नीतीश,अब बिहार से गेट आऊट मुख्यमंत्री - अरविन्द सिसौदिया

नीतीश,अब बिहार से गेट आऊट मुख्यमंत्री - अरविन्द सिसौदिया

नीतीश,अब बिहार से गेट आऊट मुख्यमंत्री - अरविन्द सिसौदिया

पलटू चाचा अब बिहार में तुम्हारा कोई काम नहीं ....!

नीतीश कुमार आज अर्थात 5 सितंबर 2022 को दिल्ली आ रहे हैं । वे दिल्ली आकर सभी विपक्षी दलों को एकजुट करेंगे । प्रधानमंत्री बनने के सपनें सँजोये मई 2024 तक जो जीना है ।

यूं भी भाजपा उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनानें वाली नहीं थी, मुख्यमंत्री दुबारा अब आना नहीं था सो pm की जोर आजमाइश में क्या नुकशान । यूँ भी वे मुख्यमंत्री लायक कभी नहीं थे, मगर वक्त जरूरत वे मुख्यमंत्री बनें भी और खूब बनें । लाटरी लग जाये ! मुंगेरीलाल के हसीन सपनें देखनें में हर्ज क्या है ।

दिल्ली आना नीतीश को लाभ का ही सौदा है, बिहार में अब उनके लिए कुछ नहीं बचा है । बिहार में उनका मालिक लालूप्रसाद यादव है और बिहार का असली मुख्यमंत्री भी तेजस्वी यादव है । सो इज्जत बचानें पलटू चाचा को दिल्ली आना ही था ।

वे विपक्ष को एक जुट करनें तो चले हैं मगर असली समस्या यह है कि वे विपक्ष में भी कब तक रहेंगे ? क्यों कि उनका मन हर छह महीनें में पलटता रहता है । पता नहीं मई 2024 तक वे किस किस को साथ दें और किस किस की पीठ में छुरा घोंप दें । 

कुछ साल पहले ही लालूप्रसाद यादव ने नीतीश कुमार को पीठ में छुरा भौंकेन वाला बताया था।
 
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Bihar : 2014 में चली थी मोदी लहर
2014 के लोकसभा चुनाव में यहां मोदी लगह देखी गई थी. 40 सीटों में 22 सीटें अकेले बीजेपी को मिली थी. वहीं, 6 सीटें सहयोगी दल राम विलास पासवान के एलजेपी को मिली थी. एक और सहयोगी दल आरएलएसपी ने यहां से 3 सीटें जीती थीं. यानी एनडीए को कुल 31 सीटें हासिल हुई थीं. वहीं जेडीयू को 2, कांग्रेस को 2, लालू यादव के आरजेडी को 4 और एनसीपी को 1 सीट मिली थी.

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