सभी भारतीय पहचान कार्ड, भारतीय परंपरा के अनुरूप बनाये जाएँ All Indian identity cards should be made in accordance with Indian tradition


All Indian identity cards should be made
 in accordance with Indian tradition

सभी प्रकार के कार्ड बनानें में भारतीय परंपराओं का ध्यान रखा जाए,
जैसा की सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के दो पत्ते होते हैं। एक मूल निवासी वाला पता और दूसरा वर्किंग क्षेत्र का पता,
इसी तरह प्रत्येक व्यक्ति के लगभग दो नाम तो होते ही एक घर का समान काम का आज का नाम और एक विशिष्ट नाम

सामान्य तौर पर लेखन के भी दो नाम होते हैं एक तो सामान्य नाम और दूसरा लेखन प्रक्रिया का नाम, इसी तरह राजनेताओं के भी दो नाम होते हैं एक शर्ट नाम और एक वास्तविक नाम, इसी तरह कई ग्रहणियों के भी नाम होते हैं मायके का नाम अलग और ससुराल का नाम अलग, इन सारी चीजों को देखते हुए, जो भारतीय परंपराएं हैं अनादि काल से हैं इन सबको एक सेकंड में आधुनिक नहीं बनाया जा सकता, इसलिए उनका समावेश करते हुए आदमी की करण की ओर से बढ़ना चाहिए।

इसलिए भारत में किसी भी प्रकार का कोई कार्ड बने तो उसमें दो तरह के ऑप्शन होने चाहिए दो तरह के पत्तों के ऑप्शन होने चाहिए और उनको अपडेट करने के लिए भी सरलीकृत व्यवस्था होनी चाहिए

सभी कार्डों का मूल, जनसंख्या रजिस्टर होना चाहिए.

इससे यह लाभ होगा कि घुसपैठ वाली तमाम बातें कहीं ना कहीं रुकी जा सकेंगे, अन्यथा अब तो घुसपैठ यह खुलकर कहने लगे कि हमारा अधिकार भी है।

इस आधार वास्तविक व्यवस्था परक नया क़ानून बनाया जाये
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भारत जन-पहचान एवं पंजीकरण विधेयक, 2025

(Bharat Jan-Pehchaan evam Panjikaran Bill, 2025)

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प्रस्तावना (Preamble)

हिंदी:
भारत की विविध परंपराओं, सामाजिक वास्तविकताओं तथा नागरिक पहचान की एकीकृत और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु, तथा अवैध घुसपैठ एवं फर्जी पहचान को रोकने के उद्देश्य से, यह अधिनियम बनाया जाता है।

English:
To ensure an integrated and secure system of citizen identification, in consonance with India’s diverse traditions and social realities, and to prevent illegal infiltration and fraudulent identities, this Act is hereby enacted.

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अध्याय – 1 : प्रारंभिक प्रावधान

(Chapter – 1 : Preliminary Provisions)

धारा 1 : संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ
(1) इस अधिनियम का नाम "भारत जन-पहचान एवं पंजीकरण अधिनियम, 2025" होगा।
(2) यह संपूर्ण भारतवर्ष पर लागू होगा।
(3) केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम को किसी भी दिन से लागू कर सकेगी।

Section 1: Short title, extent and commencement
(1) This Act may be called the “Bharat Identification and Registration Act, 2025.”
(2) It shall extend to the whole of India.
(3) It shall come into force on such date as the Central Government may, by notification in the Official Gazette, appoint.
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धारा 2 : परिभाषाएँ
इस अधिनियम में, यदि संदर्भ से भिन्न अर्थ न निकले, तो—

(क) "जनसंख्या रजिस्टर" का अर्थ है, भारत सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिक का मूल अभिलेख जिसमें नाम, पता, पहचान और नागरिकता संबंधी विवरण दर्ज हों।

(ख) "कार्ड" का अर्थ है, किसी भी प्रकार का सरकारी पहचान-पत्र, जैसे—आधार, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कामगार कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड आदि।

(ग) "स्थायी पता" का अर्थ है, नागरिक का मूल/पैतृक निवास स्थान।

(घ) "वर्तमान पता" का अर्थ है, नागरिक का कार्यस्थल अथवा वर्तमान निवास स्थान।

(ङ) "सामान्य नाम" का अर्थ है, व्यक्ति का प्रचलित अथवा घरेलू नाम।

(च) "विशिष्ट नाम" का अर्थ है, विधिक अथवा आधिकारिक प्रयोजन हेतु प्रयुक्त नाम।

Section 2: Definitions
In this Act, unless the context otherwise requires—
(a) “Population Register” means the primary record maintained by the Government of India containing details of name, address, identity and citizenship of every citizen;
(b) “Card” means any government-issued identity card, including Aadhaar, Voter ID, PAN Card, Driving Licence, Labour Card, Health Card and others;
(c) “Permanent Address” means the native or ancestral residence of a citizen;
(d) “Current Address” means the present place of residence or work;
(e) “Common Name” means the name used in day-to-day or domestic usage;
(f) “Official Name” means the legal or formal name used for official purposes.
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अध्याय – 2 : पंजीकरण और कार्ड व्यवस्था

(Chapter – 2 : Registration and Card System)

धारा 3 : जनसंख्या रजिस्टर का मूल आधार
(1) प्रत्येक नागरिक का पंजीकरण जनसंख्या रजिस्टर में अनिवार्य होगा।
(2) किसी भी प्रकार का कार्ड, जनसंख्या रजिस्टर से जुड़े बिना वैध नहीं होगा।

Section 3: Population Register as the primary basis
(1) Registration of every citizen in the Population Register shall be mandatory.
(2) No card shall be valid unless linked with the Population Register.
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धारा 4 : दोहरे विकल्प की अनिवार्यता
(1) प्रत्येक कार्ड में दो प्रकार की प्रविष्टियाँ अनिवार्य होंगी—

(क) स्थायी पता और वर्तमान पता

(ख) सामान्य नाम और विशिष्ट नाम
(2) विवाहित स्त्रियों हेतु—मायके एवं ससुराल, दोनों नाम एवं पते दर्ज किए जाएंगे।
(3) लेखक, कलाकार, एवं पेशेवरों हेतु—प्रचलित नाम और पेशेवर नाम दोनों का विकल्प उपलब्ध होगा।

Section 4: Mandatory dual options
(1) Every card shall mandatorily contain two entries—

(a) Permanent Address and Current Address

(b) Common Name and Official Name
(2) For married women, both maiden and marital names and addresses shall be recorded.
(3) For writers, artists and professionals, both popular and professional names shall be accommodated.
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धारा 5 : अपडेट व्यवस्था
(1) पता एवं नाम में परिवर्तन हेतु ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सरल प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।
(2) प्रत्येक संशोधन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।
(3) केंद्र सरकार समय-समय पर नियम बनाकर, सत्यापन हेतु आवश्यक दस्तावेज निर्धारित करेगी।

Section 5: Update mechanism
(1) Both online and offline simplified processes shall be available for updating name and address.
(2) Every modification shall be digitally recorded.
(3) The Central Government may, by rules, prescribe the documents required for verification.
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अध्याय – 3 : नागरिकता सत्यापन एवं सुरक्षा

(Chapter – 3 : Citizenship Verification and Security)

धारा 6 : नागरिकता सत्यापन परत
(1) प्रत्येक कार्ड में नागरिकता सत्यापन परत संलग्न होगी।
(2) गैर-नागरिक अथवा अवैध घुसपैठियों को जनसंख्या रजिस्टर में पंजीकरण का अधिकार नहीं होगा।
(3) झूठी सूचना देकर पंजीकरण कराने वाले पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Section 6: Citizenship Verification Layer
(1) Every card shall contain a citizenship verification layer.
(2) Non-citizens or illegal infiltrators shall not have the right to be registered in the Population Register.
(3) Any person registering with false information shall be subject to penal action.
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धारा 7 : अवैध प्रविष्टियों का निरस्तीकरण
केंद्र सरकार अथवा प्राधिकृत प्राधिकारी को यह अधिकार होगा कि झूठी प्रविष्टि को निरस्त करे और संबंधित व्यक्ति को नागरिकता सिद्ध करने का अवसर प्रदान करे।

Section 7: Cancellation of illegal entries
The Central Government or the designated authority shall have the power to cancel any false entry, after giving the concerned person an opportunity to establish citizenship.
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अध्याय – 4 : विविध प्रावधान

(Chapter – 4 : Miscellaneous Provisions)

धारा 8 : प्रशासनिक तंत्र
(1) केंद्र सरकार "राष्ट्रीय जन-पहचान प्राधिकरण" की स्थापना करेगी।
(2) यह प्राधिकरण जनसंख्या रजिस्टर का संधारण करेगा और सभी कार्डों की एकीकृत प्रणाली विकसित करेगा।

Section 8: Administrative Authority
(1) The Central Government shall establish a “National Identification Authority.”
(2) This Authority shall maintain the Population Register and develop an integrated system of all cards.
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धारा 9 : लाभ
(1) नागरिक पहचान की एकीकृत और सुरक्षित प्रणाली।
(2) भारतीय परंपराओं का सम्मान।
(3) अवैध घुसपैठ एवं फर्जी पहचान पर रोक।

Section 9: Benefits
(1) Establishment of an integrated and secure citizen identification system.
(2) Respect for Indian traditions in identity documentation.
(3) Prevention of illegal infiltration and fraudulent identities.
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धारा 10 : नियम बनाने की शक्ति
केंद्र सरकार इस अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु नियम बना सकेगी।

Section 10: Power to make rules
The Central Government may make rules, by notification, for carrying out the purposes of this Act.
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अध्याय – 5 : कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व

(Chapter – 5 : Duties and Responsibilities)

धारा 11 : लिपिबद्धता की शुद्धता एवं उत्तरदायित्व
(1) किसी भी कार्ड या पहचान-पत्र की प्रविष्टि करते समय, कार्ड बनाने वाले अधिकारी अथवा अधिकृत व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना होगा कि—
(क) जानकारी गंभीरतापूर्वक, सत्यापित एवं शुद्ध रूप में दर्ज की जाए;
(ख) नागरिक द्वारा दी गई सूचना का आवश्यक दस्तावेज़ों से मिलान किया जाए;
(ग) किसी भी प्रकार की लापरवाही, त्रुटि या मनमानी प्रविष्टि न की जाए।

(2) यदि कोई अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति—
(क) जानबूझकर गलत प्रविष्टि करता है, या
(ख) लापरवाहीवश गलत विवरण दर्ज करता है,
तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

(3) इस धारा के अंतर्गत केंद्र सरकार नियम बनाकर यह निर्धारित कर सकेगी कि गलत लिपिबद्धता की स्थिति में क्या दंड या कार्रवाई होगी।

Section 11: Accuracy of Entry and Responsibility
(1) While recording any entry for a card or identity document, the issuing officer or authorized person shall ensure that—

(a) Information is recorded with seriousness, authenticity, and accuracy;

(b) Data provided by the citizen is verified with supporting documents;

(c) No negligence, error, or arbitrary entry is made.


(2) If any officer or authorized person—

(a) knowingly makes a false entry, or

(b) negligently records incorrect information,
then disciplinary and penal action shall be taken against such person.


(3) The Central Government may, by rules, prescribe the nature of penalties or actions in cases of wrongful or negligent entries under this Section.
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