संविधान को राष्ट्र का सुरक्षा कवच बनाना जरूरी है - अरविन्द सिसोदिया Sanvidhan

संविधान को राष्ट्र का सुरक्षा कवच बनाना जरूरी है - अरविन्द सिसोदिया

भारत में एक समय इस तरह की परिस्थिति उत्पन्न हो गईं कि विदेशी मूल की सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री की कुर्सी के अत्यंत निकट पहुंच गईं थीं, क्योंकि भारत का संविधान उन्हें रोकनेँ में असहाय था। तब सुब्रमयम स्वामी और सुषमा स्वराज के विरोध को देखते हुए, कांग्रेस ने मनमोहन सिंह जी को प्रधानमंत्री तय किया और राज्यसभा सांसद मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री बनें। जबकि सोनिया गाँधी के मूल राष्ट्र इटली में भारत में जन्मा कोई व्यक्ती इटली में चुनाव नहीं लड़ सकता। अर्थाय इटली का संविधान इतना मज़बूत है कि वहाँ कोई विदेशी उनके राष्ट्र की सत्ता पर नहीं बैठ सकता, वहीं भारत का संविधान इतना कमजोर है कि इस प्रलोभनकारी युग में इसकी राष्ट्रीय सत्ता पर भारत विरोधी ताकतें अपने प्यादे तक बिठा सकती हैं।

संविधान दिवस आत्म निरिक्षण का दिन भी है, देश को राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करने वाली सुरक्षा व्यवस्था करनी ही चाहिए। मेरा मानना है कि देश के अधिकांश दल दूसरे देश में जन्मे नागरिक को संसद से दूर रखनें के पक्ष में ही होंगे।

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