87 हजार श्रद्धालुओं ने किया नीलकंठ में जलाभिषेक



नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश

Neelkanth Mahadev Temple 
नीलकंठ महादेव मंदिर
temple dedicated to Nilkanth (Lord Shiva).The temple is situated
at 32 kms from Rishikesh

नीलकंठ महादेव मंदिर-
लगभग 5500 फीट की ऊंचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया गया था। विषपान के बाद विष के प्रभाव के से उनका गला नीला पड़ गया था और उन्हें नीलकंठ नाम से जाना गया था। मंदिर परिसर में पानी का एक झरना है जहां भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्थान करते हैं।

87 हजार श्रद्धालुओं ने किया नीलकंठ में जलाभिषेक
Date:Monday,Jul 14,2014 जागरण संवाददाता, ऋषिकेश :


श्रावण मास के पहले सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर में रात्रि 10 बजे तक 87 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पंचक काल को देखते हुए देर रात मंदिर से भीड़ छंट गई थी।
सोमवार से श्रावण मास की नीलकंठ यात्रा का शुभारंभ हुआ। बीती रात से ही कांवड़ियों का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान महादेव के विशेष श्रृंगार के बाद रात्रि 12 बजे सोमवार लगते ही मंदिर को दर्शनार्थ खोल दिया गया। प्रथम जलाभिषेक के लिए सैकड़ों कांवड़िये वहां मौजूद थे। सुबह होते ही मंदिर में भीड़ बढ़नी शुरू हुई थी। दोपहर दो बजे तक मंदिर से डेढ़ किलोमीटर पीछे तक श्रद्धालुओं की लाइन लग गई थी। सायं पांच बजे तक करीब 82900 श्रद्धालु नीलकंठ में जलाभिषेक कर चुके थे। रात्रि आठ बजे यह आंकड़ा 85800 तक पहुंच गया था। रात्रि 10 बजे तक 87000 श्रद्धालु नीलकंठ महादेव को जल चढ़ा चुके थे। सोमवार रात्रि 10:40 से पंचक लगने के कारण मंदिर से भीड़ छंट गई। भीड़ पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही थी। अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चौहान, सीओ श्रीनगर सीएल तितरियाल, प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह मंदिर परिसर में ही जमे थे। पूरा क्षेत्र केसरिया रंग में रंग चुका था। प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी डीपी सिंह, तहसीलदार सुभाष चंद्र ध्यानी आदि ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

महाबलिदानी राजा मोरध्वज : जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन का अभिमान तोड़ा

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारत का युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया

"जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है"।

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

राजीव दीक्षित :ह्रदय के अन्तमः तल से हार्दिक श्रधान्जली...!

विष्णु पुराण के अनुसार काल-गणना vishnu puran kal ganana

बूंदी रियासत के पराक्रमी शासक, Bundi State

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

गोवा का कुख्यात 'हाथ काटरो खम्भ' ईसाई मिशनरियों की बर्बरता का प्रतीक है