" भारत में भय हो... , स्विस बैंकों की जय हो... "
- अरविन्द सिसोदिया हमारे देश में कई तरह के नारे चुनावों के दौरान लगते हैं , हाल ही में चुनाव आयोग नें पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया है ..! पिछले चुनाव में कांग्रेस ने एक नारा लगाया था "जय हो !" तब भाजपा ने भी एक नारा दिया था "भय हो !" अब इस नारे का मतलब तो मेरी समझ में यह आरहा है की .. " भारत में भय हो... , स्विस बैंकों की जय हो... " क्यों की भारत में तो भयानक भ्रष्टाचार की लूट मची है, लूट की रकम में कितनी बिंदियाँ लगी हैं यह भी ठीक से कहना मुस्किल होता है ..! इस तरह की लूट ईस्ट इण्डिया कंपनी ने भी क्या की होगी ..! हर लूट पर स्विस बैंक खुश होते हैं .., उन्हें मालूम है की यह पैसा उनके यहाँ या उन जैसे ही किसी दुसरे देश में जमा होने वाला है ..! भारत में भय इस लिए व्याप्त है की रोज रोज मंहगाई बढती है , बेरोएजगार रेलों से गिर कर मर रहे हैं , किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं ..!! - ----------- http://www.dw-world.de/dw/article/0,,14774034,00.html 19.01.2011 विकीलीक्स की सूची में भारतीयों जैसे नाम एक टेलीविजन चैनल ने दाव...