मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की विज्ञप्ति क्या न्यायपालिका और देश को धमकी है ?


आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड , नई दिल्ली के लेटर हेड पर एक विज्ञप्ति जारी कर, भारत के न्यायालयों पर अपरोक्ष भेदभाव का प्रश्न उछाला गया है तथा न्यायालय में न्याय प्राप्त करने वाले लोगों को साम्प्रदायिक ताकत कहा गया है। यह दोनों ही बातें असंवैधानिक हैं। प्रतीत यह हो रहा है कि भारत की न्याय व्यवस्था को, न्यायपालिका को दबाव में लेनें के लिये यह विज्ञप्ति जारी की गई है। जो कि स्वयं आपराधिक है। भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिये।


यह विज्ञप्ति संस्था ने अपने अधिकृत टिविटर एकाउन्ट पर डाली हुई है।

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मस्जिदों के अपमान को मुसलमान कदापि गवारा नहीं कर सकते, साम्प्रदायिक शक्तियां अराजकता पर उतारू हैं और अदालतें भी पीड़ितों को निराश कर रही हैं : ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड




 



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