कोटि-कोटि श्रद्धांजली , आलोक तोमर
- अरविन्द सिसोदिया मेरा मन बहुत ख़राब है , मुझे जब से पता चला की आलोक तोमर नहीं रहे ..., नीरा रडिय के टेपों को सार्वजनिक कर उन्होंने एक भ्रष्ट तम मंत्री ए राजा को न केवल त्याग पत्र को मजबूर कर दिया बल्की वह भ्रष्टाचारी मंत्री आज जेल में है ....! लोकतंत्र की लूटतंत्र पर एक विजय उनके हाथ से लिखी हुई ..! भगवान भी गजब का बेईमान है ..अच्छे लोगों को पहले ऊपर ले लेते है और बुरे लोगों का साम्राज्य चलने देता है ..? ख़ैर इसमें भी कोई अच्छाई ही होगी ..! हमारी कोटि-कोटि श्रद्धांजली इस निष्पक्ष पत्रकार को , उनकी पत्रकारिता को .....!! ------ धारदार पत्रकारिता की पहचान थे आलोक तोमर http://www.livehindustan.com - उनकी कलम जब पन्नों पर चलती तो शब्द एक दुर्लभ लेखन शैली में ढलकर पूरे सच को बयां करते थे। बेबाक और धारधार पत्रकारिता की पहचान रहे आलोक तोमर भलेही सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गए, पर उन्होंने अपने पीछे लेखन का एक अंदाज छोड़ा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। आलोक तोमर का असमय चले जाना हिंदी पत्रकारिता के लिए दुखद घटना है। मध्य प्रदेश क...