भाग्यनगर में होगी 5 से 7 जनवरी 2022 को अखिल भारतीय समन्वय बैठक rss

 भाग्यनगर में होगी अखिल भारतीय समन्वय बैठक

भाग्यनगर में होगी अखिल भारतीय समन्वय शिविर की बैठक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विविध संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की समन्वय बैठक अगले माह 5 से 7 जनवरी 2022 को भाग्यनगर (हैदराबाद), तेलंगाना में आयोजित हो रही है। यह अखिल भारतीय स्तर की व्यापक समन्वय बैठक वर्ष में एक बार आयोजित होती है। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत एवं सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी सहित संघ के पाँचों सह सरकार्यवाह तथा अन्य प्रमुख पदाधिकारी सहभागी होंगे।


भारतीय मज़दूर संघ के श्री हिरण्यमय पंड्या व श्री बी सुरेंद्रन, विश्व हिंदू परिषद के श्री आलोक कुमार व श्री मिलिंद परांडे, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के श्री आशीष चौहान व सुश्री निधि त्रिपाठी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे पी नड्डा व श्री बी एल संतोष तथा भारतीय किसान संघ के श्री दिनेश कुलकर्णी, विद्याभारती के श्री रामकृष्ण राव एवं श्री जीएम काशीपती, राष्ट्र सेविका समिति से वंदनीया शांतक्का तथा सुश्री अन्नदानम् सीताक्का, वनवासी कल्याण आश्रम के श्री रामचन्द्र खराडी व श्री अतुल जोग सहित कुल 36 संगठनों के पदाधिकारी इसमें सहभागी होंगे। यह संगठन शिक्षा एवं वैचारिक क्षेत्र, आर्थिक जगत, सेवा कार्य तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हैं। संघ ऐसे संगठनों में सक्रिय स्वयंसेवकों से समन्वय रखता है।
बैठक में वर्तमान परिस्थिति के संदर्भ में अपने अनुभवों को साझा करते हुए हर संगठन स्वयं के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी सभी को देंगे। पर्यावरण, परिवार प्रबोधन तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर आवश्यक कार्यों व उन्हें समन्वित प्रयासों द्वारा करने की विशेष चर्चा भी बैठक में होगी।


सुनील आंबेकर
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

कविता - हिंदू एकता

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Pandit Deendayal Upadhyaya : ' A Rashtra Dharmaa'

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू