आतंकी बरी, मुख्यमंत्री गहलोत को पद पर रहने का अधिकार नहीं - अरविन्द सिसोदिया

 


मुख्यमंत्री गहलोत ही दबाव की राजनीति करते हैं - अरविन्द सिसोदिया
सजायाफ्ता आतंकी बरी होने के बाद, मुख्यमंत्री गहलोत को पद पर रहने का अधिकार नहीं - अरविन्द सिसोदिया
 

कोटा 2अप्रैल। भाजपा के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक अरविन्द सिसोदिया नें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दबाव वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री गहलोत झूठ बोल रहे हैं,भाजपा में दबाव डालने की कोई परंपरा नहीं हैं, बल्कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही खुद की पार्टी के विधायकों पर दबाव डाल कर इस्तीफे दिलवाये और लम्बे समय तक उनके ही दबाव में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष ने इन इस्तीफों को लंबित रखा था। दबाव डालने की आदत मुख्यमंत्री गहलोत को ही है। जिसके कई उदाहरण उनकी पार्टी के स्तर तक पर हैँ।

सिसोदिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पूछा है कि जयपुर को खून से नहला देने वाले जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट कांड, जिसमें 70 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी, के आरोपियों को बचाने के लिए किसने अतिरिक्त महाधिवक्ता पर दबाव डाला ?  जो वे पैरवी पर ही ज्यादातर अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा “ जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट के फांसी की सजा से सजायाफ्ता आरोपियों के हाई कोर्ट द्वारा बरी होने के लिए, राजस्थान सरकार की अदालत में गंभीरतम चूक  स्पष्ट नजर आरही है ,राजस्थान का गृह मंत्रालय स्वयं अशोक गहलोत पर होने के कारण, उन्हें जिम्मेदारी उठानी चाहिए। इतनी बड़ी चूक को माफ नहीं किया जा सकता।

सिसोदिया नें कहा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में जरा भी नैतिकता हो  तो उन्हे तत्काल पद त्याग देना चाहिये था। गहलोत को एक क्षण भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उनकी पार्टी के ही विधायक प्रश्न उठा चुके हैं। उन्हें अबिलम्ब अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
प्रदेश सह संयोजक
भाजपा मीडिया संपर्क विभाग, राजस्थान।
9414180151

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