ओम बिरला om birla


हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष में उनको शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आज मैं आपकी इस सभा में माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी की संक्षिप्त जीवन यात्रा प्रस्तुत करता हूं -
               डॉ. रघुराज सिंह कर्मयोगी 

              मस्तक पर आकाश उठाए पर्वत शिखर की तरह हृदय में गरीबों की सहायता करने की उमंग के
 साथ लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जब भी अपने कोटा संचित क्षेत्र में आते हैं। वह नगर में गरीबों का दुख दर्द बांटने निकल पड़ते हैं। फुटपाथ पर सड़क किनारे खड़े हाथ के ठेलों या थड़ी पर फल एवं घरों में प्रतिदिन उपयोग आने वाला सामान बेचने वालों के प्रति सहानुभूति से भरे होते हैं। यह फुटपाथी विक्रेता गर्मी, सर्दी, बरसात कोई भी मौसम हो,ये लोग पेट की आग बुझाने के लिए सड़क किनारे सामान बेचते हुए मिल जाते हैं। इनका जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। उन योजनाओं के बारे में इन्हें जानकारी न होने के कारण परंपरागत कार्य करने के लिए विवश हैं। एक दिन शनिवार के दिन ठंडी हवा चल रही थी। बादल भी अपनी ठसक दिखाने को आतुर थे। ऐसी स्थिति में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी शहर में गरीबों का हाल-चाल जानने के लिए निकल पड़े।
           सूरजपोल दरवाजे से होते हुए आगे बढ़े। सब्जी मंडी में ठेलों पर सामान बेचने वालों को सुनिधि और मुद्रा योजना की उन्होंने जानकारी दी। फटे टूटे जूते-चप्पलों की मरम्मत करने वाले किशनलाल से बात की। ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में किशनलाल बरसों से यह काम कर रहा था। श्री बिरला ने उसे सुनिधि योजना के बारे में पूछा तो किशनलाल की आंखों में खुशी का सैलाब उमड़ आया। भारत देश की सबसे बड़ी पंचायत के मुखिया स्वयं गरीबों के हाल-चाल जानने के लिए उसके सामने खड़े थे। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गरीबों के हाल-चाल जानना उसके लिए बहुत बड़ी बात थी। एक रोमांचकारी अनुभव था। उसे लगा जैसे वह खुली आंखों से कोई सपना तो नहीं देख रहा। चक्षुओं में एकत्रित आंसुओं को वह रोक न सका। बोला - 
             "माय बाप,सुनिधि योजना के अंतर्गत बैंक से ऋण लेने के लिए उसकी जमानत देने वाला कोई नहीं है।ना ही उसके पास गिरवी रखने के लिए कोई अमानती सामान है। इस वजह से कभी ऋण के बारे में सोचा ही नहीं"। हृदय में दयालुता का समंदर लिए श्री ओम बिरला ने बताया -
           "प्रधानमंत्री द्वारा संचालित यह बिना गारंटी की योजना है। इस योजना में ऋण लेने के लिए बैंक वाले किसी जमानत या अमानत की मांग नहीं करेंगे"।
             इस बारे में उसे पता ही नहीं था। जानकारी के अभाव में लोग बैंक से ऋण नहीं ले पाते हैं। लेकिन उस समय बैंक के अधिकारी,कर्मचारी बिरला जी के साथ ही चल रहे थे। मौके पर उन्होंने फार्म भरवाया।
            "अब जूते चप्पल सुधारने के साथ-साथ नए जूते चप्पल बेचने का काम भी करना"। बिरला जी के मुख से निकले शब्द सुन कर किशनलाल गदगद हो गया। खुशी से आंसू छलक पड़े। इस अभियान के तहत श्री बिरला जी ने थड़ी बालों को आत्म निर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। शाम को पुनः निकल पड़े। सकतपुरा, तलवंडी के आसपास फुटकर विक्रेताओं को इस योजना की जानकारी दी। बैंक वालों से उन्होंने वहीं मौके पर ही आवेदन तैयार करवाए। बालिता क्षेत्र में एक महिला जो सब्जी बेचती है। उसे पूछा,कहने लगी -  
           "मेरे पति बहुत बीमार है। चल फिर नहीं सकते। उनके उपचार में काफी खर्चा हो चुका है। परिवार चलाने के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है"। पति प्रहलाद के उपचार के लिए मदद का आग्रह किया। चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लिए श्री बिरला जी ने उसे आश्वस्त किया कि प्रह्लाद के उपचार के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने फोन पर ही सुधा अस्पताल के निदेशक को प्रहलाद का निःशुल्क उपचार करने के निर्देश दिए। अगले दिन किशनलाल को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। उसका उपचार प्रारंभ हो गया। सुधा अस्पताल से उपचार मिलने के बाद प्रहलाद पूर्णतया स्वस्थ हो गया।
              श्री ओम बिरला ऐसे राजनेता हैं,जो किसान पृष्ठभूमि से आते हैं। बचपन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उनका जन्म कोटा के मध्यम वर्गीय परिवार में 19 नवंबर 2062 को हुआ था। पिताश्री श्रीकृष्ण बिरला और माताश्री शकुंतला देवी को पूत के पांव पालने में ही दिख गए थे। आपके हाथ की रेखाओं में राजयोग का संकेत था। भरा पूरा परिवार है। दो भाई हैं। श्री राजेश कृष्ण और श्री हरि कृष्ण। श्री ओम बिरला ने दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से स्नातकोत्तर तक शिक्षा पाई है। कॉमर्स कॉलेज कोटा से स्नातक बने। आपकी राजनीति में अध्ययन काल से ही अभिरुचि थी । जो सन् 1987 में भाजयुमो के जिला अध्यक्ष पद से प्रारंभ हुई। वर्ष 1991 में आप भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 1997 में भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए। 
            वर्ष 2003 में कोटा दक्षिण से राजस्थान विधान सभा के लिए विधायक निर्वाचित हुए। वह लगातार तीन बार विधायक चुने गए। वर्ष 2014 में कोटा बूंदी संसदीय क्षेत्र से संसद का चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2019 में कोटा बूंदी संसदीय क्षेत्र से पुनः सांसद निर्वाचित हुए। श्री ओम बिरला की योग्यता,निष्पक्षता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने आपको लोकसभा अध्यक्ष का उत्तरदायित्व सौंपा। जिसका सफल संचालन बिरला जी कर रहे हैं।शनिवार रविवार को कोटा आ कर जन सुनवाई करते हैं।अपने संसदीय क्षेत्र में कई संगठनों के माध्यम से आपने समाज सेवा, गरीब, वृद्ध, विकलांग, असहाय महिलाओं की सहायता करने में अग्रणी रहते हैं। कैंसर रोगियों और थैलेसीमिया रोगियों की मदद की है। विकलांगों को निशुल्क ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर और कान की मशीनें उपलब्ध कराकर उनके दुख में भागीदार बने हैं। 
            लोकसभा अध्यक्ष के रुप में श्री ओम बिरला ने लोकसभा की गरिमा और विश्वसनीयता में वृद्धि की है। निष्पक्ष और उदार दृष्टिकोण के कारण आप मानदंडों पर खरे उतरे हैं। विवादों को संवाद में परिवर्तित करके कुशल संचालक, सहजता, सरलता और अनुशासन के पर्याय बन चुके हैं। लोकसभा अध्यक्ष सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करते हैं। परंतु सदन संचालन के समय उच्च गुणवत्ता की हिंदी का प्रयोग करते हैं। इससे राजभाषा के क्रियान्वयन, उसके प्रचार-प्रसार में भाषागत परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वह सांसदों को माननीय सदस्य कहकर संबोधित करते हैं। आपने प्रतिनिधियों की भूमिका के साथ जवाबदेही को सदन के कार्य के साथ जोड़कर कार्य कुशलता को बढ़ावा देने की पहल की है। व्यवहारिक सोच के चलते संसद भवन की सभी शाखाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ा है। जिससे बदलते समय में कार्य संपादन की क्रिया को सरल बनाया जा सके।
           बढ़ते प्रदूषण के कारण हरियाली में कमी आई तो आपने एक लाख वृक्ष लगवाए हैं। ग्रीन कोटा अभियान चलाया। नेहरू युवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की एक प्रमुख योजना तैयार करके प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर सुलभ कराया है। आपने बारां के सहरिया आदिवासी क्षेत्र में कुपोषण और बेरोजगारी के लिए चलाए गए आंदोलन का नेतृत्व किया। बाढ़ पीड़ितों को शीघ्र सहायता पहुंचाने के लिए राहत अभियान स्वयं की देख रेख में चलाया। 15 - 16 अगस्त 2004 में कोटा शहर में बाढ़ आई। आपने जनता के लिए अस्थाई आश्रय स्थल बनवा कर राहत पहुंचाई। चिकित्सा सुविधाओं का प्रबंधन किया। श्री ओम बिरला के कार्य की चारों ओर सराहना हुई। वह चर्चा में तब आए जब वर्ष 2006 में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर"आजादी के स्वर" नामक कार्यक्रम में 15,000 से अधिक अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सन् 2003 से 2008 तक के कार्यकाल में राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव रहे। वर्ष 2012 में "परिधान" नामक कार्यक्रम संपन्न कराया। जिसमें कमजोर वर्ग के लोगों को कपड़े, किताबें, निशुल्क भोजन और दवाएं वितरित कराई गईं। जगह जगह रक्तदान शिविर लगाए।
उपलब्धियां -
             13 वीं राजस्थान विधानसभा में 500 से अधिक प्रश्न पूछे और 6 बार बहस में भाग लेने के लिए आप का नाम सदन के सितारे के रूप में घोषित किया गया। कोटा शहर में आईआईआईटी की स्थापना के लिए ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व किया। बूंदी के लिए चंबल नदी का पानी ले जाने के लिए आंदोलन किया। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विरुद्ध सिटी डेवलपमेंट टैक्स में राहत दिलाने के लिए रावतभाटा में आंदोलन प्रारंभ करने का श्रेय आपको जाता है। नेशनल कॉरपोरेशन लिमिटेड नई दिल्ली में उपाध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए सुपर बाजार योजना के अंतर्गत पूरे देश में नेटवर्क का विकास किया। जून 1992 से जून 1995 तक आप कंफेड जयपुर में अध्यक्ष के पद पर पर आसीन रहे हैं। श्री ओम बिरला संसद सदस्य के पहले कार्यकाल में ऊर्जा विभाग की समिति के सदस्य रहे। इसके बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में सलाहकार सदस्य रहे हैं।
              24 - 25 जनवरी 2023 को कोटा के दशहरा ग्राउंड में आपके प्रयासों से किसानों के लिए एक वृहद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें पूरे देश से आए कृषि उत्पाद से संबंधित उद्योगों ने उन्नत मशीनें, उपकरण एवं खादों का प्रदर्शन किया गया। कृषि विकास और किसानों की आय दोगुनी करने के उपायों के बारे में से बड़े-बड़े विद्वानों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी में किसानों को संबोधित किया। खेती किसानी में वैज्ञानिक आविष्कारों को प्रयोग में लाने के उपायों का प्रैक्टिकल करके बताया गया। इस प्रदर्शनी में केंद्रीय के कृषि मंत्री, केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री ने भागीदारी सुनिश्चित की। दोनों मंत्रियों ने अपने अनुभव किसानों को बताएं। खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव और स्प्रिंकलर सिंचाई विधि, पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है। इस प्रदर्शनी में एक ऐसी मशीन प्रदर्शित की गई जो पराली काटकर उसके बंडल बना देती है। एक ऐसी भी मशीन थी जो मिट्टी काटकर उसको महीन बना देती है। इन सब तकनीकों के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई। जिससे वह लाभान्वित हो सकें। 
                लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला वैसे तो पूरे देश के लिए सिरमौर हैं। मगर कोटा के सांसद होने के कारण कोटावासी उनके लोकसभा अध्यक्ष बनने पर अपना गौरव मानते हैं। उनके प्रयासों से कोटा में काफी विकास हुआ है। सोगरिया, डकनिया तालाब, कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तर का बनाया जा रहा है। एक समय था जब कोटा से सिर्फ 6 सवारी गाड़ियां बनकर चलती थीं। मगर आज की तारीख में 15 - 16 रेलगाड़ियां देश के विभिन्न भागों को कोटा से जोड़ रही हैं। यह बिरला जी के प्रयासों का ही परिणाम है। सितंबर 2022 में बिरला जी के प्रयत्नों से सेना दिवस के अवसर पर प्रथम डिफेंस एक्सपो- 2022 का दशहरा ग्राउंड में आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य भारत को जमीन, नेवल,एयर होमलैंड सिक्योरिटी सिस्टम और डिफेंस का गढ़ बनाना और सैन्य ताकत प्रणाली का प्रदर्शन करना था। इस प्रदर्शनी में सेना के सभी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी को जनता ने देखा तो भूरि भूरि प्रशंसा की। कोटा में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। आदरणीय ओम बिरला जी के प्रयासों से अब कोटा में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शंभूपुरा में शीघ्र ही उसका उद्घाटन होगा। जिससे कोटा बूंदी क्षेत्र के लोगों को हवाई सुविधा मिल सकेगी। इससे शिक्षा नगरी एवं पर्यटन विकास में और बढ़ावा मिलेगा। आपके संरक्षण में ही कोटा में साहित्य के क्षेत्र में साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिला है।

रचना अप्रकाशित एवं मौलिक है।

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