मोदी सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण भारत की नई संभावनाओं का संकेत - अरविन्द सिसोदिया

मोदी सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण भारत की नई संभावनाओं का संकेत - अरविन्द सिसोदिया 

भारत सरकार की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया, आर्थिक सर्वेक्षण देश की आर्थिक हालातों का गुणा -भाग एवं आत्म निरीक्षण , आत्मावलोकन होता है।

     कोरोना संक्रमित और उसकी 3-3 लहरों के बाद दुनिया के तमाम बड़े देश आर्थिक मोर्चे पर औंधे मुंह पड़े हुए हैं, लगभग दुनिया के सभी देशों में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है , वही उत्पादन के मोर्चे पर अच्छे अच्छे देशों का सूचकांक बहुत नीचे हैं । 

लेकिन दूसरी तरफ भारत में महंगाई को एक हद तक नियंत्रित किया हुआ है, बेरोजगारी को भी बहुत ज्यादा बढ़ने नहीं दिया है । वहीं उत्पादन वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री निरंतर - निरंतर प्रयासरत हैं और जिसका लाभ देश को मिल रहा है और इसी कारण भारत की विकास दर 8 से 9% के बीच में रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही भारत सरकार ने ना केवल भारत में दो स्वदेशी टीके बनाए बल्कि लगभग डेढ़ सौ करोड़ की  जनसंख्या को वैक्सीनेटेड करने का काम  भी पूरी पूरी जिम्मेवारी से किया। जिसमें बहुत बड़ी संख्या दो वैक्सीन लगवा चुकी है , तो वहीं तीसरी वैक्सीन लगने का भी काम शुरू हो गया है ।

      देश के लोगों को सुरक्षित करने का उनकी जान बचाने का इतना महत्वपूर्ण तथा संख्यात्मक दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा अभियान भारत में सफलतापूर्वक पूरा किया है और इसके लिए भारत सरकार को निश्चित रूप से बधाई का पात्र है ।

      आर्थिक सर्वेक्षण हमेशा ही प्रस्तुत होते रहे हैं और निश्चित रूप से उनमें पॉजिटिव बातें सामनें आती भी हैं । वर्तमान आर्थिक सर्वेक्षण जिन परिस्थितियों में प्रस्तुत हुआ है तब देश कोरोनावायरस के तीसरे आक्रमण को छेल रहा है ।

    इस बीच जो सकारात्मक तथ्य सामने आए हैं वह निश्चित रूप से भारत की दक्षता, क्षमता और  उज्जवल भविष्य का संकेत करती हैं तथा यह हमें बताते हैं कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चों पर भी संवेदनशील है , सकारात्मक है, सृजनत्मक है ।

यही कारण है कि हम आर्थिक मोर्चे पर इतनी बुरी तरह औंधे मुंह नहीं गिरे हैं, जिस तरह की दुनिया के तमाम बड़े देश गिरे पड़े हैं । 

निश्चित रूप से किसी भी देश के उज्जवल भविष्य और समस्याओं पर विजय पाने के लिए नेतृत्व महत्वपूर्ण होता है । लेकिन साथ ही उससे भी बड़ा होता है नेतृत्व में विश्वास करने वाला जनमानस ।

भारत का जनमानस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास करता है और इसी कारण से आज भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और विश्व से कहीं अधिक श्रेष्ठ और समस्याओं को चुनौती देकर उन्हें पराजित करने वाली है ।

यह आर्थिक सर्वेक्षण निश्चित रूप से भारत के उज्जवल भविष्य का संकेत करता है इसके लिए भारत की जनता , भारत के नागरिक बधाई के पात्र हैं।

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