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भारत में साम्प्रदायिक विद्वेष उत्पन्न करनें के कुत्सित प्रयास के पीछे बीबीसी का एजेण्डा क्या है ?

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  महत्वपूर्ण प्रश्न है कि साम्प्रदायिक विदेष क्यों उत्पन्न करना चाहता है बीबीसी - अरविन्द सिसौदिया Important question is why BBC wants to create communal foreign - Arvind Sisodia  BBC documentary on PM Modi सामान्यतौर पर जहां जहां भी स्वतंत्रता या स्वच्छंदता है, वहां वहां उनका बेजा फायदा उठाया ही जाता है। इसी तरह की एक हरकत अब फिर से बीबीसी के नाम दर्ज हुई है। जब उपनिशेषी देश स्वतंत्र हुए थे तब दो सैन्य गुटों में पूरा विश्व बंट गया था । भारत सोवियत संघ के नेतृत्ववाले सैन्य गुट में था तो पाकिस्तान अमरीका-ब्रिटेन वाले सैन्य गुट में था। कारण बहुत स्पष्ट है कि भारत के प्रधानमंत्री साम्यवादी विचारधारा के अत्यंत निकट थे और रूस से उनके खास सम्बंध थे। तब से ही बीबीसी का नजरिया भारत को नीचे दिखाने का रहा है। बीबीसी की खबरों को गहन अध्ययन करलें आपको लग जायेगा कि मानसिकरूप से भी यह संस्था भारत विरोधी और अनादर भाव इस न्यूज एजेंसी में प्राय देखनें को मिलता रहा है। इसकी खबरों को ठीक से पढ़ें तो स्वयं यह समझ आता है। भारत में रहने वाले लोग अच्छी तरह से समझते हैं कि बीबीसी निष्पक्ष नहीं है। 199...

देश के विरूद्ध चल रहे षडयंत्रों को विफल करना ही होगा - अरविन्द सिसौदिया

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देश के विरूद्ध चल रहे षडयंत्रों को विफल करना ही होगा - अरविन्द सिसौदिया Conspiracies going against the country must be thwarted - Arvind Sisodia देश के विरूद्ध चल रहे षडयंत्रों को विफल करना ही होगा - अरविन्द सिसौदिया Conspiracies going on against the country have to be foiled - Arvind Sisodia जब से भारत गणराज्य की सत्ता पर ब्रिटिश सरकार द्वारा अपने एक अफसर हयुम् के द्वारा संस्थापित ब्रिटिशभक्त कांग्रेस का युग भारत में अस्त हुआ और भारत की सत्ता एक देशभक्त पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हाथ में आई है। तब से ही इस सरकार को विफल एवं बदनाम करने के अनेकों षडयंत्र चल रहे है। Ever since the era of British Bhakt Congress established by one of its officer Hume on the power of the Republic of India, the British Government has set in India and the power of India has come in the hands of a patriotic party Bharatiya Janata Party. Since then, many conspiracies are going on to fail and defame this government. इनमें देश के बाहर की शक्तियां भी सम्मिलित हैं। इस तरह के अनेकों संकेत मिलते रहे हैं। जो कुछ विर...

मुद्रा स्फीति,भारतीय आर्थिक चिंतन और वर्तमान भारत

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Inflation, Indian Economic Thought and Present India मुद्रा स्फीति,भारतीय आर्थिक चिंतन  और वर्तमान भारत    tulsiram lohar.blogspot.com. आदरणीय के साभार  भारतीय आर्थिक चिंतन के सहारे मुद्रा स्फीति शीघ्र ही नियंत्रण में लाई जा सकती है ! भारतीय वैदिक अर्थव्यवस्था में उत्पादों के बाजार भाव लगातार कम होने की व्यवस्था है एवं मुद्रा स्फीति के बारे में तो भारतीय शास्त्रों में शायद कहीं कोई उल्लेख भी नहीं मिलता है ।    लगातार बढ़ रही मुद्रा स्फीति की परेशानी पूरा विश्व ही महसूस कर रहा है। परंतु, भारत ने अपने आर्थिक चिंतन के सहारे मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने में सबसे पहिले सफलता हासिल कर ली है। दिसम्बर 2022 माह में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति की दर पिछले 12 माह के न्यूनतम स्तर 5.72 प्रतिशत पर आ गई है। यह मुख्य रूप से सब्जियों की दरों में आई कमी के चलते सम्भव हो सका है। सब्जियों की महंगाई दर 15.08 प्रतिशत से कम हुई है एवं फलों की महंगाई दर केवल 2 प्रतिशत से बढ़ी है, तेल एवं शक्कर की महंगाई दर लगभग शून्य रही है।   राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय ...

दिग्विजय सिंह के बयान पर हाँ और न भी पॉलिटिकल गेम - अरविन्द सिसोदिया Digvijay Singh

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दिग्विजय सिंह के बयान पर हाँ और न भी पॉलिटिकल गेम - अरविन्द सिसोदिया  राघौगढ़ के राजा और मध्यप्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री और अनेकों बार सांसद तथा कांग्रेस के बड़े पदों पर रह चुके दिग्विजय सिंह खींची, कांग्रेस के न केवल दिग्गज नेता हैं, बल्कि कांग्रेस के मस्तिष्क मानें जाते हैं। इस समय वे भारत जोड़ो यात्रा के भी संयोजक हैं। वे बिना किसी योजना के भाषण और प्रेस में कुछ भी बोलें यह संभव नहीं है। यह कांग्रेस की रणनीति का ही हिस्सा है कि एक आरोप लगाए और दूसरा पार्टी बचाये। इस समय कांग्रेस में स्तर वन पर सोनिया गाँधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी है। वहीं स्तर टू पर प्रथम दिग्विजय सिंह आते हैं अन्य में सेम पित्रिदो,अशोक गहलोत और कमलनाथ जैसे नेता आते हैं। इससे पहले जब तक गुजरात के अहमद पटेल के पास था वे नंबर दो पर लंम्बे समय से थे। पार्टी में जो तीसरी लेयर बनती है, उसमें पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश , पी चिदंबरम, अंबिका सोनी,शशि थरूर जैसे नेता आते हैं। इसके अलावा कांग्रेस के मूल स्वामियों की लाइक - डिस्लाइक की सूची भी है। किन्तु गांधी परिवार की प्रथम संयुक्त पसंद दिग्विजय सिंह है...

हिमालय की चोटी से चीन को ललकारता भारत माता का वीर सपूत “ डॉ. इंद्रेश कुमार ” Indresh Kumar

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हिमालय की चोटी से चीन को ललकारता भारत माता का वीर सपूत " डॉ. इंद्रेश कुमार "   (Indresh Kumar ) ये किस्मत  फ़िल्म 1943 की पंक्तियाँ हैं, जिन्हे सुप्रसिद्ध देशभक्त कवि पंडित प्रदीप नें लिखा था, इस गीत के कारण तत्कालीन ब्रिटिश सरकार नाराज हो गईं थी, गीतकार के विरुद्ध वारंट जारी कर दिये गये थे और  उन्हें भूमिगत होना पढ़ा था।किन्तु आजादी  की आवाज बना यह गीत  आज भी बेहद लोकप्रिय हैं और राष्ट्ररक्षा का आव्हान करता है। जब जब राष्ट्रभक्ति गीत बजते हैं तो इसे भी बजाया जाता है। " आज हिमालय की चोटी  से फिर हमने ललकारा है, दूर हटो ए दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा है। " हिन्दू कुश पर्वत से प्रारंभ होकर सुदूर बाली  सुमात्रा तक जानें  वाली  इस विशाल पर्वत श्रृंखला के दोनों और रहने वाली सभ्यता हिन्दू कहलाती है।  ------------ तिब्बत कभी भी चीन का नहीं था,चीन हिमालय को हड़पना चाहता है  - इंद्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य एवं प्रचारक माननीय इन्द्रेश कुमार जी भी इसी तरह का नाम हैं, जिन्होंने हिमालय पर ...

चर्चा में है बागेश्वर धाम और धीरेंद्र शास्त्री bageshwar dham dhirendr shastri

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  इंग्लैंड की संसद में बागेश्वर पीठाधीश्वर को अवार्ड प्रदान करते हुए।  श्री राम के नाम से गुंजायमान हुई इंग्लैंड की संसद। **************************************** बागेश्वर पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने भारत का नाम किया रोशन। शास्त्री द्वारा जून 2022 में इंग्लैंड स्थित हिंदू धर्म आश्रम में राम कथा एवं श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इंग्लैंड की संसद  में आयोजित भव्य समारोह  में शास्त्री जी को (1)संत शिरोमणि।(2)वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन।(3) वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप। अवार्ड से सम्मानित किया गया। धर्मांतरण वापसी से बौखलाए वामपंथी--------------- -- ------ मध्य प्रदेश के दमोह आदिवासी अंचलों में करोड़ों रुपए  खर्च कर ईसाई मिशनरियों ने 328 लोगों के धर्मांतरण करवाए । बागेश्वर धाम के प्रयासों से हिंदुओं के घर वापसी के कारण बौखलाए वामपंथियों ने अंधविश्वास एवं चमत्कार को आधार बनाकरअंधश्रद्धा निवारण उन्मूलन समिति के श्याम मानव  ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ पुलिस में  रिपोर्ट दर्ज करवाई।अंधविश्वास एवं चमत्कार के नाम पर ईसाई मिशनरियों एवं मौला...

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस होते तो विभाजन नहीं होता - अरविन्द सिसौदिया Netaji Subhas Chandra Bose

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बहुत बहुत धन्यवाद जिनके निर्णय से महान और सच्चे देशभक्त एवं प्रथम स्वतंत्र भारत की सरका र के मुखिया को दिल्ली में इण्डिया गेट पर स्थान प्रदान कर योग्य सम्मान दिया ।    महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की कांग्रेस में सच्च राष्ट्रवादियों के साथ शत्रुओं से भी ज्यादा बुरा व्यवहार होता था, इसका उदाहरण नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का संर्घष और सरदार वल्लभभाई पटेल की उपेक्षा साबित करती है। आज नहीं तब भी कांग्रेस में राजकुमारों का ही रूतवा होता था । इसका उदाहरण मोतीलाल नेहरू जी के पुत्र जवाहरलाल नेहरू जी है। यह पोस्ट 2022 की है, इसे उसी संदर्भ से ग्रहण करें । सादर। कांग्रेस की युवा राजनीति में सबसे अधिक लोकप्रिय नेताजी सुभाषचन्द्र बोस थे , यह टीस हमेशा जवाहरलाल नेहरू जी को रहती थी। किन्तु कांग्रेस राजकुमार जवाहरलाल नेहरू जी ही थे क्यों कि वे मोतीलाल जी नेहरू के पुत्र थे एवं मोतीलाल जी नेहरू को किसी की कोई परवाह इसलिये नहीं थी कि वे स्वयं चुनावी राजनीति में जमें हुये थे एवं अंग्रेज अफसरों से भी उनकी अच्छी पटरी बैठती थी। विश्व राजनीति की समझ के साथ ...

राष्ट्रिय मतदाता दिवस, लोकतंत्र की दीपावली जैसा rashtriya matdata diwas

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क्या नेहरूजी नें संघ के एजेण्डे पर लालचौक में तिरंगा फहराया था - अरविन्द सिसौदिया

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  राहुलजी बतायें उनके नाना नेहरूजी ने क्या संघ के एजेण्डे से लालचौक पर तिरंगा फहराया था - अरविन्द सिसौदिया Tell Rahulji, did his maternal grandfather Nehruji hoist the tricolor at Lalchowk on the agenda of the Sangh - Arvind Sisodia     क्या संघ के एजेण्डे पर,राहुलजी के नाना नेहरूजी नें भी लाल चौक पर तिरंगा फहराया था - अरविन्द सिसौदिया कांग्रेस के युवराज की “भारत जोडो यात्रा“ अन्ततः कश्मीर को बर्बाद करनेवाली ताकतों के साथ मिल कर सम्पन्न होनें जा रही है। फारूख अब्दुल्लाह चीन की बात करते हैं तो महबूबा पाकिस्तान की.....! इन देशविरोधी ताकतों के साथ कांग्रेस ने लाल चौक पर झण्डा फहरानें से किनारा करके स्वयं को कटघरें में खडा कर लिया है। सच बहुत कठोर होता है, राहुल की यात्रा के किये धरे पर अब उनके ही द्वारा पानी फिरता नजर आ रहा है। लाल चौक घण्टाघर, श्रीनगर में अतीत से ही महत्वपूर्ण स्थान है। पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस स्थान पर वर्ष 1948 में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। यह जगह जम्मू कश्मीर के मुखिया (सदर-ए-रियासत) शेख मोहम्मद अब्दुल्ला और प्रधान मंत्री जवाहरलाल...

कोचिंग इंस्टीटूटस के सुव्यवस्थित संचालन हेतु रेगुलेटरी बॉडी बनानी ही चाहिये - वासुदेव देवनानी Regulatory body of coaching institutes

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  Regulatory body must be formed for well-organized operation of coaching institutes - Vasudev Devnani पत्रकारवार्ता पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी / कोटा सर्किट हाउस / 18 जनवरी 2023 कोचिंग इंस्टीटूटस के सुव्यवस्थित संचालन हेतु रेगुलेटरी बॉडी बनानी ही चाहिये - वासुदेव देवनानी “पेपरलीक मामले में सरकार सम्मिलित है और वह अपराधियों को बचा रही है, जांच सीबीआई से हो”  - वासुदेव देवनानी कोटा 18 जनवरी । प्रदेश सह संयोजक मीडिया सम्पर्क विभाग अरविन्द सिसोदिया  ने बताया  है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी नें कोटा प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत  की, देवनानी नें राजस्थान की गहलोत सरकार पर स्पष्टता से आरोप लगाया कि " पेपर लीक मामले में कांग्रेस की राज्य सरकार मिली हुई है। वह वास्तविक अपराधियों को बचा रही है। एस ओ जी का सदस्य  करोड़ों रुपये के घोटाले में पकड़ा जाता है। जिन पर पेपर लीक के आरोप हैं जिन्हे फरार घोषित किया है वे सरेआम जयपुर में अपना काम कर रहे हैं, घूम फिर रहे हैं। भाजपा का स्...

पवित्र रश्मओ रिवाज़, इवेंट माफियाओं की गिरफ्त में - अरविन्द सिसोदिया Wedding Events

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पवित्र रश्मओ रिवाज़, इवेंट माफियाओं की गिरफ्त में अपवित्रता की गिरफ्त में  - अरविन्द सिसोदिया  एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मेरे मन मस्तिष्क में भी कुछ सवाल उठ रहे हैं,कृपया आप गौर करें :-- क्या मित्रों को बुलाकर दारू की पार्टी करना,अश्लीलता का प्रदर्शन करना,फूहड़ नाच-गाने करवाना आदि असामाजिक कृत्यों को विवाह कहते हैं ? या फिर रिश्तेदारों और दोस्तों को इकट्ठा करके दारु की पार्टी करने,डीजे बजाने को विवाह कहते हैं,नाचते हुए लोगों पर बेन्ड-बाजे वाले जोकि अधिकांशतः जिहादी,विधर्मी या फिर सीधे-सीधे बताऊं कि मुस्लिमों को पैसा लुटाने को विवाह कहते हैं,आप न्यौछावर के पैसे को विवाह में वैदिक मंत्रों का उच्चारण करने वाले पंडित जी,किसी बहिन-बेटी या किसी हिन्दू गरीब को दे सकते हैं। लेकिन विडम्बना देखिए!फैशन ऐसा बनाने की कोशिश की जा रही है कि दारू की 20-25 पेटी लग जाए उसको विवाह कहा जाता है। वास्तव में विवाह बेदी के निकट मंडप के नीचे बैठे पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ देवताओं का आवाहन करके वैदिक रस्मों को पूरा कराने को ही कहते हैं। लोग कहते हैं कि हम आठ 8 महीने से विवाह की तैयारी कर रहे हैं और...

सोने का मूल्य किस तरह बड़ता गया Gold

भारत एक परिपूर्ण समाज व्यवस्था का देश है जिसनें कमाना, खाना और बचाना सीखा है। बचत को भी मूल्य  वृद्धिकारक निवेश के रूप में सोने, चांदी एवं बहुमूल्य रतनों में  निवेशित करने की पराँपरा रही है। आइये सोने की मूल्यवृद्धि पर नजर डालते हैं.  प्रति 10 ग्राम सोने का बाजार मूल्य 1950 से - 2022 तक 1950    Rs.    99 1951    Rs.    98 1952    Rs.    76 1953    Rs.    73 1954    Rs.    77 1955    Rs.    79 1956    Rs.    90 1957    Rs.    90 1958    Rs.    95 1959    Rs.  102 1960    Rs.  111 1961    Rs.  119 1962    Rs.  119 1963    Rs.    97 1964    Rs.    63 1965    Rs.    72 1966    Rs.    84 1967    Rs.  102 1968    Rs.  162 1969    Rs.  176 1970    Rs.  184 1971 Rs.     193 1972 Rs.     202 1973 Rs.     278 1974 Rs.     506 1975 Rs.     540 1976 Rs.     432 1977 Rs.     486 1978 Rs.     685 1979 Rs.     937 1980 Rs.  1,330 1981 Rs.  1,800 1982 Rs.  1,645 1983 Rs.  1,800 1984 Rs.  1,970 1985 Rs.  2,130 1986 Rs.  2,140 1987 Rs.  2,570 1988 Rs.  3,130 1989 Rs.  3,140 1990 Rs.  3,200 1991 Rs.  3,4...

पुनः मूषक भवः punah mooshk bhavah

पुनः मूषक भवः     *ऋषि और एक चूहा* एक वन में एक ऋषि रहते थे। उनके डेरे पर बहुत दिनों से एक चूहा भी रहता आ रहा था। यह चूहा ऋषि से बहुत प्यार करता था। जब वे तपस्या में मग्न होते तो वह बड़े आनंद से उनके पास बैठा भजन सुनता रहता. यहाँ तक कि वह स्वयं भी ईश्वर की उपासना करने लगा था। लेकिन कुत्ते-बिल्ली और चील-कौवे आदि से वह सदा डरा-डरा और सहमा हुआ सा रहता। एक बार ऋषि के मन में उस चूहे के प्रति बहुत दया आ गयी। वे सोचने लगे कि यह बेचारा चूहा हर समय डरा-सा रहता है, क्यों न इसे शेर बना दिया जाए। ताकि इस बेचारे का डर समाप्त हो जाए और यह बेधड़क होकर हर स्थान पर घूम सके। ऋषि बहुत बड़ी दैवीय शक्ति के स्वामी थे। उन्होंने अपनी शक्ति के बल पर उस चूहे को शेर बना दिया और सोचने लगे कि अब यह चूहा किसी भी जानवर से नहीं डरेगा और निर्भय होकर पूरे जंगल में घूम सकेगा। लेकिन चूहे से शेर बनते ही चूहे की सारी सोच बदल गई।वह सारे वन में बेधड़क घूमता। उससे अब सारे जानवर डरने लगे और प्रणाम करने लगे। उसकी जय-जयकार होने लगी. किन्तु ऋषि यह बात जानते थे कि यह मात्र एक चूहा है, वास्तव में शेर नहीं है। अतः ऋषि उससे चूहा समझकर ही...

षट्तिला एकादशी shattila ekadashi

🚩 *व्रत पर्व विवरण- षटतिला एकादशी* 🔥 *विशेष -हर एकादशी को विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l     राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र की हानि होती है।* 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🌷 *षट्तिला एकादशी* 🌷 ➡️ *17 जनवरी 2023 मंगलवार को शाम 06:06 से 18 जनवरी, बुधवार को शाम 04:03 तक एकादशी है।* 💥 *विशेष - 18 जनवरी, बुधवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।* 🙏🏻 *इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन तिल का उपयोग 6 कामों में करने का विधान है। ये 6 काम इस प्रकार हैं-*  🌷 *तिलस्नायी तिलोद्वार्ती तिलहोमी तिलोद्की।* *तिलभुक् तिलदाता च षट्तिला: पापनाशना:।।*  🙏🏻 *अर्थात- इस दिन तिलो...