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आतंकवाद को संवेदनशीलता से ले विश्व : नरेन्द्र मोदी

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आतंकवाद को संवेदनशीलता से ले विश्व : नरेन्द्र मोदी बर्लिन, एजेंसी 14-04-15 अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद को परमाणु प्रसार के समान ही संवेदनशीलता के साथ लिए जाने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा किया और कहा कि विश्व को आतंकवादियों को शरण देने वाले देशों पर सामूहिक रूप से दबाव बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र में लंबित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र समझौते (सीसीआईटी)  को इस वर्ष विश्व संगठन की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर अंतिम रूप दिए जाने की भी पुरजोर वकालत की। सीसीआईटी का मकसद अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबले के लिए सहयोग को मजबूती प्रदान करना है। जर्मन चांसलर एंजला मर्केल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि मानवता में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों को एक आवाज में बोलना चाहिए और इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को तेज करना चाहिए। दोनों नेताओं ने इससे पूर्व आतंकवाद के खतरे पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोद...

नेता जी की विमान दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी - गनर जगराम

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नेताजी की मौत विमान दुर्घटना में नहीं बल्कि रूसी शासन द्वारा उनकी हत्या की गयी  नेहरू के कहने पर रूस के तानाशाह स्टालिन ने किया - जगराम ( नेताजी के गनर )  सौजन्य से : दैनिक जागरण जंगे-ए -आजादी के महानायक रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निजी गनर रहे वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी जगराम ने खुलासा किया है कि नेता जी की विमान दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी, उनकी हत्या कराई गई होगी। उनका कहना है कि यदि विमान हादसे में उनकी मौत होती तो कर्नल हबीबुर्रहमान जिंदा कैसे बचता। वह दिन रात साये की तरह नेताजी के साथ रहता था। आजादी के बाद कर्नल पाकिस्तान चला गया था। सौ फीसद आशंका है कि नेताजी को रूस में फांसी दी गई थी। ऐसा नेहरू के कहने पर रूस के तानाशाह स्टालिन ने किया होगा। 93 वर्षीय जगराम ने बताया कि हिरोशिमा एवं नागासाकी पर बमबारी के चार साल बाद चार नेताओं को युद्ध अपराधी घोषित किया गया था। इनमें जापान के तोजो, इटली के मुसोलिनी, जर्मनी के हिटलर एवं भारत के नेताजी सुभाषचंद्र बोस शामिल थे। तोजो ने छत से कूदकर अपनी जान दे दी थी। मुसोलिनी को पकड़कर मार दिया गया और हिटलर ने...

भाजपा महासंपर्क अभियान : सौ करोड़ भारतवासियों से महासंपर्क अभियान

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       दस करोड़ से बनेंगे सौ करोड़ सदस्य, मई से शुरू होगा भाजपा का महासंपर्क अभियान  नई दिल्ली । लगभग दस करोड़ सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा एक मई से नए सदस्यों को अपनी विचारधारा से जोड़ने और कार्यकर्ता बनाने के काम में जुटेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसकी घोषणा करते हुए यह आशा भी जताई कि पार्टी इन दस करोड़ सदस्यों के साथ सौ करोड़ जनता तक पहुंचेगी और विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देगी। यह अभियान मई से शुरू होकर जुलाई तक चलेगा। उसके बाद प्रशिक्षण अभियान और साल के अंत तक संगठनात्मक चुनाव। शाह ने सोमवार को महासंपर्क अभियान कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी कभी दस लोगों ने मिलकर बनाई थी वह अब दस करोड़ के पार जाने वाली है। जाहिर है कि जनता का भाजपा में भरोसा है। केंद्र में मोदी सरकार के कामकाज ने जनता के विश्वास को और बढ़ाया है। लेकिन अब उन नए सदस्यों तक पहुंचना जरूरी है। लिहाजा एक मई से कार्यकर्ता पार्टी से संबंधित दर्शन की जानकारी लेकर नए सदस्यों तक पहुंचेंगे। पार्टी की विचारधारा बताएंगे और कोशिश करें...

इंटरनेशनल हिन्दी केन्द्र अमेरिका में स्थापित होगा

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अमेरिका में स्थापित होगा इंटरनेशनल हिन्दी केन्द्र sanjeevnitoday.com Sunday, April 12, 2015 http://www.sanjeevnitoday.com न्यूयॉर्क। हिंदी को एक वैश्विक भाषा के रूप में बढ़ावा देने के लिए यहां पास में एक 'हिंदी केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है। यह केंद्र एक अकादमिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा और भारतीय एवं अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रमों को सुगम बनाएगा। महावाणिज्य दूत ज्ञानेश्वर मुले ने गत सप्ताह न्यू जर्सी स्थित रगर्स विश्वविद्यालय के भवन में आयोजित दूसरे इंटरनेशनल हिंदी समिट  में जुटे शिक्षाविदों, कारोबारियों, जन अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं को भारत सरकार की ओर से इंटरनेशनल हिंदी केंद्र के लिए समर्थन का विश्वास दिया है। सम्मेलन आयोजित करने वाले हिंदी संगम फाउंडेशन के प्रबंधक ट्रस्टी अशोक ओझा ने कहा कि यह केंद्र हिंदी को एक वैश्विक भाषा के रूप में प्रोत्साहित करने पर आधारित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के जीवंत केंद्र के रूप में काम करेगा। केंद्र के लिए धन एकत्रित करने के काम में अपने सहयोग का विश्वास दिलाते हुए मुले ने बोला है कि ...

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही हमारा मूल विचार

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही हमारा मूल विचार है लेखक- हृदयनारायण दीक्षित http://sumansourabh.blogspot.in/2009/01/blog-post_15.html हिन्दुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर राष्ट्रीय अन्तर्मंथन जारी है। भारत के राष्ट्रजीवन के लिए यह देवासुर संग्राम जैसा सागरमंथन है। भारत सनातन काल से तत्तव खोजी, सत्य अभीप्सु राष्ट्र है। तर्क, प्रतितर्क, विचार विमर्श हमारे राष्ट्रजीवन की सनातन परम्परा है। तर्क-प्रतितर्क की लोकतंत्री व्यवस्था को जन्म देने का स्वयंभू दावा करने वाला पश्चिमी जगत भी जानता है कि लोकतंत्र भारत का सहज स्वभाव है। पश्चिम का जनतंत्र राजतंत्र की प्रतिक्रिया से आया। भारतीय लोकतंत्र भारत का सहज स्वभाव है और स्वभाव हिन्दुत्व का प्राण है। आज हिन्दुत्व के आयामों पर मजेदार बहस जारी है। मसलन अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दुत्व क्या है? लालकृष्ण आडवाणी और वाजपेयी के हिन्दुत्व में फर्क क्या है? नरेन्द्र मोदी और विनय कटियार के हिन्दुत्व की दिशा क्या है? क्या अशोक सिंहल और प्रवीण तोगड़िया का हिन्दुत्व किसी और तरह का है? यो प्रागदर्शन में बहस के ये आयाम राजनीतिक हैं। पर हमारे राष्ट्रजीवन में ऐसी बहसे...

इस्लाम के सम्बन्ध में स्वयं बाबा साहब अम्बेडकर के विचार

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इस्लाम के सम्बन्ध में स्वयं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के विचार Aug 21 Posted by Fan of Agniveer (सभी उद्धरण बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाड्‌मय, खंड १५-‘पाकिस्तान और भारत के विभाजन, २००० से लिए गए हैं) Posted by डॉ. जय प्रकाश गुप्त https://agniveerfan.wordpress.com/2011/08/21/muslim-dalit/ मुस्लिमों के कथित दलित-प्रेम का भंडाफोड ..इस्लाम के सम्बन्ध में स्वयं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के विचार — १. हिन्दू काफ़िर सम्मान के योग्य नहीं-”मुसलमानों के लिए हिन्दू काफ़िर हैं, और एक काफ़िर सम्मान के योग्य नहीं है। वह निम्न कुल में जन्मा होता है, और उसकी कोई सामाजिक स्थिति नहीं होती। इसलिए जिस देश में क़ाफिरों का शासनहो, वह मुसलमानों के लिए दार-उल-हर्ब है ऐसी सति में यह साबित करने के लिए और सबूत देने की आवश्यकता नहीं है कि मुसलमान हिन्दू सरकार के शासन को स्वीकार नहीं करेंगे।” (पृ. ३०४) २. मुस्लिम भ्रातृभाव केवल मुसलमानों के लिए-”इस्लाम एक बंद निकाय की तरह है, जो मुसलमानों और गैर-मुसलमानों के बीच जो भेद यह करता है, वह बिल्कुल मूर्त और स्पष्ट है। इस्लाम का भ्रातृभाव मानवता का भ्रातृत्व न...

प्रबल राष्ट्रवादी : भीमराव अम्बेडकर

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प्रबल राष्ट्रवादी : भीमराव अम्बेडकर प्रभात कुमार रॉय (पूर्व प्रशासनिक अधिकारी) बाबासाहेब डा.अम्बेडकर एक अत्यंत प्रखर देशभक्त और प्रबल राष्ट्रवादी थे। 23 मार्च 1940 को मुस्लिम लीग ने भारत का विभाजन करके पाकिस्तान निर्मित करने कै प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव के पश्चात बाबासाहेब डा.अम्बेडकर की एक पुस्तक ऑन पार्टिशन प्रकाशित हुई। इस प्रभावशाली और विचार उत्तेजक पुस्तक को पढ़कर ज्ञात होता है कि डा.अम्बेडकर कितने जबरदस्त राष्ट्रवादी थे। ऑन पार्टिशन के बाद डा.अम्बेडकर की पुस्तक थाट्स ऑन पाकिस्तान प्रकाशित हुई जिसने कि एक बार पुनः प्रखर देशभक्त के विचारों से अवगत कराया।  भारत की राजनीतिक एकता को मूर्तरुप देने का जैसा शानदार कार्य सरदार पटेल ने अंजाम दिया, उसी कोटि का अप्रतिम कार्य राष्ट्र की सामाजिक एकता को शक्तिशाली बनाने की खातिर डा.अम्बेडकर द्वारा किया गया। अपनी चेतना के उदय से अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक इंसान-इंसान के मध्य भाईचारे का सूत्रपात करने और समानता की लहर प्रवाहित करने में डा.अम्बेडकर जुटे रहे। प्रजातंत्र और समानता उनके लिए पर्यायवाची शब्द कदाचित नहीं रहे। उनके अनुसा...

भीमराव अंम्बेडकर : राष्ट्रवादी चरित्र

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राष्ट्रवादी चरित्र  डॉ भीमराव अंम्बेडकर Manak Chand Maloo की Facebook से तुम चाहते हो कि भारत कश्मीर की सीमाओं की रक्षा करे, सड़कें बनाए, अन्न की आपूर्ति करे और कश्मीर का दर्जा भारत के ही बराबर हो। और भारत सरकार के पास सीमित ताकत हो। भारतीयों के कश्मीर में कोई अधिकार न हों। मैं भारत का विधिमंत्री हूं। मुझे भारत के हितों की रक्षा करनी है। मैं तुम्हारे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकता।' डॉ़ आंबेडकर के ये ठोस शब्द सुनकर शेख अब्दुल्ला का दिल बैठ गया। पंडित नेहरू ने अब्दुल्ला को तत्कालीन विधिमंत्री डॉ़ आंबेडकर के पास भेजा था ताकि धारा 370 के प्रस्ताव को हकीकत में बदला जा सके। शेख अब्दुल्ला ने बातचीत की विफलता की सूचना पं. नेहरू को दी तो नेहरू ने शेख को गोपाल स्वामी आयंगर के पास भेजा। आयंगर ने सरदार पटेल से सहायता की याचना की क्योंकि धारा 370 को नेहरू ने अपनी नाक का सवाल बना लिया था। आखिरकार नेहरू की जिद को रखते हुए धारा 370 के प्रस्ताव को पारित करा लिया गया। अपनी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद को आधार बना कर देश के महत्वपूर्ण फैसले करने वाले और नीतियों से ज्यादा व्यक्तित्वों को मान्यता दे...

मोदी ने प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों को दी श्रद्धांजलि

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PM मोदी ने प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए  भारतीय जवानों को दी श्रद्धांजलि Last Updated: Saturday, April 11, 2015 http://zeenews.india.com लिली (फ्रांस) : प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान फ्रांस के पक्ष में लड़ते हुए अपनी जान न्योछावर करने वाले लगभग 10 हजार भारतीय जवानों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां श्रद्धांजलि दी। मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो शहीदों को श्रद्धांजलि देने फ्रांस स्थित इस युद्ध स्मारक आए। मोदी शनिवार को न्यूवे शपेल स्थित शहीद स्मारक गए और श्रद्धासुमन अर्पित किए। यहां स्मारक के अधिकारियों ने उन्हें इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने यहां आगंतुक पुस्तिका में लिखा, ‘शहीद होने पर स्वर्ग मिलेगा। विजयी होने पर संसार का आनंद मिलेगा। मैं यहां न्यूवी शापेल में भारतीय स्मारक में भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’ मोदी ने कहा, ‘हमारे सैनिक इस महान युद्ध में विदेशी जमीन पर लड़े और अपने समर्पण, वफादारी, साहस और बलिदान के लिए दुनियाभर में सराहना प्राप्त की। मैं उनका नमन करता हूं।’ प्रधानम...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने दी किसानो को ऐतिहासिक राहत

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नरेन्द्र मोदी सरकार ने दी किसानो को ऐतिहासिक राहत कोटा 08 अप्रैल। भाजपा कोटा शहर जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय, वरिष्ठ भाजपा नेता अरविन्द सिसोदिया, कोटा देहात जिला अध्यक्ष जयवीरसिंह अमृतकुआ एवं पूर्व जिला अध्यक्ष प्रहलाद पंवार आदि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किसानों को राहत देने के लिये उठाये कदमों का स्वागत करते हुये कहा ” यह देश के इतिहास में किसानों के हित के लिये उठाया गया सबसे बड़ा ऐतिहासिक कदम है। “ उन्होने कहा ” किसानों पर प्राकृतिक आपदा और फसलों के खराबे का सिलसिला तो अनादी काल से चल रहा है। मगर कभी भी किसानों के हित के लिये इतना बड़ा काम नहीं हुआ। विगत दस वर्षों में कांग्रेस के मनमोहनसिंह राज में किसान लगातार परेशान रहा , आत्म हत्यायें करता रहा और प्राकृतिक आपदा ग्रस्त रहा मगर उनके कान पर कभी जूं तक नहीं रेंगी थी। अब उन्हे किसानों में भय उत्पन्न करना बंद कर देना चाहिये।“ सीसौदिया ने बताया कि ” अभी तक 50 प्रतिशत से ज्यादा फसल नुकसान होने पर मुआवजा मिला करता था लेकिन अब मोदी सरकार ने तय किया है कि 33 फीसदी फसल का नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही किसानों ...

धर्मान्तरण अनीश्वरीय अपराध है – इन्द्रेश कुमार

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धर्मान्तरण अमानवीय, अलोकतांत्रिक और अनीश्वरीय अपराध है – इन्द्रेश कुमार कुशलगढ़ (विसंकें). राजस्थान के प्रवेश द्वार कुशलगढ़ में देश के ख्यातनाम संतों और राष्ट्रीय चिंतकों के सानिध्य में असंख्य लोगों ने स्वधर्म में बने रहने दुर्व्यसनों का त्याग करने, अपने गांवों को रूद्राक्ष गांव बनाने की वचनबद्धता व्यक्त करते हुए राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् की प्रेरणा से एक से पांच अप्रैल के मध्य आयोजित रूद्राक्ष महाभिषेक में भाग लिया. वैदिक ऋचाओं के बीच सवा लाख रूद्राक्ष से निर्मित पांच फीट उंचे शिवलिंग पर अनुष्ठान के दौरान वेदज्ञ विप्रवरों के सानिध्य में महाभिषेक के दौरान 108 दम्पतियों ने रूद्राक्ष शिवलिंग पर अभिषेक किया. जिसमें राजस्थान सहित मध्यप्रदेश और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेते हुए पूर्णाहुति पर उमड़ी जनगंगा में श्रद्धालुओं ने हाथ खड़े कर पांच संकल्पों में वृक्षों की रक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन, शिक्षा से वंचितों को सरस्वती के मंदिरों तक पहुंचाने, दुर्व्यसनों को त्यजने, धर्म संस्कृति और परमपराओं पर दृढ़ रहते हुए धर्मान्तरण कर गये समाज बन्धुओं को स...

राष्ट्रीयता से समझौता नहीं : प्रो. राकेश सिन्हा

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भोपाल (विसंकें). दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं नीति प्रतिष्ठान के संचालक प्रो राकेश सिन्हा ने कहा कि जब-जब चिंतन और विमर्श की बात हुई तो एक तरफा चिंतन हुआ, जबकि डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार ने जो बीज बोया था, वह अब पेड़ बन गया है, क्योंकि उन्होंने कभी भी संबंधों के नाम पर राष्ट्रीय विचारधारा से समझौता नहीं किया. वह समन्वय भवन में आयोजित व्याख्यानमाला के दूसरे एवं समापन दिवस पर संबोधित कर रहे थे. श्री उत्तमचंद इसराणी स्मृति न्यास द्वारा डॉ हेडगेवार: एक शाश्वत विचार विषय पर आयोजित व्याख्यान की श्रृंखला में प्रो सिन्हा ने अनेक अनछुए पहलुओं को उजागर किया और डॉ हेडगेवार की राष्ट्रवादी आत्मा को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ऐसा संगठन है, जिसके बारे में लोग सुनीसुनाई बातें कहते हैं, लेकिन संघ को वास्तव में समझना है तो संघ में आना होगा. उन्होंने वर्धा कैंप का उदाहरण देते हुए बताया कि जब देश में आंदोलन चल था, और गांधीजी अपना हरिजन आंदोलन चला रहे थे, उसी दौरान वर्धा कैंप में वे जमनालाल बजाज के साथ पहुंचे. जब उन्होंने किसी एक से उसकी जाति पूछी...

यही जिंदगी हे !

यही जिंदगी हे     ! - वर्षा साहनी ( फेसबुक वाल से ) ज़िंदगी के 20 वर्ष हवा की तरह उड़ जाते हैं. फिर शुरू होती है नौकरी की खोज .  ये नहीं वो , दूर नहीं पास . ऐसा करते 2-3 नौकरीयां छोड़ते पकड़ते , अंत में एक तय होती है. और ज़िंदगी में थोड़ी स्थिरता की शुरूआत होती है. और हाथ में आता है पहली तनख्वाह का चेक , वह बैंक में जमा होता है और शुरू होता है अकाउंट में जमा होने वाले कुछ शून्यों का अंतहीन खेल. इस तरह 2-3 वर्ष निकल जाते हैँ  .  'वो' स्थिर होता है. बैंक में कुछ और शून्य जमा हो जाते हैं. इतने में  आयु पच्चीस वर्ष हो जाते हैं. विवाह की चर्चा शुरू हो जाती है. एक खुद की या माता पिता की पसंद की लड़की से यथा समय विवाह होता है और ज़िंदगी की राम कहानी शुरू हो जाती है. शादी के पहले 2-3 साल नर्म , गुलाबी , रसीले और सपनीले गुज़रते हैं .  हाथों में हाथ डालकर बातें और रंग बिरंगे सपने . पर ये दिन जल्दी ही उड़ जाते हैं. और इसी समय शायद बैंक में कुछ शून्य कम होते हैं. क्योंकि थोड़ी मौजमस्ती, घूमनाफिरना , खरीदी होती है. और फिर धीरे से बच्चे के...

संघ के माननीय विभाग संघचालक श्री तैलंग जी ने हजारों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया

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पुण्य स्मरण - श्री तैलंग ने हजारों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया - अरविन्द सिसोदिया    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक माननीय प्रभाषचन्द्र तैलंग की पुण्यतिथि पर पुण्य स्मरण - “ दादा के नाम से सब दूर लोकप्रिय , हमारे प्रेरणा स्त्रोत स्व0 प्रभाषचन्द्र जी तेलंग 7 अप्रेल 2015 को हम सभी के बीच से देवलोक गमन कर गये थे। उनकी पुण्य स्मृति हमें सहज ही शोकमग्न कर देती है। उनके जैसा स्वभाव, सहजता और सृदृड़ता की कोई शानी नहीं है। उनके आसपास भी किसी को हम नहीं पाते है। सहज ही आंखें भर आती हैं। भारतमाता इस महान सपूत को गोधरा नृशंस हत्याकाण्ड के दिन बहुत ही व्यथित अवस्था में मेनें देखा है।  हिन्दू समाज की कमजोरियों को दूर करनें और उसे स्वाभिमान से भरने की दिशा में दादा ने विराट काम किया है। हजारों स्वयंसेवक और समाज बन्धुओं को भारतमाता की सेवा हेतु प्रेरित किया। उन जैसा कोई लाखों करोडों में एकाध ही होता है। मन यही कहता है कि दादा देव लोक में बैठनें वाले नहीं हैं, वे किसी न किसी अन्य स्वरूप में भारत माता की सेवा में फिर से जुटे हुये होंगे । ‘‘श्री तैलंग जी  ने पूरा जीवन ...

विश्व की समस्याओं के निराकरण के लिये भारतीय विचारों का प्रसार जरूरी – परमपूज्य भागवत जी

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विश्व की समस्याओं के निराकरण के लिये भारतीय विचारों का प्रसार जरूरी – डॉ मोहन जी भागवत कोलकत्ता (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन जी भागवत ने कहा कि यदि सत्य का उद्घाटन भगवाकरण है तो भगवाकरण होना चाहिये. दीनानाथ बत्रा जी भ्रमित लोगों के भ्रम दूर करने तथा कुटिल लोगों के षडयंत्रों का पर्दाफाश करने का प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विश्व की तमाम समस्याओं के निराकरण के लिये भारतीय विचारों का प्रसार जरूरी है. कालांतर में सुनियोजित तरीके से लोगों के दिलो दिमाग से विचारों को मिटाने का प्रयास किया गया, हमारी प्रज्ञा नष्ट करने के लिये शिक्षा पद्धति को विकृत किया गया. सरसंघचालक जी बुधवार 01 अप्रैल शाम को कोलकत्ता के कलामंदिर सभागार में बड़ा बाजार कुमारसभा पुस्तकालय के तत्वाधान में आयोजित डॉ हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. सम्मान समारोह में शिक्षाविद् एवं शिक्षा बचाओ आंदोलन के प्रणेता दीनानाथ बत्रा को 26वें डॉ हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान से नवाजा गया. कुमारसभा की ओर से सरसंघचालक जी, डॉ मुरली मनोहर जोशी ने बत्रा जी को शाल, मान पत्र, व प्रोत...