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भगवा संस्कृति ही, भारत का परम् सत्य है - अरविन्द सिसोदिया

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लेख शासन में ”स्वराष्ट्रबोध“ ही महत्वपूर्ण भगवा संस्कृति ही, भारत का परम् सत्य है - अरविन्द सिसोदिया [ कोटा , राजस्थान ] भाजपा की स्वराष्ट्रबोध की विचारधारा, जिसका अर्थ यह देश मेरा है, इस देश के निवासी मेरे हैं, के भाव को कांग्रेस एवं तथाकथित सेक्युलर मण्डली, भगवा आतकंवाद कह कर चीखती चिल्लाती रही, इनके द्वारा इस देश की मूल भगवा संस्कृति को इस तरह अपमानित किया गया जैसे भगवा कोई अपराध हो, अनैतिकता हो। किन्तु पूरे देश ने भाजपा को ही लोकसभा 2014 में शासन के लिये पूर्ण बहूमत से चुन लिया ! पूर्ण बहूमत के साथ ही बहुत सम्मानजन संख्या राजग गठबंधन को दी, 1984 के बाद पहलीबार किसी दल को लोकसभा में पूर्ण बहूमत मिला। कांग्रेस की भारी पराजय का मूल कारण इसके नेतृत्व का बाहरी संस्कृति और विदेश का निवासी होने से, भारत की मूल संस्कृति, सभ्यता और समाज को नहीं समझपाना था। भारत के स्वंय के स्वहितों की उपेक्षा अर्थात ”स्वराष्ट्रबोध“ की उपेक्षा ने कांग्रेस को तथाकथित सेक्युलर मण्डली सहित धो डाला ।  जो - जो दल इसे भगवा ब्रिगेड , साम्प्रदायिक पार्टी या अन्य तरह के आरोप मढ़ते थे, सभी हांसिये पर प

हमारा भविष्य अपने हाथो मे है - परम पूज्य मोहन जी भागवत

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माननीय सरसंघचालक जी का कहना है कि सच्ची स्वतंत्रता तब जब स्वधर्म और स्वदेश से जुड़ें ! ----- मनुष्य सच्चे अर्थो मे स्वतंत्र तब होता है जब वह स्वधर्म और स्वदेश को देखता-ः परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन जी भागवत आदिवासी तीरकबान के साथ प्रसंन्न मुद्रा मे परम पूजनीय  सरसंघचालक मोहन जी भागवत झाबुआ। बाहर से जितना और जैसा प्रायश होता है उतना ही काम होता है लेकिन भवन मे ऐसा नही होता जैसे पानी की प्रवृती ही ऐसी है की उष्णता मिलते ही वह भाप बन कर उड जाता है एक जगह नही ठहरता है। इसी प्रकार अन्दर की उर्जा से जो काम होते है और जहां होते है वह अपना भवन उक्त बात परम पूज्य सर संघचालक मोहन जी भागवत ने वनवासी अंचल झाबुआ जिले मे दत्ताजी उननगावंकर द्वारा निर्मति संघ कार्यालय जागृती के लोकर्पण पर उपस्थित कार्यकर्ता और गणमान्य नगारीको को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर दत्ताजी उननगावकर ट्रस्ट के अध्यक्ष रामगोपाल जी वर्मा ने ट्रस्ट के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की इस निर्माण कार्य मे जिले के सभी स्वयंसेवको ने दिन रात अथक प्रयश किया और समाज ने भी बडे उत्साह के साथ सहयोग दिया।  कार्यक्

हिंदुओं एकता सभी समस्याओं का समाधान : परम पूज्य डा. मोहन भागवत जी

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हिंदुओं की एकता सभी समस्याओं का समाधान : सरसंघचालक परम पूज्य डा. मोहन भागवत जी ककाडकुई (भरूच). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदुओं को संगठित करने का कार्य यदि इसी गति से चलता रहा तो वर्ष 2025 तक भारतीय समाज और भी संगठित हो जायेगा. उन्होंने कहा, “भारत में हिंदुओं की एकता, देश की सभी आंतरिक और बाह्य समस्याओं का समाधान है. दुनिया के जिस किसी भी देश की धरती पर हिंदू गये, उन्होंने शांति व सौहार्द का प्रचार किया. दूसरी ओर, जिन्होंने भारत माता से अलग रहने का निर्णय लिया, वे आज कष्टमय जीवन जी रहे हैं. पाकिस्तान, तिब्बत, म्यांमार, श्री लंका, नेपाल और बंगलादेश की स्थिति से हम सभी अवगत हैं. इन देशों के लोगों की बेहतरी के लिये उनको भारत के निकट आने की आवश्यकता है.” सरसंघचालक ने उक्त विचार 29 जून को भरूच जिले में नेत्रांग तालुका के ककाडकुई ग्राम में विद्या भारती के नवनिर्मित छात्रवास भवन के उद्घाटन से पूर्व कुछ लोगों से बातचीत के दौरान व्यक्त किये. भरूच और सूरत से सरसंघचालक से मिलने आए इन लोगों ने उनसे समान नागरिक संहिता, संविधान के अनुच्छेद 370 और पूर

प्रोफेशनल तरीके से मारा गया सुनंदा को - सुब्रह्मण्यम स्वामी

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स्वामी बोले - प्रोफेशनल तरीके से मारा गया सुनंदा को, स्वास्थ्य मंत्री ने तलब की रिपोर्ट aajtak-in [Edited By : अमरेश सौरभ।  नई दिल्ली, 2 जुलाई 2014 पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला धीरे-धीरे और सुलगता नजर आ रहा है. एक ओर खुद शश िथरूर ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पोस्टमार्टम को लेकर एम्स से रिपोर्ट मांगी है. इस बीच, इस मामले में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि उन्हें नई जानकारियों को लेकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ. स्वामी ने कहा, श्सुनंदा की बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से हत्या की गई. इस मामले की विस्तार से जांच होनी चाहिए.श् सुनंदा पुष्कर की मौत की मिस्ट्री पर शशि थरूर ने यह कहकर कोई टिप्पणी करने से इनकर कर दिया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता का आरोप है कि उन पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को बदलने का दबाव था. डॉ. हर्षवर्धन ने स्वीकार किया कि उन्हें सुधीर गुप्ता की चिट्ठी मिली है. स्वास्थ्य मंत्री ने इस बाबत एम्स से

सुनंदा पुष्‍कर : 'पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट बदलने का था दबाव'

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हमारा पहले ही दिन से शक हे कि सुनंदा की हत्या हुई है । सुनंदा को भी हत्या का डर था इसी से वह घर से होटल आई थी । इस पूरे प्रकरण में सोनिया गांधी सहित तमाम जाँचें होनी चाहिए । शशि थरूर को तुरंत गिरिफ्तार किया जाना चाहिए !  इसे ईसाई होने का फायदा मिला था , आशंका यह हे कि  ईसाई सोनिया गांधी के इशारे  पर ये बचे हैं । ------- सुनंदा पुष्‍कर की मौत मामले में बड़ा खुलासा: 'पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट बदलने का था दबाव' aajtak.in [Edited By: महुआ बोस] | नई दिल्‍ली, 01 जुलाई 2014 पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्‍नी सुनंदा पुष्‍कर की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. एम्‍स के फॉरेंसिक विभाग के हेड का आरोप है कि उन पर पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट को बदलने का दबाव था. डॉ. सुधीर गुप्‍ता ने इसकी शिकायत सीवीसी से की है. यही नहीं शिकायत स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय को भी भेजी गई है. डॉक्‍टर गुप्‍ता का आरोप है कि सुनंदा की मौत को सामान्‍य बताए जाने का दबाव बनाया गया था. उन्‍हें वह पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं सौंपने दी गई, जिसमें उनकी मौत की वास्‍तविक स्थिति थी. आपको बता दें कि सुनंदा पुष्‍कर का शव 14