विपक्ष के गठबंधन में दरार खडगे ने मॉफी मांगी opposition alliance


विपक्ष के गठबंधन में दरार खडगे ने मॉफी मांगी 

मेरा व्यक्तिगत मानना है कि जहां निर्णय कांग्रेस की ओर से पीएम पद के दूल्हे राहुल गांधी के पास होगा , वहां किसी अन्य से सहमति की बात बहुत दिन चल नहीं सकती । उन्हे न या किन्तु परन्तु सुनने की आदत ही नहीं है। जब इस गठबंधन का नाम रखा जा रहा था तब भी किसी से काई राय मसबिरा नहीं हुआ । राहुल जी ने इण्डिया नाम रख दिया, ममता बैनर्जी न्यू इण्डिया नाम चाहती थीं , उसे भी अनसुना कर दिया । नितिश कुमार और लेफ्ट भिन भिनाते रह गये । कोई तब्बजो ही नहीं मिली । 

अभी अभी खबर आरही है कि लोकसभा में बिना किसी के परामर्श किये कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) नें अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपे जाने पर विपक्ष में भारी मतभेद व विरोध है। इस कारण कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खडगे को मॉफी मांगनी पड रही है। विपक्षी गठबंधन के सदस्यों का कहना है कि हमें मैसेज देना था कि हम सब एक साथ हैं, लेकिन कांग्रेस अकेले चली गई। मुझे लगता है कि इस गठबंधन को सबसे पहले छोडनें वाले नेता नितिश ही होंगे । ममता भी बहुत दिन चल जायें इस तरह का लग नहीं रहा । हलांकी बाद में आगे से सुधार का आश्वासन दिया गया । बाद में सोनिया गांधी ने भी आश्वस्त किया। 

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