भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम, टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया
भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम, टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया
अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा आगे होकर भारत के प्रधानमंत्री से बात करना और टेरिफ़ कम करने की जानकारी देना, शुभ समाचार है, भारत की सफल विदेशनीति का प्रमाण है।
भारत परोक्ष अपरोक्ष अमरीका का रणनीतिक मित्र है, दोनों ही देशों की आर्थिक और समरिक जरूरतें एक दूसरे पर निर्भर हैँ, यह कई कई दसकों के व्यवहार से था, इसे एक झटके में तोड़ा या समाप्त नहीं किया जा सकता घा। यह भारत के संयम, सहनशिलता और गंभीर व्यवहार का परिणाम है।
मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आज बात करना अद्भुत रहा. यह जानकर बेहद खुशी हुई कि भारत में बने उत्पादों (Made in India products) पर अब टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है. इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत-बहुत धन्यवाद.
जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और पारस्परिक सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं. विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. शांति के लिए उनके प्रयासों का भारत पूरी तरह समर्थन करता है. मैं अपनी साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हूं.
ट्रंप ने क्या पोस्ट किया था?
आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात करना एक गर्व की बात थी. वे मेरे सबसे बड़े मित्रों में से एक हैं, और अपने देश के एक शक्तिशाली व सम्मानित नेता हैं. हमने कई विषयों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस–यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना शामिल है. उन्होंने सहमति जताई कि वे अब रूसी तेल खरीदना बंद करेंगे, और इसके बजाय अमेरिका से, और संभवतः वेनेजुएला से भी अधिक तेल खरीदेंगे. इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर सप्ताह हजारों लोग मर रहे हैं!
मित्रता और सम्मान के आधार पर और उनके अनुरोध पर, हमने तुरंत एक व्यापार समझौता तय किया, जिसके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत पर लगाए जाने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% किया. भारत भी अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य पर लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा. प्रधानमंत्री ने यह भी वचन दिया कि वे उच्च स्तर पर “अमेरिकी उत्पाद खरीदेंगे”, जिसमें 500 अरब डॉलर से अधिक के ऊर्जा, तकनीकी, कृषि, कोयला तथा अन्य कई अमेरिकी उत्पाद शामिल हैं. हमारी अमेरिका–भारत की अद्भुत मित्रता आगे और मजबूत होगी. मोदी जी और मैं दोनों ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं ऐसा आजकल के कई नेताओं के बारे में नहीं कहा जा सकता. इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद!
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