मेमू यात्री ट्रेनों के कोचों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाएं - अरविन्द सिसोदिया indian railway

आमजन की लोकप्रिय मेमू यात्री ट्रेनों के कोचों में  मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएं - अरविन्द सिसोदिया

5 अक्टूबर , कोटा । भाजपा कोटा संभाग के मीडिया संयोजक एवं  पूर्व जिला महामंत्री भाजपा  अरविन्द सिसोदिया नें रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव , महाप्रबन्धक , पश्चिम मध्य रेलवे , जबलपुर एवं डी आर एम कोटा को ईमेल भेज कर , मण्डल की मेमू ट्रेनों के कोचों में मोबाईल चार्जिंग प्वाइंट लगवाए जानें की मांग की है ।

सिसोदिया ने मांग पत्र में लिखा है  कि भारत के यशश्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी देश के प्रत्येक नागरिक तक आधुनिक तकनीकी को पहुंचाकर उनके जीवन को सुविधाओं से परिपूर्ण कर रहे हैं , किन्तु मेमू ट्रेन के कोचों में मोबाईल चार्जिंग प्वाइंट नहीं होना आश्चर्य  का विषय बनता है ।




उन्होंने लिखा है कि पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मण्डल में कोटा - बीना के मध्य चलने वाली मेमू यात्री ट्रेन में तमाम आधुनिकतम सुविधाओं के बावजूद मोबाईल चार्जिंग प्वाइंट का अभाव है , जबकी इन कोचों में पंखे हैं , लाइट है , एनाउंसमेंट है , खड़े रहने पर पकड़े रहने के बेल्ट हैं  , अच्छी बेंचें बैठने को हैं । 

उन्होंने कहा कि मेमू ट्रेनों के कोचों में  मोबाईल की चार्जिंग की सुविधा नहीं होने से यात्रियों के मोबाईल की  बैटरी खत्म होने पर चार्ज नहीं कर पानें की परेशानी छेलनी पड़ती है । जबकि यात्रीगाडी प्रत्येक स्टेशन पर रुकते हुए यात्रा करती है । इस कारण समय अधिक लगता है ।

सिसोदिया ने कोटा - बीना मेमू एक्सप्रेस 11603 का विवरण संलग्न करते हुए कहा कि यह ट्रेन 303 किलोमीटर की यात्रा 39 स्टेशनों पर रुकते हुए लगभग 9 घण्टे में पूरी करती है । इसलिए इनके कोचों में चार्जिंग प्वाइंट होने चाहिए। ताकी प्रधानमंत्री मोदीजी के विकसित भारत की संकल्पना आमजन की यात्रीगाडी में भी सिद्ध हो ।  


भवदीय 

अरविन्द सिसोदिया 
भाजपा कोटा संभाग मीडिया संयोजक एवं 
भाजपा पूर्व जिला महामंत्री 
कोटा , राजस्थान ।
मोबाईल - 9414180151

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

10 मई, 1857 की क्रांति की वर्षगांठ के अवसर पर : जनक्रांति: 1857

पराक्रमी महाराणा प्रताप Mighty Maharana Pratap

गोरक्षा आन्दोलन 1966 जब संतों के खून से नहाई थी दिल्ली, इंन्दिरा गांधी सरकार ने की थी गोलीबारी

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

असम में अब मुस्लिम लीग जैसी बन गई है कांग्रेस- AIUDF

जनता के सामने झुकना ही लोकतंत्र का सम्मान — अरविन्द सिसोदिया

बंगाल में भाजपा को जमाने में कैलाश विजयवर्गीय और दिलीप घोष का महत्वपूर्ण योगदान रहा....

सर्वप्रथम 27 दिसम्बर 1911 को गाया गया था राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक जय है jan-gan-man