देगा।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151

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