मरणासन्न अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी है यह बजट : नरेंद्र मोदी



मरणासन्न अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी है यह बजट : मोदी
भाषा | Jul 10, 2014

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के पहले आम बजट को 'मरणासन्न अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी' करार दिया है। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार भारत को संकट से बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश करेगी और ऐसा करके भी दिखाएगी। उन्होंने कहा कि यह विश्वास उन्हें 125 करोड़ भारतीयों की क्षमता और ताकत की वजह से है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली को उनके पहले बजट के लिए बधाई देते हुए मोदी नेे कहा कि इस बजट ने जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को विश्वास में बदल दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट भारत को तरक्की की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा। इस बजट को उन्होंने गरीबों और समाज के वंचित तबकों के लिए उम्मीद की किरण बताया। उन्होंने कहा, 'मरणासन्न अर्थव्यवस्था के लिए यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े आदमी के लिए एक संजीवनी और अरुणोदय के रूप में आया है।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट जनभागीदारी और जनशक्ति को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, 'यह बजट भारत को आधुनिक टेक्नॉलजी यूज करते हुए और ज्यादा डिजिटल बनाने की कोशिश है।' मोदी ने कहा कि विकास को समावेशक, सर्वदेशक और सर्वस्पर्शी होना चाहिए और इसे देश के उन क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए जो अभी तक विकास से अछूते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुश्किल समय के बावजूद सरकार देश के हर तबके को 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

भारत रत्न बाबा साहब की बात कांग्रेस मानती तो भारत अखण्ड और तिब्बत स्वतंत्र रहता - अरविन्द सिसोदिया

कविता - पूरे ब्रह्माण्ड में एक अकेली, अपनी धरती माता है

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी

God is within us and also beyond us — Arvind Sisodia

राजस्थान प्रदेश में अब 48 संगठनात्मक जिले बनें

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे