कविता - नरेंद्र मोदी : एक प्रखर यात्रा



 नरेंद्र मोदी : एक प्रखर कौशल 

हिम-गंगा सी निर्मल चाहत, सपनों में था देश महान,
एक स्वयंसेवक बोला, "कर दूँगा भारत का उत्थान !"

संघ की शाखाओं में सीखा, अनुशासन का दृढ़ विज्ञान,
माँ के सानिध्य से सीखा , महा संघर्षों पर विजय का वरदान।
संघ की प्रेरणा में पाया, कर्म-योग का तेज प्रखर,
कर्म-पथ पर चलकर उसने, बदल दिया राजनीती का शिखर ।

राष्ट्रसेवा की पुकार हुई, जनता ने विश्वास दिया,
विकास-मंत्र की किरणों से उसने नवभारत का प्रकाश किया ।
घर -घर गूँजती जिसकी, सेवा-भाव की सदभावनायें ,
कर्मठता के पथ से परिणाम पाता है, नये नये आयाम बनाता है।

विश्व-मंच पर  नया भारत , नई ताकत, नया साहस, नया शौर्य,
“सबका साथ और सबका विकास” यही दृढ़ विश्वास जगाता है।
त्याग, तपस्या और परिश्रम का अद्भुत तपस्थली बना भारत।
मोदी जी के अद्भुत कौशल से सीना ताने खड़ा नया भारत।

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🎶 “मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा” 🎶

चल पड़ा एक दीवाना, लेकर भारत का अफसाना,
मोदी–मोदी गूँजे धरती, उभरा कर्म और धर्म का परवाना।
चल पड़ा… चल पड़ा… उसके साथ, स्वप्न लिए नया जमाना,
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा, देश ने दिल से है माना।
===1===

छोटे घर की छोटी राहें, पर सपने थे ऊँचे-ऊँचे,
माँ के सानिध्य से सीखा, संघर्षों से लड़ना ।
संघ की शाखाओं से उठी थी एक पुकार,
“इस भारत का भाग्य बदलेंगे ” मन में जगी थी प्रबल हुंकार ।

चल पड़ा एक दीवाना, लेकर भारत का अफसाना…
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा— देश ने दिल से है माना।
===2===

गुजरात की धरती गाती— विकास के प्रखर तराने,
नव-उद्योगों के दीप जले , बदले कितने दौर पुराने।
भूकंप धरा पर भारी था, पर हिम्मत उससे भी भारी,
लौटा जीवन खण्डहरों की जागी माटी , मेहनत ने तस्वीर सँवारी।

नई रोशनी लेकर उगा था, मोदी मेहनत का परवान,
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा— देश ने दिल से अपनाया।
===3===

स्वच्छ भारत की बात उठी तो, जन जन ने झाड़ू थामा,
बेटियों के मान के खातिर, हर घर में शौचालय आया।
जब बेटी बचाने का आव्हान हुआ तो, बेटियों का मान बढ़ा,
उज्ज्वला की लौ जली जब, धुंए से मुक्ती मिली माता बहनों को ,
आँखों से आंसू गये, हजारों साँसें हुईं स्वस्थ, 
गरिमा मिली मातृशक्ति के सम्मान को।

घर-घर रोशनी फैली है, उम्मीदों ने नाच दिखाया,
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा— देश ने दिल से अपनाया।
===4===

जन-धन से करोड़ों खाते खोले, बैंकिंग का अधिकार मिला,
आयुष्मान की छाँव तले, गरीब को स्वास्थ्य सुरक्षा-आधार मिला।
सर्जिकल स्ट्राइक की प्रतिध्वनि, दुनिया ने सम्मान किया,
भारत अब झुकता नहीं, ये संदेश जग ने जाना है, माना है।

शौर्य और सेवा दोनों से, भारत ने गौरव पाया,
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा— विश्व ने भी खूब सराहा।
===5===

कोरोना का अंधियारा छाया, फिर भी आशा का दीप जलाया भारत ने,
वैक्सीन ने दुनिया की जान बचाई, मानवता के प्यारे स्तुत्य क्षण ने।
आज नवभारत दौड़ रहा है, विज्ञान, विकास, विश्वास लिए,
मोदी जैसा कर्मयोगी, देता है हर दिन नई दिशा लिए।

चल पड़ा एक दीवाना, लेकर भारत का अफसाना,
मोदी–मोदी गूँजे दुनिया, पर मोदी मन में भारत उत्थान ही ठाना।

चल पड़ा… चल पड़ा… नई आशा का वह तराना,
मोदी का सफ़र, मोदी का जज़्बा— देश ने दिल से है माना।

===समाप्त===




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