My Gov राजनीतिक एवं संवैधानिक सुधार हेतु प्रस्तावित नियमावली



राजनीतिक एवं संवैधानिक सुधार हेतु प्रस्तावित नियमावली

1. कार्यकाल एवं पद की सीमा

1.1. कोई भी जनप्रतिनिधि एक ही स्तर (स्थानीय निकाय / विधानसभा / संसद) पर अधिकतम दो कार्यकाल ही संभाल सकेगा।
1.2. राष्ट्रपति और राज्यपाल अधिकतम दो कार्यकाल (10 वर्ष) ही पद पर रह सकेंगे।
1.3. सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अधिकतम 10 वर्ष ही पद पर रहेंगे।
1.4. किसी भी राजनीतिक दल का अध्यक्ष अधिकतम 10 वर्ष ही अध्यक्ष पद पर रहेगा।
1.5. किसी भी राजनीतिक दल में व्यक्ति अधिकतम 20 वर्ष तक ही किसी भी पद पर रह सकेगा।
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2. संसदीय/विधानसभा आचरण नियम

2.1. सदन में हंगामा, हिंसा, असंसदीय भाषा या गरिमा भंग करने पर सदस्यता समाप्त की जा सकेगी।
2.2. किसी भी विषय पर बहस शांतिपूर्ण व तथ्य आधारित होगी।
2.3. सदन से बहिष्कार (वॉकआउट) की परंपरा समाप्त होगी, सभी निर्णय मतदान प्रक्रिया से होंगे।
2.4. आरोप लगाने की स्वतंत्रता रहेगी, परंतु प्रत्येक आरोप शपथपत्र के साथ ही लगाया जाएगा।
2.5. सदन में असत्य या भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करने पर कठोर दंड होगा।
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3. सार्वजनिक बयानबाजी एवं राजनीतिक जिम्मेदारी

3.1. जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल सार्वजनिक मंच पर केवल सत्य एवं प्रमाणित तथ्य ही प्रस्तुत करेंगे।
3.2. असत्य प्रचार, भ्रामक बयानबाजी या फर्जी आंकड़े देने पर कानूनी कार्यवाही होगी।
3.3. प्रलोभन आधारित वादे/घोषणाएँ (जैसे फ्री सामान/पैसा बाँटना) चुनावी आचार संहिता के अंतर्गत प्रतिबंधित होंगी।
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4. चुनाव सुधार

4.1. आदर्श आचार संहिता किसी भी चुनाव से एक वर्ष पूर्व लागू हो जाएगी।
4.2. मतदान अनिवार्य होगा; मतदान न करने पर दंडात्मक प्रावधान होगा।
4.3. जनगणना प्रत्येक 10 वर्ष में होगी, लेकिन प्रत्येक वर्ष जन्म व मृत्यु का अद्यतन निर्वाचन सूची में जोड़ा जाएगा।
4.4. बार-बार पता बदलने वाले मतदाताओं के अंतिम 10 पते रिकॉर्ड में सुरक्षित रखे जाएंगे।
4.5. मतदान का समय प्रातः 7 बजे से सायं 4 बजे तक होगा। सभी मतदान सामग्री उसी दिन जमा होगी।
4.6. मतगणना प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम 20 टेबलों पर एक साथ होगी ताकि परिणाम शीघ्र घोषित हो सकें।
4.7. मतदान से जुड़ी सामग्री 60 दिन बाद नष्ट कर दी जाएगी।
4.8. मतदान प्रक्रिया पर किसी भी तरह की आपत्ति अधिकतम 30 दिन के भीतर दर्ज करनी होगी।
4.9. निर्वाचन सूची की शुद्धता और निष्पक्षता हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उसकी टीम जिम्मेदार होगी।
4.10. प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने Booth Level Agent (BLA) नियुक्त करने का अधिकार होगा। यदि दल BLA नियुक्त नहीं करता तो उसे मतदाता सूची पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार नहीं होगा।
4.11. BLA बूथ की मतदाता सूची पर शपथपत्र सहित ऑनलाइन दावे/आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकेगा।
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5. प्रशासनिक एवं राजनीतिक पारदर्शिता

5.1. शासन एवं प्रशासन में पदों का रोटेशन सिस्टम लागू होगा ताकि अधिकतम लोगों को सत्ता में भागीदारी मिले।
5.2. भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, और राजनीतिक वंशवाद रोकने हेतु सीमित कार्यकाल और पद की सीमा का कड़ाई से पालन होगा।
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6. न्यायपालिका एवं विधि सुधार

6.1. सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का अधिकतम कार्यकाल 10 वर्ष होगा।
6.2. न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने हेतु स्वतंत्र आयोग की स्थापना होगी।
6.3. कानूनों की समय-समय पर समीक्षा कर उन्हें आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाएगा।
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7. जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही

7.1. प्रत्येक सांसद/विधायक को अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
7.2. क्षेत्र की जनता के साथ जन संवाद (पब्लिक हियरिंग) करना जनप्रतिनिधि की बाध्यता होगी।
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