कांग्रेस का देश के मान-सम्मान और उन्नति के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार अक्षम्य – अरविंद सिसोदिया



कांग्रेस का देश के मान-सम्मान और उन्नति के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार अक्षम्य – अरविंद सिसोदिया
कोटा, 21 फरवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविंद सिसोदिया ने विश्व एआई सम्मिट के भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के प्रति कांग्रेस के नकारात्मक एवं शत्रुतापूर्ण व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि " कांग्रेस का आचरण राष्ट्रहित के विरुद्ध और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शत्रुता से परिपूर्ण है। " उन्होंने कहा कि " जब पूरा विश्व भारत के नेतृत्व, नवाचार क्षमता और वैश्विक भूमिका की सराहना कर रहा है, तब कांग्रेस द्वारा ऐसे आयोजनों को बदनाम करने का प्रयास उसकी संकीर्ण और अवरोधक राजनीति को उजागर करता है।"
  
सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस और उनके नेता राहुल गांधी की भूमिका पर गंभीर रूपसे संदिग्ध है, क्या वे चीन की पार्टी से किये गये करार की पूर्ति में भारत के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रहे हैँ।" कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी हरकतों के कारण ही देश की जनता ने सत्ता से हटाया है फिर भी कांग्रेस देश विरोधी गतिविधियों से बाज नहीं रही हैं कांग्रेस एवं उनके कार्यकर्ता का एक ही एजेंडा है राष्ट्र की बदनामी करो !


अरविंद सिसोदिया ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने राजनीतिक मर्यादाओं का लगातार हनन किया है। कथित रूप से कार्यकर्ताओं को उकसाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर असंगत और अपमानजनक व्यवहार कराना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा नहीं, बल्कि अराजकता को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि राजनीति का स्तर गिराकर वैश्विक आयोजनों को विवादों में घसीटना राष्ट्रहित के विपरीत है। यदि किसी अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को बदनाम करने की पूर्व नियोजित कोशिश की गई है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विश्वासघात है। कांग्रेस का यह व्यवहार उसके वैचारिक दिवालियापन और नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास
सिसोदिया ने कहा कि एक ओर विश्व के अनेक राष्ट्राध्यक्ष, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि भारत की पहल और नेतृत्व की सराहना कर रहे थे, वहीं कांग्रेस देश की छवि धूमिल करने का प्रयास करती दिखाई दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया भारत की प्रगति को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता को दर्शाता है। भारत आज वैश्विक मंच पर तेजी से उभरती शक्ति है—चाहे वह जी-20 जैसे वैश्विक आयोजनों की सफल मेजबानी हो या एआई जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका।

राष्ट्रविरोधी बयानबाजी का इतिहास
अरविंद सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस का रिकॉर्ड देश की उपलब्धियों पर प्रश्नचिह्न लगाने का रहा है। सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सरकार की नीतियों की निराधार आलोचना तक, कांग्रेस ने कई बार ऐसा आचरण किया है जिससे देश की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि पहले जिन कालखंडों में देश आतंरिक सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था, आज वही भारत वैश्विक सम्मेलनों की मेजबानी कर रहा है और तकनीकी प्रगति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह परिवर्तन कांग्रेस को स्वीकार्य नहीं हो पा रहा है।

विश्व एआई सम्मिट की ऐतिहासिक सफलता
सिसोदिया ने विश्व एआई सम्मिट को भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि सम्मेलन में 100 से अधिक देशों की भागीदारी रही। अनेक राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, वैश्विक उद्योगपतियों और एआई विशेषज्ञों ने भारत की पहल की सराहना की। लाखों लोगों की सहभागिता और सैकड़ों प्रदर्शकों की उपस्थिति ने इसे अभूतपूर्व सफलता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर विपक्ष को रचनात्मक सहयोग करना चाहिए था, किंतु कांग्रेस ने व्यवधान और विवाद का मार्ग चुना।

अरविंद सिसोदिया ने कहा कि देश का मान-सम्मान और उन्नति सर्वोपरि है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, परंतु राष्ट्र की वैश्विक प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाना अक्षम्य है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन करने और नकारात्मक राजनीति छोड़कर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

भवदीय 
अरविन्द सिसोदिया
शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी 
राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल, जयपुर।
9414180151

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