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क्रन्तिकारी तात्याटोपे को फांसी नहीं लगी थी

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                          *** 1857 की क्रांति के महानायक तात्या टोपे *** 1857 की क्रांति के इस महानायक तांत्या टोपे का जन्म, 1814 में हुआ था। बचपन से ही ये अत्यंत सुंदर थे। तांत्या टोपे ने देश की आजादी के लिये हंसते-हंसते प्राणो का त्याग कर दिया। इनका जन्म स्थल नासीक था। इनके बचपन का नाम रघुनाथ पंत था। ये जन्म से ही बुद्धिमान थे। इनके पिता का नाम पांडुरंग पंत था। जब रघुनाथ छोटे थे उस समय मराठों पर पेशवा बाजीराव द्वितीय का शासन था। रघु के पिता बाजी राव के दरबार में कार्यरत थे। कई बार बालक रघु अपने पिता के साथ दरबार में जाते थे। एक बार बाजी राव बालक की बुद्धिमानी देखकर बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने बालक को एक टोपी उपहार में दी और उन्होंने उनको तांत्या टोपे नाम दिया। उसी दिन से लोग इन्हें इसी नाम से पुकारने लगे।   उस समय ब्रितानी भारत में व्यापार करने के लिये आए थे। लेकिन भारत के राजा आपसी फ़ूट के कारण आपस में ही झगड़ा किया करते थे इसलिये फ़िरंगी आसानी से यहां अपने...