चुनाव आयोग को धमकाना, लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश है - अरविन्द सिसोदिया

चुनाव आयोग को धमकाना, लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश है - अरविन्द सिसोदिया 
कोटा 19 सितंबर। भाजपा राजस्थान के प्रदेश सह संयोजक, मीडिया संपर्क विभाग एवं राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी अरविन्द सिसोदिया नें राहुल गाँधी के द्वारा चुनाव आयोग पर लगाये बेबुनियाद आरोपों को झूठ का पुलन्दा और चुनाव प्रणाली से पूरी तरह अपरिचितता का उदाहरण बताते हुये कहा है कि " कांग्रेस और उनके सहयोगी दल, विशेष वोट बैंक के नजरिये से योजनापूर्वक चुनाव आयोग को अपरोक्ष डराने, धमकाने और दबाब में लेने का षड्यंत्र कर रहे हैँ, जो लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश है। कांग्रेस मूलतः गैरकानूनी नामों को मतदाता सूची में जबरिया बनाये रखना चाहती हैँ। उनका मुख्य उद्देश्य घुसपैठियों के नाम मतदातासूची से कटने से बचाना है ताकी वे गैरकानूनी मतों का सहयोग अपने पक्ष में प्राप्त कर सकें। "
सिसोदिया ने कहा कि " चुनाव आयोग पर लगातार दबाब बनाने के पीछे सोची समझी रणनीति है कि घुसपैठियों के नाम मतदातासूची से कटने से बचाये जाएँ । कांग्रेस के इस कृत्य को पूरा देश समझ चुका है। यह अवैध मतदाताओं के नाम मतदातासूची में बनाये रखने की पूरी कवायद विपक्ष की है। जिसे देश स्वीकार नहीं करेगा। " 

सिसोदिया नें कहा कि " जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस संवैधानिक स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर लगातार झूठे आरोपों के सहारे खुद को बनाये रखने के प्रयत्न करती रहती है ओर हमेशा ही मुंह की खाती है। जनता के बीच हास परिहास का पात्र बनती है, उसे स्वयं अपने सिस्टम का आत्मावलोकन करना चाहिए। "
सिसोदिया नें कहा कि " देश की जनता राहुल गाँधी की बेतुकी हरकतों के कारण लगातार कांग्रेस को रिजेक्ट कर रही है, इसी के चलते कांग्रेस अपनी असफलता छिपाने हेतु चुनाव आयोग पर वोट चोरी का झूठ मड़ने पर उतारू है। इसी हेतु कांग्रेस लगातार षड्यंत्रपूर्ण दबाब बनाने हेतु बेबुनियाद आरोप चुनाव आयोग पर लगा रही है, जिनका वर्तमान में कोई औचित्य ही नहीं है। बल्कि यह उनकी ही कर्नाटक सरकार के तंत्र को ही कटघरे में खड़ा करते हैँ। वहीं उनके द्वारा पेश की गईं बातें वास्तविकता से मेल भी नहीं खाती हैँ। लगता हे वे चुनाव प्रणाली की समझ ही नहीं रखते हैँ। "

सिसोदिया नें कहा कि " सच यही है कि चुनाव आयोग राज्य सरकारों के कर्मचारियों के माध्यम से ही काम करता है, उसके पास 10 लाख से अधिक बूथों पर पूर्ण रूप से स्वतंत्र कर्मचारी रखने की आर्थिक क्षमता नहीं है। राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्त ही समान्यतः चुनाव में सर्वेसर्वा होते हैँ जबाबदेह होते हैँ। उनका ही संपूर्ण नियंत्रण होता। जहां यह आरोप उन कर्मचारियों को अपमानित करना है। " उन्होंने कहा कि " सीधे केंद्रीय चुनाव आयुक्त को कभी भी किसी भी विषय पर दोषी इसलिए नहीं ठहराया जा सकता कि उसका सीधा इन्वॉलमेंट होता ही नहीं है। इसके लिये स्थानीय सिस्टम ही जबाबदेह होता है। " 
उन्होंने कहा कि " मतदातासूची निर्माण,चुनाव प्रक्रिया तथा मतदान और मतगणना व परिणाम घोषित करने आदि में सभी प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि प्रत्येक चरण पर सम्मिलित होते हैँ। वे जागरूक नहीं है, समझ वाले नहीं हैँ या उपलब्ध ही नहीं हैँ, तो इसके लिये वह दल स्वयं दोषी है, चुनाव आयोग को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। "

भवदीय 

अरविन्द सिसोदिया 
9414180151

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

संघ का विचार भारत के सत्य सनातन का विचार है – मुरलीधर

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

God Science: God as the Supreme Scientist — A Journey of Evolution

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

संघकार्य पवित्र ईश्वरीय कार्य है, जिसने बाधा खड़ी की वह स्वयं शून्य हो गया – अरविन्द सिसोदिया

God is within us and also beyond us — Arvind Sisodia

Sangh Work is a Sacred Divine Mission; Whoever Obstructed It Was Reduced to Naught – Arvind Sisodia

क्रांतिपुत्र अमर शहीद मंगल पाण्डे : मे सौ जन्मों तक भारतमाता के लिये अपना बलिदान करता रहूं