गर्व पूर्ण पल - गले मिले मोदी-बाइडेन modi - baiden


गर्व पूर्ण पल - गले मिले मोदी-बाइडेन : मोदी खड़े हुए और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन नें गले लगा लिया

जापान में चल रहे जी-7 समिट के दौरान भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मुलाकात चर्चा में है। दोनों के मुलाकात की गले लगते हुये फोटो देखी जा रहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन पीएम मोदी से मिलने के लिए उनकी ओर बढ़ रहे थे, यह देख कर पीएम मोदी अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और बाइडेन नें उन्हे गले लगा लिया। यह बेहद आत्मीयतापूर्ण मेल मुलाकात भारत के लिये गौरवान्वित करने वाली तो है ही, साथ ही यह इस बात को भी बताती है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान दुनिया में क्या है। याद भारत इस तरह के गौरव के लिये पूरे 65-70 साल तरसा है।
 
इस समय जापान में जी-7 का शिखर सम्मेलन चल रहा है, इस दौरान पीएम मोदी और बाइडेन गले मिले, बाइडेन अपनी कुर्सी की ओर जाने की जगह मोदी से मिलने आ रहे थे यह देख प्रधानमत्री मोदी कुर्सी से खेडे हुये थे। यह चीन और पाकिस्तान को भी विषेश संदेश अमरीका के द्वारा दिया गया माना जाना चाहिये।

जापान के हिरोशिमा में इस समय जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन चल रहा है। पीएम मोदी हॉल में बैठ थे , मोदी के एक तरफ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और फ्रांस के राष्ट्रपति बैठे हुए थे। जब अमेरिकी राष्ट्रपति हॉल में आए तो वह पीएम मोदी की ओर बढ़ने लगे। अमेरिका राष्ट्रपति के अपनी ओर आने का पता चलने पर तुरंत मोदी अपनी कुर्सी से उठे और जाकर उन्हें गले लगाया। अमेरिका राष्ट्रपति की कुर्सी दूसरी तरफ थी। ऐसे में वह सिर्फ पीएम मोदी से मिलने के लिए उनकी तरफ आए। गले मिलने के बाद उन दोनों ने एक दूसरे का हाथ को थामे हुए कुछ बातचीत भी की। इसके बाद मोदी अपनी कुर्सी पर बैठ गए और जो बाइडेन वापस लौट गये।

बाइडेन का आकर मिलना सिर्फ इतना ही मायने नहीं रखता, बल्कि जी-7 देशों के इस समिट का प्रमुख मुद्दा रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन है। चीन के खिलाफ भारत खड़ा हो जाता है मगर भारत रूस के खिलाफ खडा नहीं होता। युद्ध की शुरुआत से ही भारत पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भी रूस विरोध नहीं किया है। हलांकी अमरीकी राष्ट्रपति भी भारत - रूस सम्बंधों को जानते समझते है। वे भारत की चीन के विरूद्ध उपयोगिता को जानते हुये सम्बंधों को बनाये रखना चाहते हैं।

पिछले साल भी इसी तरह मिले थे बाइडेन


पिछले साल जर्मनी में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी कुछ इसी तरह की फोटों देखने को मिली थीं। उस दौरान बाइडेन पीएम मोदी से मिलने के लिए बेचैन दिखे। दरअसल तब शिखर सम्मेलन में आए सभी नेता तस्वीरें खिंचवाने के लिए एक सीढ़े पर खड़े थे। तब जो बाइडेन अपनी जगह पर जाकर खड़े होने की जगह मोदी की ओर गए। इसके बाद में उन्होंने मोदी के कंधे पर हाथ रखा। इसे देख कर भी नरेंद्र मोदी जो बाइडेन को देख कर एक सीढ़ी ऊपर चढ़े और हाथ मिलाया। यी दृष्य भी भारत की कूटनीतिक सफलता की गवाह रही है।


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