कांग्रेस की गहलोत सरकार का बिदा होना तय, भाजपा विजय की रणनिति आज बनायेगी


 कांग्रेस की गहलोत सरकार की बिदाई की रणनीति भाजपा आज बना लेगी

 

 कोटा में भाजपा राजस्थान की प्रदेश कार्यसमिति आयोजित हो रही है। इस दो दिवसीय आयोजन में पहले दिन 14 जून 2022 को प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया केे नेतृत्व में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों नें पार्टी के अगामी कार्यक्रमों की रणनीति तैयार कर रही है। पदाधिकारी बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, प्रदेश की सहप्रभारी एवं सांसद भारती बेन,उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड , प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा एवं मदन दिलावर सहित 30 से अधिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

सायंकाल में संभागी स्तरीय गरीब कल्याण सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। हलांकी इसमें वर्षात ने कई वार व्यवधान डाला किन्तु जो जनमत वहां मौजूद रहा उसने भाजपा की अगली सरकार राजस्थान में आना तय कर दिया है। इस सम्मेलन को भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया एवं राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह  सहित  डेढ दर्जन भाजपा नेताओं ने सम्बोधित किया । जिसमें गहलोत सरकार की वायदा खिलाफी से लेकर विफलताओं तक की व्यापक चर्चा हुई। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के द्वारा यह बताया गया कि गरीबों की वास्तविक चिन्ता भाजपा सरकार ने की है।

भाजपा राजस्थान के प्रदेश 
की 15 जून को भाजपा की प्रदेश कार्यकारणी समिति की बैठक होगी, भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया एवं राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह ,पूर्व मुख्यमंत्री महारानी वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, मोदी सरकार के केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री श्रीमती अल्का गूजर सहित 300 से अधिक प्रमुख जिम्मेवार कार्यकर्ता भाग लेंगे। अर्थात जिले की जमीन से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के राजस्थान का समावेश होगा एक लघु राजस्थान के दर्शन इसमें होंगे।

राजस्थान में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सबसे बडी विशेषता यही है कि उनकी सरकार हमेशा बुरी तरह पराजित होती है। वे चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होते फिर भी मुख्यमंत्री बननें की जादूगरी उनमें है। खैर अबकी बार उनकी सरकार बहुत ज्यादा बुरी तरह जानें वाली है। क्यों कि उनके सरकार संचालन से ही प्रतीत हो रहा है कि वे स्वयं भी कांग्रेस को
अगले चुनावों में बुरी तरह हरवाना चाहते है। क्यों कि तमाम जन विरोधी नितियों के वे अचानक समर्थक बन गये है। वायदों की उन्हे चिन्ता नहीं है। 

रेप की घटनायें नये कीर्तिमान रच रही है। अपराधियों में कानून का खौ फ समाप्त हो गया। पूरा देश योगी मॉडल की राज्य सरकारें चाहते है। किन्तु गहलोत सरकार केन्द्रीय नेतृत्व को खुश रखनें की नीति पर राजस्थान सरकार चला रहे जिसका अर्थ ही कुशासन होता है। कांग्रेस के राज में राजस्थान को क्या क्या नाम दिये जायें इसको लेकर ही समाज में बहुत सारी चर्चायें हैं। जिनका लाभ भाजपा को मिलेगा ही है।

प्रदेश कार्यसमिति में कांग्रेस के कुशासन को उखाड फेंकनें पर ही मुख्य फोकस रहेगा । यह कार्यसमिति इस लिये भी महत्वपूर्ण होगी कि राजस्थान विधानसभा के आम चुनाव दिस्मबर 2023 तक होनें हैं वही लोकसभा के लिये आम
चुनाव के लिये भी मई 2024 तक चुनाव होनें है। इस तरह से भाजपा मिशन 2023-24 के अभियान में इस कार्यसमिति में निर्णय लेकर जुट जायेगी। कुल मिला कर भाजपा आज अर्थात 15 जून को मिशन 2023-24 की रणनीति बना लेगी।

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