हिन्दुस्त्व इस देश कि राष्ट्रीय संस्कृति है - परम पूजनीय सर संघचालक मोहन जी भागवत
स्वंय के लिए नहीं समाज राष्ट्र के लिए कार्य करने का आव्हान स्वयं को जाने अपनी शक्ति को पहचाने समाज में जाग्रति आना आवश्यक केवल में और मेरा परिवार इस स्वार्थ से बाहर निकाल कर देश के लिए जीने मरने वाला कार्यकर्त्ता बनो भारत में सक्रांति कि प्रतीक्षा है एक अहिंसक क्रांति कि आवश्यकता है संघ नाम के लिए नहीं देश के लिए कार्य करता है मातृशक्ति को राष्ट्रीय सेविका समिति से जुड़ने का आव्हान भारतवर्ष को विश्वगुरु बनना है - परम पूजनीय सर संघचालक मोहन जी भागवत बीकानेर २२ जनवरी २०१२। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बीकानेर द्वारा सक्रांति- महोत्सव परा पूजनीय सर संघचालक मोहन जी भागवत के सानिध्य में रेलवे स्टेडियम में हर्षोउल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। मुख्य कार्यक्रम के पूर्व विविध धारा पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसका शहर के लोगो ने बड़े ही उत्साह से विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। द्विधारा संचलन राजरतन बिहारी पार्क में १२.५८ पर प्रारंभ होकर ठीक १.०६ मिनिट पर लव पथक तथा कुश पथक दो धाराओ में परिवर्तित होकर मुख्य मार्गो से गुजरता हुआ तोलियासर भेरूजी पर बाल संगम में परिवर्तित...