अयोध्या जीते,भ्रामक दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जबाव दें - अरविन्द सिसोदिया Ayodhya victory

अयोध्या जीते,भ्रामक दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जबाव दें - अरविन्द सिसोदिया 


सबसे बड़ा सच यह है कि उत्तर प्रदेश में अयोध्या लोकसभा क्षेत्र कोई है ही नहीं, यह एक झूठा भ्रम फैलाया जा रहा है कि अयोध्या में नवनिर्माण के कारण भाजपा हार गईं। योजना पूर्वक अयोध्या और श्रीराम  में अनास्था उत्पन्न करने का षड्यंत्र चल रहा है। अयोध्या से बीजेपी हार गई या राम भक्त हार गए, यह विपक्षी राजनीतिक दलों का एक बड़ा झूठ आधारित षड्यंत्र है,  जो देश में हिन्दू धर्म के प्रति अनास्था पैदा करना चाहता है, वे ही फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र को बार बार अयोध्या कह कर दुष्प्रचार  कर रहे हैँ, दुर्भाग्य वश इस झूठ में बड़े-बड़े अखबार और मीडिया हाउस तक भी सम्मिलित हो गए। सही तटीय है कि फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभाओं में एक विधानसभा क्षेत्र अयोध्या है और चार अन्य है, तथा अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी 4667 से आगे रही है किंतु वह अन्य चार विधानसभा क्षेत्र में हार गई इसलिए फैजाबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी हार गईं है। अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत को छिपाया जा रहा है।

 यह सीट 1957 में बनी थी अभी तक इस पर 17 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं प्रारंभ में लगातार यह सीट कांग्रेस के पास ही रही, इस सीट पर भाजपा सिर्फ तब ही चुनाव जीती है जबकि भाजपा के पक्ष में कोई वेब हो अन्यथा यह सीट बीजेपी विरोधी मानसिकता की है। 

 फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में, अयोध्या, दरियाबाद, रुदौली, मिल्कीपुर एस सी , बीकापुर आदि पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। जिसमें वर्तमान में अयोध्या विधानसभा क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी ने लीड की है करीब 4 हजार से अधिक वोटों से यहाँ भाजपा आगे रही है, अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा हार गईं  इसलिए टोटल वोटों में भाजपा फैजाबाद सीट हारी है।
 1- 1957,1962, 1967, 1971, 1980, 1984 और 2009 में यह सीट कांग्रेस पर रही है।
2- 1977 में भारतीय लोक दल को 
3-1989.में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को
4- 1991, 1996,1999,2014, 2019 मैं भारतीय जनता पार्टी
5- 2004 में बसपा पर 
6- 1998 और 2024 में सपा पर

यह इस सीट का नेचर है। यह सीट परंपरागत रूप से कांग्रेस की थी, राम मंदिर आंदोलन के दौरान यह सीट भाजपा पर आई थी और जब जब भाजपा के पक्ष में वेव रही तब तब यह भाजपा के पास आई, अन्यथा इस पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तक जीत चुकी है। कुल मिला का वजनदार प्रत्याशी के पक्ष में सीट जानें का रिकार्ड है, सपा प्रत्याशी 9 बार विधायक चुने जाने से वजनदार भी थे और फिर 8500 रूपये महीने, संविधान और आरक्षण को खतरा, मुस्लिम वोट बैंक और अखिलेश का PAD का नारा भी फेक्टर बनें। इसी सीट पर 65 प्रतिशत मतदान होता तो परिणाम कुछ और हो सकता था, किन्तु वहाँ 59.10 प्रतिशत ही मतदान हुआ।

सपा के अयोध्या प्रसाद को 5,54,289 वोट मिले तो भाजपा को 4,99,722 वोट मिले यहाँ बसपा के सच्चिदानंद पाण्डेय भी खडे थे उन्हे 45,799 वोट मिले। कुल मिला कर सपा 54,567 वोट से जीती है। 
फैजाबाद सीट का परिणाम विधानसभावार इस प्रकार से है -
1- अयोध्या 
सपा - 1,00,004
भाजपा - 1,04,671
अर्थात - भाजपा 4667 वोटों से आगे रही।
2- रुद्रोली 
सपा - 1,04,113
भाजपा 92,410
अर्थात भाजपा इस सीट पर माईनस रही 
3- मिल्कीपुर 
सपा 95,612
भाजपा 87,879
अर्थात भाजपा इस सीट पर माईनस रही 
4- बीकापुर 
सपा - 1,22,543
भाजपा -92,857
अर्थात भाजपा इस सीट पर माईनस रही 
5- दरियाबाद 
सपा -1,31,277
भाजपा - 1,21,183
अर्थात भाजपा इस सीट पर माईनस रही 
-------------------
इस तरह से भाजपा अयोध्या से विजयी होकर भी अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों से हारने के कारण कुल वोट गिनती में फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से हार गईं।




टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया

जगाया तुमको कितनी बार jgaya tumko kitni bar

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?