पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत सस्ती बयानबाज़ी से सुर्खियों में रहना चाहते हैं - अरविन्द सिसोदिया


पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत, न अनुकरणीय हैँ, न उनकी सलाह की जरूरत है – अरविन्द सिसोदिया

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत सस्ती बयानबाज़ी से सुर्खियों में रहना चाहते हैं - अरविन्द सिसोदिया 

कोटा, 24 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान भाजपा मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज अपने राजनीतिक जीवन के सबसे दयनीय दौर से गुजर रहे हैं। हालात यह हैं कि न कांग्रेस हाईकमान उनकी सुनता है, न राजस्थान का संगठन, न ही जनता। घोर उपेक्षित झेल रहे गहलोत अब केवल खोखली बयानबाज़ी कर सुर्खियों में बने रहने की बेतुकी, गैर जरूरी कोशिश कर रहे हैं। "

सिसोदिया ने कहा कि " वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पार्टी के स्पष्ट विज़न और संगठनात्मक अनुभव के साथ कार्य कर रहे हैं। दशकों तक संगठन में काम करने का अनुभव और केंद्र सरकार से सतत संवाद उन्हें पूरी तरह सक्षम बनाता है कि राजस्थान सरकार को क्या क्या करना है। ऐसे में गहलोत जबरिया, हास्यास्पद और निरर्थक परामर्श देकर स्वयं की ही जग हँसाई करवाते रहते हैं। "

उन्होंने कहा कि " गहलोत याद रखें कि तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बावजूद गहलोत जनता का भरोसा अपने काम से कभी नहीं जीत पाए। उन्हें बार-बार राजस्थान की जनता ने सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है । यहाँ तक कि उन्हें अपने ही विधायकों के अविश्वास के डर से होटल से सरकार चलानी पड़ी और कुर्सी बचाने के लिए विधायकों के इस्तीफों का नाटक करवाना पड़ा।"

सिसोदिया ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि " गहलोत के कार्यकाल में कांग्रेस राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटें हार गईं थी और यहाँ तक कि अपने बेटे को भी जीताने में वे असफल रहे। यह उनके राजनैतिक दिवालियेपन और नेतृत्वहीनता का प्रमाण है। उन्हें समझना चाहिए कि ऐसे व्यक्ति से कुछ सीखने योग्य नहीं रहता है।"

उन्होंने कहा कि " गहलोत के बयान हमेशा वास्तविकता और विषयवस्तु से कोसों दूर होते हैं। वे बार बार कोशिश कर रहे हैँ कि उनकी पार्टी का हाई कमान उन पर नजर डाल ले, किन्तु उनके सभी बयान निर्थक रहे हैँ। " उन्होंने कहा कि " गहलोत के अधिकांश बयानों का उद्देश्य सिर्फ़ और सिर्फ़ स्वयं पर ध्यान आकर्षित करने की जबरिया, हल्की और सस्ती कोशिश होता है। "

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

God is within us and also beyond us — Arvind Sisodia

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

क्रांतिपुत्र अमर शहीद मंगल पाण्डे : मे सौ जन्मों तक भारतमाता के लिये अपना बलिदान करता रहूं

कविता - पूरे ब्रह्माण्ड में एक अकेली, अपनी धरती माता है

मेवाड़ सिसोदिया राजवंश का संक्षिप्त इतिहास

ईश्वर तो हमारे भीतर भी है और बाहर भी है - अरविन्द सिसोदिया

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती koshish karne walon ki kabhi haar nahin hoti