दीपावली : पारिवारिक पर्सनलटी डेवलपमेंट का वार्षिक आत्म निरिक्षण





- अरविन्द सिसोदिया 
अंधकार रूपी अमावस्या में जन्मे मानव ने परिश्रम से , पुरूषार्थ से जीवन को उजाले में बदला है।
अंधकार से प्रकाश की ओर के इस महान दीपोत्सव पर्व पर आपको एवं आपके परिवार को....
दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनायें एवं बहुत बहुत बधाई।
यह पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धी, यश र्कीती और स्वास्थयवर्द्धक हो....
उन्नती के पथ आपके जीवन को और सुखमय बनाये..................


* कल धनतेरस अर्थात धनवंतरी तेरस थी जो स्वास्थय का प्रतिनिधित्व करती है।
* आज हनुमान जयंति भी है और रूप चैहदस भी (14वीं )
हनुमान जयंति मित्र धन का प्रतिनिधित्व करती है।
रूप चैहदस (14वीं ) मूल रूप से साफ सफाई और सौंदर्य धन का प्रतिनिधित्व करती है।
* अमावश्या को महालक्ष्मी पूजन, अपने आय के संसाधनों का प्रतिनिधित्व करती है,इसे हम अर्थ पुरूषार्थ के रूप में भी देख सकते हैं।
* पडवां के दिन गोवर्धन पूजा होती है, जो प्रकृति व अन्य जीवों के प्रति मित्रता का धन है।
*इसी तरह भाई दौज रिश्ते - नातों रूपी समन्वय धन का प्रतिनिधित्व करती है।
धन का मतलब जो जो बातें, संसाधन या गुणवत्तायें, हमारे जीवन सुख को बढातें हैं अर्थात पोजीटिव करते हैं वे धन है।
अच्छा स्वास्थय, अच्छा मित्र , अच्छा रूप- स्वरूप, अच्छे आय के संसाधन, अच्ठा प्रकृतिक सहयोग और अच्छे रिश्त - नाते जीवन सुख में वृद्धि करते हैं। इसलिये ये सभी दीपावली पर त्यौहार के रूप में मनायें जाते हैं।



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