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लालू को पाँच साल की कैद : चारा घोटाले में

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चारा घोटाले में लालू को पाँच साल की कैद  गुरुवार, 3 अक्तूबर, 2013 http://www.bbc.co.uk/hindi/india रांची की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को पांच साल की सज़ा सुनाई है. साथ ही अदालत ने 25 लाख का जुर्माना अदा करने को भी कहा है. इस घोटाले के अन्य दोषी पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को चार साल की सज़ा के साथ-साथ दो लाख रुपये का जुर्माना देना होगा. इसके अलावा जनता दल यूनाइटेड के सांसद जगदीश शर्मा पर चार साल और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. पूर्व विधायक आर के राणा को पांच साल और 30 लाख रुपये के जुर्माने, बैक जुलियस को चार साल और दो लाख रुपये के जुर्माने, फूलचंद्र सिंह को चार साल और दो लाख रुपये के जुर्माने, महेश प्रसाद को चार साल और दो लाख रुपये के जुर्माने और अधिकारी चंद्र को चार साल और दो लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है. सज़ा सुनाने के बाद लालू ने कहा, "मुझे शक था कि मुझे यही सजा मिलेगी". इस पर अदालत ने लालू यादव से कहा कि वे हाईकोर्ट जा सकते हैं.एक अन्य दोषी जगदीश शर्मा ने कहा, "मैं बेकसूर हूं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

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संघ का पूरा नाम क्या है ?  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ।  संघ के संस्थापक कौन है ? डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार। डॉ. जी स्वातंत्र्य सेनानी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा में ही समर्पित किया था। संघ की स्थापना कहाँ और कब हुई ? नागपुर में, 1925 में। संघ का सदस्य कौन बन सकता है ? कोई भी हिंदू पुरूष संघ का सदस्य बन सकता है | संघ की सदस्यता की प्रक्रिया क्या है ? संघ सदस्यता की कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। कोई भी व्यक्ति नजदीक की संघ शाखा में जाकर संघ मेंसम्मिलित हो सकता है। संघ सदस्य को स्वयंसेवक कहते है। उसके लिए कोई भी शुल्क या पंजीकरण प्रक्रिया नहीं है। संघ के कार्यक्रमों में गणवेष क्यों होता है ? क्या यह स्वयंसेवक बनने के लिए अनिवार्य है ? उसको कैसे प्राप्त किया जाता है ? संघ में शारीरिक कार्यक्रमों के द्वारा एकता का, सामूहिकता का संस्कार किया जाता है। इस हेतू गणवेष उपयुक्त होता है।परन्तु गणवेष विशेष कार्यक्रमों में ही पहना जाता है। नित्य शाखा के लिए वह अनिवार्य नहीं है। गणवेष कीउपयुक्तता ध्यान में आने पर हर स्वयंसेवक अपने खर्चे से गणवेष की पूर्ति करता

देश में हिन्दुत्व को प्रतिषिठत करने वाली पार्टी का समर्थन करें - सरसंघचालक मोहनराव भागवत

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हिन्दुत्व के सर्वव्यापी होने से ही होगा विश्व का कल्याण देश में हिन्दुत्व को प्रतिषिठत करने वाली पार्टी का समर्थन करें - भागवत              उदयपुर  2 अक्टूबर 2013। हम हिन्दू है। हिन्दुओं का देश है। हिन्दुओं की प्रतिष्ठा करने वाले दल का समर्थन करना चाहिए। जो अयोध्या में राममंदिर बनाऐगा। जो धर्मान्तरण रोकेगा। जो गौ हत्या रोकेगा। जो घुसपैठ रोकगा। जो जबरन सीमापार करेगा उसको रोकेगा। वही देश पर राज करेगा। वर्तमान में दो राजनीतिक पार्टियों का संघर्ष जारी है। एक धर्म का साथ लिए हुए है। दूसरा अधर्म का। हमें सत्य का साथ देना चाहिए। सत्य और प्रेम भगवान का स्वरूप है। जन-जन में जनार्दन को देखो। जो धर्म पर चल रहे है उन्हें स्थापित करना चाहिए। उक्त विचार मानगढ़ धाम बलिदान शताब्दी समिति, बांसवाड़ा द्वारा बेणेश्वर धाम में विराट हिन्दू धर्म सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत ने व्यक्त किए।              उन्होंने कहा कि नया भारत सामान्य जनता से उठेगा। फार्इव स्टार होटल संंस्कृति से देश में परिवर्तन नहीं होगा। झोंपडि़यों में रहने वाले गाँववासियों के माध्यम स

सुरक्षाबलों का मनोबल ऊँचा रखें : सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत

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सुरक्षाबलों का मनोबल ऊँचा रखें . डॉक्टर मोहन भागवत तिथि 29-09-2013 जम्मू  । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू-कश्मीर द्वारा आज परेड़ ग्राउंड के मिनी स्टेडियम में संघ संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में संघ के स्वयंसेवकों ने खाकी निक्कर, सफेद कमीज, काली टोपी में भाग लिया। इस अवसर बड़ी संख्या में जम्मू महानगर के अतिरिक्त जम्मू के प्रबुद्व नागरिक और महिलाएं भी उपस्थित थीं।      संघ के स्वयंसेवकों द्वारा योग, व्यायाम, सामूहिक गीत व भगवा ध्वज को प्रणाम कर संघ प्रार्थना की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत ने हाल ही में हीरानगर पुलिस स्टेशन व साम्बा सैन्य कैंप में घटी आतंकी घटना में शहीद हुए जवानों व नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। मा. भागवत जी ने सेना और सुरक्षाबलों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वह गत 67 वर्षों से अपनी कुर्बानी देकर देश व समाज की रक्षा कर रहें हैं।  उन्होंने प्रश्न पूछा कि यह संकट सैनिकों पर ही है क्या? क्या यह लड़ाई केवल वहीं लड़ेंगे ? संकट तो समाज पर है, समाज ठीक से जी सके इसलिए अपने सीने को ढा