कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा बनाम टूटती कांग्रेस

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा बनाम टूटती कांग्रेस 


निश्चित रूप से लंबी और काफी गहन मनन के बाद कांग्रेस सभी फायदों के लिये सड़क पर भारत जोड़ो यात्रा के रूप में उतरी है । वह मुख्यतः दक्षिण भारत में कांग्रेस को मजबूत कर , राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में मजबूती की कोशिश कर रही है । 

मगर अभी तक परिणाम उल्टे ही रहे, गोआ में कांग्रेस विधायक भाजपा में चले गए, कई अन्य प्रदेशों में कुछ कांग्रेसी भाजपा में सम्मिलित हो गये हैं । जिससे कांग्रेस की छवि धूमिल हुई है।

सबसे बड़ा धक्का कांग्रेस को राजस्थान में नेहरू परिवार के अत्यंत विश्वसनीय अशोक गहलोत ने दिया । नेहरू परिवार जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर कांग्रेस सौंप रहा था । उसी नें विद्रोह का वह तांडव नृत्य किया कि कांग्रेस स्तब्ध रह गई । 90 के लगभग विधायक कांग्रेस हाई कमान के विरुद्ध हो गये । 

इस घटनाक्रम का पहला परिणाम अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ से बाहर होने के रूप में सामने आया। अब कांग्रेस हाई कमान को डर है कि राजस्थान में महाराष्ट्र जैसा कुछ घटित न हो जाये । कहीं अशोक गहलोत भाजपा से मिल कर गैर कांग्रेसी सरकार न बना लें ।

अब कांग्रेस पहली प्राथमिकता राजस्थान बचाना होगा । इसके लिये वह कड़वा घूट पी कर भी गहलोत को ही सहन करेगी । 

यदि कांग्रेस नें गहलोत को छेड़ा तो, राजस्थान भी कांग्रेस के हाथ से गया मानो ।

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