गणपति गजानंद भगवान ganpti gjanand bhagvan

गणपति गजानंद भगवान / भजन 

मुखड़ा
गणपति गजानंद भगवान, दूर करते सब व्यवधान।
बुद्धि विवेक के प्रदाता, मंगल कारक भाग्य विधाता ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 1 : धैर्य और शांतचित्त
धैर्य-शांति के सागर गहरे, संकट में जो सहारा देते ।
शुभ निर्णय का मार्ग दिखाते, जीवन को भव पार लगाते ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 2 : विघ्नहर्ता
आरंभ सब कार्य तुम्हीं से, विघ्न सभी हर लेते।
शुभता, समृद्धि और सफलता, जीवन में भर देते ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 3 : विनम्रता और समानता
मूषक छोटा वाहन तुम्हारा , सीख देता जगको निराला।
छोटे-बड़े सब एक समान, यही ईश्वर का विधान ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 4 : कर्तव्यनिष्ठा
माता-पिता की सेवा करके, दिखलाई सच्ची निष्ठा।
कर्तव्य-पथ पर बने योद्धा, पाई जीवन में सिद्धा ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 5 : कार्य-पूर्णता
कर्तव्यपरायणता पर किया,मस्तक अपना बलिदान।
निडरभाव का संदेशा दे , पाया जग में प्रथम सम्मान ॥
नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार ॥


अंतरा 6 : सकारात्मकता
मंगलमूर्ति प्रसन्न मुखारे, देते सुख सारे सारे ।
मुश्किल घड़ी में पार लगाते, जगके तारन हार ॥

नमन है तुम्हे बारम्बार, नमन है तुम्हे बारम्बार 

===== समाप्त =====

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