मज़बूत मोदीजी, हिन्दू और हिंदुस्तान की आवश्यकता हैँ - अरविन्द सिसोदिया pm modi


मज़बूत मोदीजी, हिन्दू और हिंदुस्तान की आवश्यकता हैँ - अरविन्द सिसोदिया 

कोटा,16 सितंबर। आलेख – अरविन्द सिसोदिया, 

        वर्तमान समय में विश्व की राजनैतिक व्यवस्था जिस क्रूर संक्रमणकाल से गुजर रही है, उसमें भारत एक नई आशा के केंद्र के रूप में उभर रहा है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका की टैरिफ के रूप में आर्थिक आतंकवाद के साथ-साथ, भारत के आसपास छोटे देशों में हो रहे हिंसा के बल पर सत्ता परिवर्तन और विदेशी ताकतों की दखलअंदाजी गंभीर चिंता का विषय है। विदेशी वित्त पोषित एनजीओ, टूलकिट आधारित आराजक प्रोपेगेंडा, सोशल मीडिया की भयावह झूठी अफवाहें और अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र भारत की लोकतांत्रिक एवं स्व-शासन व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह पूरा देश महसूस कर रहा है। इन सबके बीच भारत को एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो न केवल हिंदू और हिंदुस्तान की आत्मा की रक्षा करे, बल्कि उसका वैश्विक स्तर पर गौरवशाली स्थान बनाये रखे ।

          इन विषम परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का नेतृत्व भारत के लिए सबसे बड़ा संबल है। उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण और निर्णायक नेतृत्व भारत को आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से लड़ने की क्षमता देता है। उनके साहसपूर्ण निर्णय और उनके परिणाम भारत को गौरव और साहस से भर देते हैँ।

       आज अमेरिका से लेकर यूरोप तक का डीप स्टेट षड्यंत्र, "डिसमैन्टलिंग ग्लोबल हिंदुत्व" जैसी हिन्दू विरोधी मुहिम, मिशनरी गतिविधियों के माध्यम से एशिया को ईसाईकरण का प्रयास, मदरसा आधारित समाज विरोधी षड्यंत्र और शहरी नक्सलवाद-समर्थित साम्यवादी षड्यंत्र भारत के सामने खड़े हैं। वहीं विपक्ष की नकारात्मक राजनीति, टूलकिट आधारित भ्रामकता के अभियान और निरंतर चुनी हुई भारत सरकार के कामकाज में अवरोध उत्पन्न करने की कारगुजारियां और रणनीतियाँ, देश को कमजोर करने की कोशिश हैं। इन सबका सामना केवल मोदी जी जैसे सशक्त नेतृत्व द्वारा ही संभव हो रहा है।

        मोदीजी के नेतृत्व वाला भारत सभी चुनौतीयों से मुकाबला करने में सक्षम है, यह लगातार इस एक दशक में प्रमाणित हुआ है। पिछले वर्षों में मोदी जी ने भारत को कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दिलाई हैं। जैसे जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता और ‘विश्वगुरु’ के रूप में पहचान।चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में अग्रणी बनना।डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने वैश्विक स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। वहीं कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन मैत्री अभियान से भारत ने पूरी दुनिया को जीवनदान दिया।पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर मोदी जी के "वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर" के मंत्र ने भारत को विश्व नेतृत्व की भूमिका में स्थापित किया। वहीं आज भारत टॉप फाइव में आर्थिक रूप से भी है और समरिक रूप से भी है। 

        जनता का मोदी जी पर विश्वास अद्भुत है। लगभग 75 प्रतिशत की अप्रूवल रेटिंग आज उन्हें दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करती है। यही कारण है कि भारत का जनमानस मोदी जी के साथ खड़ा है और उनके नेतृत्व को अपने भविष्य की गारंटी मानता है।

        प्रधानमंत्री मोदी जी का जन्मदिन 17 सितंबर, केवल एक नेता का जन्मदिन नहीं, बल्कि भारत की नई आशाओं और आकांक्षाओं का उत्सव है। हम सबका कर्तव्य है कि हम पूरे उत्साह के साथ "हां में ही मोदी हूं" का उद्घोष करें और राष्ट्र निर्माण में उनके साथ कदम से कदम मिलाएँ।

जय हिंद, जय भारत।

नोट: यह लेखक के निजी विचार हैं।
- अरविन्द सिसोदिया
प्रदेश सह संयोजक, भाजपा मीडिया संपर्क विभाग राजस्थान
मो. 9414180151

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