ब्रिटिश साम्राज्य के हितों की रक्षा के लिए स्थापित कांग्रेस आज भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थानों को बदनाम कर रही है -स्मृति ईरानी
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती स्मृति ईरानी के मीडिया संबोधन के मुख्य बिंदु
श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा -
29-09-2026
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती स्मृति ईरानी की मीडिया ब्रीफिंग के मुख्य बिंदु
ब्रिटिश साम्राज्य के हितों की रक्षा के लिए स्थापित कांग्रेस आज भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थानों को बदनाम कर रही है।
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कांग्रेस चुनावी हार के कारणों की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है।
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कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसे केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के चुनाव आयोगों पर भी भरोसा नहीं है।
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यदि मृत व्यक्तियों, दोहरा वोट डालने वाले मतदाताओं और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस ऐसे नामों को बनाए रखने की मांग क्यों कर रही है?
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2019 में राहुल गांधी ने कहा था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करेंगे। प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि वे उन्हें निशाना बनाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक निकायों पर हमला करने से बचना चाहिए; फिर भी, कांग्रेस ठीक यही कर रही है।
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चुनाव आयोग पहले ही हर आरोप का तथ्यात्मक खंडन कर चुका है, फिर भी कांग्रेस झूठी बातें फैलाने और फर्जी कहानियों के माध्यम से भ्रम पैदा करने से बाज नहीं आ रही है।
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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती स्मृति ईरानी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। श्रीमती ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग 13 करोड़ 30 लाख नामों के संबंध में पहले ही स्पष्टीकरण दे चुका है और बीएलओ (चुनाव आयोग अधिकारी) फर्जी और मृत व्यक्तियों के नामों के सत्यापन के लिए दस्तावेज एकत्र करेंगे। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है और पूछा कि क्या कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।
श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि 2019 में, कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि वे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की छवि धूमिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बार-बार कहा था कि कांग्रेस उन पर कटाक्ष और हमले कर सकती है, लेकिन ऐसे हमले संवैधानिक संस्थाओं और भारत के लोकतंत्र पर हमले में तब्दील नहीं होने चाहिए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। आज, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने कहा कि चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में लाने के लिए उनके कार्यकर्ताओं को उनके तंत्र के माध्यम से महिमामंडित किया गया है।
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर वह कहना चाहेंगी कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है और भारतीय लोकतंत्र के लिए गर्व का विषय है, जिसकी दुनिया भर के कई देशों ने सराहना की है और कई देश भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हैं। कांग्रेस पार्टी इस बात से दुखी है कि आज लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर भारत की जनता इसका समर्थन नहीं करती। इसलिए अब सवाल उठता है: क्या हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक में, जहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता में नहीं है, कांग्रेस नेतृत्व इन राज्यों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रहा है? या फिर वह इन राज्यों में भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर सवाल उठा रहा है?
श्रीमती ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का जिक्र किया, जिनके संबंध में चुनाव आयोग 26 तारीख को पहले ही बयान जारी कर चुका है। यदि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम दोहराया गया है या किसी मृत व्यक्ति का नाम शामिल है, तो कांग्रेस पार्टी मृत व्यक्तियों के नाम बहाल क्यों करवाना चाहती है? कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को क्यों बनाए रखना चाहती है? चुनाव आयोग ने अपने प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में एसआईआर के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें बीएलओ संबंधित घरों का दौरा करेंगे, दस्तावेज एकत्र करेंगे और उनका सत्यापन स्वयं करेंगे। जब चुनाव आयोग पहले ही सार्वजनिक रूप से यह स्पष्टीकरण दे चुका है, तो कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व एक बार फिर मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में बहाल क्यों करवाना चाहता है? कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची में दोहराए गए नामों को क्यों बनाए रखना चाहती है?
श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र किए जाने पर उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो उसे वह ऐतिहासिक दस्तावेज भी पेश करना चाहिए जिसमें ब्रिटिश साम्राज्य के राजस्व, कृषि और वाणिज्य सचिव रहे ए.ओ. ह्यूम ने वायसराय को सुझाव दिया था कि यदि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा करनी है, तो कांग्रेस पार्टी का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दस्तावेजी प्रमाण है। ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के लिए गठित कांग्रेस पार्टी आज लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का हवाला देकर भारत के चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
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