डेमोग्राफी
*डेमोग्राफी*.*मै.ज्यादा पढा लीखा,बुद्धिमान नहीं हूं लेकीन भविष्य की धुंधलाहट आपको भेज रहा हूं पढना,जयरामजी की*
पहली प्राथमिकता क्या हो?
— विकास या जहरीले कीड़ों की सफाई ।
*🌍 डेमोग्राफी का खतरनाक खेल*
भारत में मुस्लिम आबादी ३५ %++ हैं और ज्यादातर मदरसे में पढ़े हैं.
इसलिए २० साल बाद
गृहयुद्ध,
नरसंहार,
हत्या,
बलात्कार और
विभाजन
निश्चित है।
लव जिहाद,
लैंड जिहाद,
ड्रग जिहाद,
घुसपैठ जिहाद,
धर्मांतरण जिहाद,
जनसंख्या जिहाद
– ये सब भारत की डेमोग्राफी को तेजी से बदल रहे हैं।
और यदि कठोर कानून तत्काल लागू नहीं किया गया तो २० वर्ष बाद या तो कन्वर्ट होना पड़ेगा।
या भागना पडेगा
जैसे:
यश चोपड़ा,
प्रेम चोपड़ा,
सुनील दत्त,
देवानंद,
राज कपूर,
राजेन्द्र कुमार,
गुलजार,
मनमोहन सिंह,
खुशवंत सिंह,
मिल्खा सिंह,
इंद्र कुमार गुजराल,
राम जेठमलानी और
आडवाणी जी
की तरह
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
आदि सब छोड़कर भागना होगा।
यदि विकास करने से देश सुरक्षित होता तो विकास के मामले में
फ्रांस और
स्विट्जरलैंड
हमसे बहुत अधिक आगे है।
वर्ष १८०५ में अफ़गानिस्तान के प्रधानमंत्री पंडित नंदराम टिक्कू ने बहुत विकास किया था और १० साल बाद उन्हें खदेड़ दिया गया और आज वहाँ एक भी
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
नहीं बचा।
यदि मठ- मंदिर गुरुद्वारा बनाने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश
में हज़ारों
मठ- मंदिर और
गुरुद्वारे
थे मगर जनसंख्या बढ़ी और सभी का नामोनिशान मिटा दिया गया।
यदि
गौशाला,
धर्मशाला,
गुरुकुल
बनाने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो
— अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश
में भी हज़ारों
गौशाला,
धर्मशाला और
गुरुकुल
थे जो जनसंख्या बढ़ते ही जमीन में दफन कर दिए गए।
यदि
कथा,
पूजा,
दान,
हवन,
ध्यान,
साधना करने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश में
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
का नामोनिशान नहीं मिटता।
१०० वर्ष पहले विश्व की सबसे बड़ी भगवान बुद्ध की मूर्ति अफ़गानिस्तान में थी; लेकिन अब वहाँ न मूर्ति बची है और न बौद्ध।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा जैन मंदिर मुल्तान में था, लेकिन अब वहाँ मदरसा चलता है और न तो भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति है और न तो कोई जैन।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर गांधार (अफ़गानिस्तान) में था, लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है।
न तो शिवलिंग बचा है और न ही शिवभक्त।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर कैकेय (पाकिस्तान) में था, लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है। न तो भगवान विष्णु की मूर्ति बची है और न ही विष्णु भक्त।
वर्ष १९७१ में बांग्लादेश को बनवाने के लिए हमारे २० हज़ार सैनिकों ने बलिदान दिया था, लेकिन आज वहां से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
को अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
छोड़कर भागना पड़ रहा है।
वर्ष १९९० में कश्मीर से हिंदुओं को अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
सब छोड़कर भागना पड़ा और आज तक उन्हें अपनी संपत्ती तक वापस नहीं मिली।
*🗳️ नेता कर क्या रहे है…?*
वोटजीवी,
नोटजीवी और
सत्ताजीवी नेता
प्रतिदिन
आरोप- प्रत्यारोप,
तू-तू-मैं-मैं,
नूरा-कुश्ती,
बतोलेबाजी,
भाषणबाजी और
'तू चोर मैं सिपाही'
करते हैं:
लेकिन जब बात आवश्यक मुद्दों पर आती है, तो संसद में सभी राजनेता चुप्पी साध लेते हैं।
हिन्दू यदि अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार और
त्योहार
बचाना चाहते हैं तो दल की गुलामी छोड़ो और अपने क्षेत्र के सांसद से मिलकर
— लव जिहाद,
लैंड जिहाद,
ड्रग जिहाद,
घुसपैठ जिहाद,
धर्मांतरण जिहाद और
जनसंख्या जिहाद रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करिए।
हिन्दू यदि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहते हैं तो नेताओं की जय जयकार करने की बजाय अपने सांसद से मिलकर
समान शिक्षा,
समान नागरिक संहिता (UCC),
समान कर संहिता,
समान व्यापार संहिता,
समान जनसंख्या संहिता,
समान पुलिस संहिता,
समान न्याय संहिता,
समान प्रशासनिक संहिता
लागू करने की मांग करे।
*याद रखें :*
आज के नेता २० वर्ष बाद आपका
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार और
त्योहार
बचाने नहीं आएंगे.
लेकिन आज का कठोर कानून ही आपका धन, धर्म और परिवार को बचाएगा।
दो रास्ते चुनें
— चीन जैसा कठोर कानून (कोई जिहाद नहीं) और
इजरायल जैसा शक्ति का उपयोग (दुश्मन को कुचल दो)!
*अंतिम चेतावनी :*
अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है?
अपना
घर
दुकान
त्योहार
बचाना है तो जय जयकार बंद करो और अपने क्षेत्र के सांसद के पास जाओ।
कानून बनवाओ।
*नोट :* कृपया इस संदेश को कम से कम ५०० लोगों तक निरंतर शेयर करे.
जब तक भारत में बढ़ते जिहाद को लेकर सरकार कठोर कानून लागू नहीं करती, चैन से ना बैठे!
90 करोड़ हिन्दू एक सशक्त कानून नहीं बनवा सकते हो ??
विचार करो। ये असली सच्चाई है
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