श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा shree ram mandir pran prtishtha

श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा - गृह संपर्क अभियान
 ⁃ *०१ जनवरी से १५ जनवरी तक*

 • पूजित अक्षत, पत्रक व श्री राम मंदिर का चित्र यह तीन वस्तु को लेकर प्रत्येक घर में संपर्क करना है । 

*• २२ जनवरी को*
⁃ पूर्वाहन ११.०० से अपरान्ह १.०० तक अपने ग्राम, नगर,मोहल्ला, कॉलोनी में स्थित किसी मंदिर में सभी रामभक्त को एकत्र होकर भजन कीर्तन करना है ।
⁃ बड़े पर्दे पर अयोध्या का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव साथ में देखें ।
⁃ शंखध्वनि, घंटानाद, प्रसाद वितरण करें । 
⁃ सभी मंदिरों में स्थित देवी देवता का भजन-कीर्तन-आरती-पूजा करना है ।
⁃ “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय महामंत्र का १०८ बार सामूहिक जाप करना है ।
⁃ हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामरक्षा स्तोत्र आदि का सामूहिक पाठ कर सकते हैं ।
⁃ मंदिरों को अच्छे से सजाया जा सकता है । 
⁃ अपने अपने घर को अच्छे से सजा सकते है , जैसे तोरण, रंगोली, झालर इत्यादि सजावट कर सकते हैं । 
⁃ अपने क्षेत्र के सभी हिन्दू घरों में भगवा पताका लगा सकते हैं । 
⁃ संभव हो तो उस दिन प्राण प्रतिष्ठा तक उपवास रखें । 
⁃ यदि संभव हो तो भंडारे का आयोजन भी कर सकते हैं ।
⁃ सूर्यास्त के बाद अपने घर के सामने देवताओं की प्रसन्नता के लिये दीपक जलायें , दीपमालिका सजायें, दीपोत्सव मनायें ।

* पूर्व तैयारी *
⁃ अपने अपने क्षेत्र में प्रतिदिन प्रभात फेरी करके समाज में वातावरण बना सकते हैं । 
⁃ प्रत्येक मंदिर समिति , पुजारी के साथ बैठकर २२ की तैयारी में अधिक से अधिक समाज जन की सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं ।
⁃ कार्यक्रम में सभी जाति, मत, पंथ से लोग जुड़े। यह कार्यक्रम संपूर्ण हिन्दू समाज का है यह संदेश भी जाना चाहिये ।
⁃ कार्यक्रम में माता-बहिन, बालक-युवा , किसान-कर्मचारी-व्यापारी, अबाल-वृद्ध सभी को जोड़ना है ।
⁃ यह कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता स्थापित हो यह अपेक्षित है । 
⁃ यह कार्यक्रम “ हिन्दू समाज में कार्यक्रम “नहीं अपितु “ संपूर्ण हिन्दू समाज का कार्यक्रम ” बने ।

जय जय श्री राम 🚩🚩🚩🚩

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

स्टारलिंक Starlink

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया