आधार कार्ड मतदान के लिए पूर्णरूपेण अनिवार्य होना चाहिए- अरविंद सिसोदिया

आधार कार्ड किसी भी व्यक्ति के वही व्यक्ति होने की पहचान करने का सर्वाधिक सटीक और महत्वपूर्ण कार्ड होता है। इससे फर्जी वाडा रुकते हैं, एक व्यक्ति कई नामों से और कई स्थानों से लाभ प्राप्त करता है अथवा सुविधा प्राप्त करता है, उस पर गलत कार्य की संभावना भी न के बराबर हो जाती है ।

 इस विधि का संपूर्ण देश में स्वागत हो रहा है सभी बुद्धिजीवी और समझदार व्यक्ति इसे केंद्र सरकार का एक सही कदम बता रहे हैं । किंतु जो लोग अभी तक फर्जीवाड़े के दम पर ही जिंदा थे उन्हें यह बुरा लग रहा है। गलत लग रहा है और वह इसका विरोध कर रहे हैं । 

लेकिन इस तरह के विरोध की चिंता नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि समाज का, देश का  भला करने वाली नीति का स्वागत अभिनंदन  है । देश के लिए सही वोटिंग मिलना एक अच्छी बात ही  है ।

जो लोग इस सही वोटिंग का विरोध कर रहे हैं वह लोग देश के हित चिंतक नहीं हो सकते। बल्कि देश के पर अवैध रूप से, देश की सत्ता पर गलत तरीके से कब्जा करने वाले लोग माने जाएंगे। 

यह एक तरह से अपराधी वृति है और आपराधिक व्यक्ति का समर्थन नहीं किया जा सकता । 

केंद्र सरकार को अनिवार्य करना चाहिए की , मतदाता सूची अनिवार्य रूप से आधार कार्ड से जुड़े,  यह दूसरी बात है कि आधार कार्ड नंबर उसी तरह से गुप्त रहे, जिस तरह से की पासवर्ड गुप्त रहता है । और इस सावधानी के साथ मतदाता सूची को अनिवार्य रूप से आधार कार्ड से जोड़ना चाहिए । ताकि यह छल कपट और पाखंड के द्वारा जो मतदान में प्रभावित किया जाता है । उसे रोका जा सके और सही-सही परिणाम देश को और देश की जनता को दिए जा सके।
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आधार कार्ड (Aadhaar Card) को वोटर लिस्ट (Voter List) से जोड़ना अनिवार्य नहीं है। यह स्वैच्छिक है।

 यह बात सोमवार (20 दिसंबर, 2021) को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद साफ की।

 उन्होंने कहा, "चुनाव सुधार की दृष्टि से ये बहुत ही महत्वपूर्ण बिल है। अभी की प्रणाली में अगर दो जनवरी तक आपका नाम सूची में नहीं आया तो आपको एक साल इंतजार करना पड़ता था। अब इसके लिए साल में चार बार विंडो खुलेगी।"

 रिजिजू  ने कहा, "आधार कार्ड को वोटर लिस्ट के साथ जोड़ना अनिवार्य नहीं है। ये स्वैच्छिक है। ये वैकल्पिक है।

 इससे एड्रेस पता करने में मदद होगी, फर्ज़ी वोटिंग को रोकने में मदद होगी।" 

वह आगे बोले- अधिनियम (1951 के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम) में "पत्नी" शब्द को बदलकर स्पाउस(जीवनसाथी) किया है। चुनाव परिसर अधिग्रहण की सीमा का विस्तार करने के दायरे को बढ़ाया है।

आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला पहचान पत्र है। इसमें 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या छपी होती है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण जारी करता है। यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा। 

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