फ़्लाइंग किस... संसद की गरिमा के विरुद्ध - अरविन्द सिसोदिया rahul gandhis flying kiss

फ़्लाइंग किस... संसद की गरिमा के विरुद्ध - अरविन्द सिसोदिया 
rahul gandhi flying kiss

संसद में फ्लाइंग किस और मेज थपथपाना ख़ुशी का इजहार होता है... कहां है मणिपुर की पीड़ा...? सिर्फ राजनीति वह भी हल्केपन की..!

संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर अपना बेहद बेतुका भाषण समाप्त कर, कांग्रेस युवराज नें जाते वक़्त मौजूद सांसदों को फ़्लाइंग किस अर्थात हवाई चुबन का इशारा करते हुये गये जो की भारतीय संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। इस तरह का आरोप केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित कई महिला सांसदों नें लगाया है व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कैमरा जाँच कर कार्यवाही की मांग की है।
फ़्लाइंग किस सदन में तो गरिमा के विपरीत है ही.... मेरा मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि के नाते भी, गैर जिम्मेदार है।

कांग्रेस राजकुमार को जो टिप्स दिए जाते हैं, उनमें यह सर्वोच्च टिप्स है कि मुझसे बड़ा कोई नहीं, में ही शहंशाह जैसा वर्ताव व बॉडी लेंग्वेज हो। राहुल जी इसका पूरा ध्यान रखते हैं। उनके बारे में जो भी अंदाजा लगाया जाता है, वे उससे भिन्न ही करने की मानसिकता से रहते हैं और उनकी जो समझ है उस तरह का प्रदर्शन करते हैं। यह ठीक है कि वह उन्हें अक्सर उल्टी भी पड़ती है किन्तु वे लोकप्रिय भी इस तरह की हरकतों के लिए ही हैं....।


याद कीजिये 2018 का अविश्वास प्रस्ताव, 20 जुलाई को राहुल गाँधी नें अपना भाषण दिया, प्रधानमंत्री मोदी जी के पास पहुँच जबरदस्ती उनसे गले मिल लिए, बेल में से चक़्कर लगा कर अपनी सीट पर पहुँचे और आँख मारदी.....।
वह आँख आज भी मीडिया की लाइब्रेरी में शोभा बढ़ाती है। राहुल गांधी मूलतः ईसाई कल्चर में बड़े हुये हैं, भारतीय कल्चर की समझ से कोसों दूर हैं। इसलिए इन्हे फ़्लाइंग किस सामान्य बात लगी होगी। मगर भारत की संसद की गरिमा को यह ठेस पहुंचाने वाला है।

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