राष्ट्रऋषि बाबा साहब अंबेड़कर का जीवन, समाज को कुरीतियों से मुक्त रखने की प्रेरणा देता है - निम्बाराम ज़ी
राष्ट्रऋषि बाबा साहब अंबेड़कर का जीवन, समाज को कुरीतियों से मुक्त रखने की प्रेरणा देता है - निम्बाराम
कोटा 15 अप्रैल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कोटा महानगर द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार रात्री में महावीर नगर तृतीय स्थित स्वामी विवेकानंद विद्यालय के श्री रामशांताय सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि एवं राष्ट्रगीत के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल पर संविधान पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर मुख्यवक्ता क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, विभाग संघचालक पन्नालाल शर्मा एवं महानगर संघचालक गोपाल लाल गर्ग मंचस्थ रहे।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि " उनका संघर्ष सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध था, न कि किसी वर्ग विशेष के खिलाफ। उनका उद्देश्य समता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित सशक्त और स्वाभिमानी समाज का निर्माण करना था।"
उन्होंने कहा कि " विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अंबेडकर ने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा साधन बनाया और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और परिश्रम से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।"
संघ प्रचारक निम्बाराम ने बाबा साहब के संविधान निर्माण में योगदान पर प्रकाश डालते हुये बताया कि " भारतीय संविधान के निर्माण में अंबेडकर का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश को समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों पर आधारित मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रदान की।"
उन्होंने बाबा साहेब के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि ' वे सामाजिक कुरीतियों के कट्टर विरोधी थे और हिन्दू समाज में व्याप्त अस्पृश्यता जैसी बुराइयों को समाप्त कर एक समरस समाज का निर्माण करना चाहते थे। उनका मानना था कि समाज का संघर्ष पुरातन रूढ़ियों और प्रगतिशील विचारों के बीच होना चाहिए, जिससे समाज निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर हो सके।"
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता एवं समानता के विषय पर भी विचार रखे गए तथा समाज को अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया।
अंत में गोपाल लाल गर्ग ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर संविधान पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसका उपस्थितजनों ने अवलोकन किया।
भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151
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