पंजाब चुनाव से कांग्रेस व अकाली बाहर हो गये जैसा लग रहा हैbjp-plc-alliance-in-punjab

 

पंजाब चुनाव से कांग्रेस व अकाली बाहर हो गये जैसा लग रहा है


कांग्रेस की अनेकों बार नैयापार लगा चुके पंजाब के दिग्गजनेता केप्टन अमरिन्दर सिंह को किसान आन्दोलन के अपरोक्ष जनक माने जाते हैं। उनकी बडी भूमिका इसके पीछे थी। पंजाब की ही किसान कनाडा में बडी संख्या में बडी जोत की खेती करता है। उनका भी इसमें भरपूर सहयोग था। कांग्रेस को जब लगा कि पंजाब में कांग्रेस की बडी लहर है, सब दूर कांग्रेस ही कांग्रेस है। तब राहुल गांधी के बहुत ही गैर जिम्मेवार तरीके से भाजपा छोड कर कांग्रेस में गये , पाकिस्तान के इमरान खान के सखा नवज्योतसिंह सिद्धू की ताजपोशी कर केप्टन को अपमानित किया । यह ताजपोश इस तरह से लगी मानों इमरान खान को खुश करने की गई हो।

अर्थात केप्टन को अपमानित करनें और सिद्धू की ताजपोशी से ही किसान आन्दोलन की धार कमजोर हो गई थी। वास्तविक कमर टूट गई थी।

भाजपा का एक सि़द्यांत है कि जनता की बात को माना जाये, मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत कहते थे कि मुझे जनता की मांग के आगे झुकनें में सबसे अधिक आनन्द आता है। क्यों कि हम उनके सेवक है, सर्वेसर्वा नहीं ।

जब राजस्थान में जमींदारी उन्मूल कानून कांग्रेस लाई तब जनसंघ ने कांग्रेस का साथ इसीलिये दिया था कि मामला जनहित का था। वास्तविक किसान को उसका कृषि अधिकार मिल रहा था। राजस्थान जमींदारी तथा बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959 को माह नवम्बर, 1959 से प्रवृत्त किया गया। इसके अंतर्गत जमीदारी व बिस्वेदारी अधिकार समाप्त किये गये। तब जनसंघ के ज्यादातर विधायकों ने जनसंघ से इस निर्णय का विरोध किया था,पार्टी ने उन्हे बिना किसी झिझक के निकाल दिया था। किन्तु जनहित से समझौता नहीं किया था।

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी तीनों कृषि सुधार कानून यह कहते हुये वापस ले लिये कि हम आम किसान को इनके फायदे समझा नहीं पाये। जिस किसान आन्दोलन की पीठ पर सवार हो कर कांग्रेस नैयापार करना चाहती थी। वह औंधे मुंह गिर गई। माना जाता है कि इसके पीछे भी केप्टन अमरिन्दर सिंह की बडी भूमिका थी। 


पंजाब में अब कांग्रेस आपस में लड रही है। उसके पास कोई बैकअप प्लान नहीं है। वहीं केप्टन सिंह एवं भाजपा गठजोड से कांग्रेस जहां हांसिये पर चली गई वहीं शिरोमणी अकाली दल को भी बडा धक्का लगा है। पंजाबी वोट केप्टन के साथ और गैर पंजाबी वोट भाजपा के साथ । इस तरह से अब सीधी टक्कर केप्टन भाजपा गठजोड और आप पार्टी के मध्य नजर आ रहा है।  

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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बड़ा ऐलान किया है। भाजपा ने पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

दोनों पार्टियों के बीच 7 राउंड की वार्ता के बाद यह फैसला हुआ है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को एक बार फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की और इसमें भाजपा और लोक कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बात तय हो गई।

पंजाब के भाजपा प्रभारी गजेंद्र शेखावत ने इस गठबंधन के बारे में जानकारी दी लेकिन यह नहीं बताया कि दोनों पार्टियां कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। शेखावत के अनुसार सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर बाद में बात की जाएगी।

वहीं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने साफ किया कि हम टिकट जिताऊ नेताओं को देंगे। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे में बात उसके जीतने की संभावना पर ही होगी।


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