गौरवगान वन्देमातरम 150 पर स्वत: स्फूर्त आयोजन करें - प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी


मेरे प्यारे देशवासियो,
अब ‘मन की बात’ में एक ऐसे विषय की बात, जो हम सबके दिलों के बेहद करीब है । ये विषय है हमारे राष्ट्र गीत का - भारत का राष्ट्र गीत यानी ‘वन्देमातरम्’ | एक ऐसा गीत, जिसका पहला शब्द ही हमारे हृदय में भावनाओं का उफान ला देता है । ‘वन्देमातरम्’ इस एक शब्द में कितने ही भाव हैं, कितनी ऊर्जाएं हैं । सहज भाव में ये हमें माँ-भारती के वात्सल्य का अनुभव कराता है । यही हमें माँ-भारती की संतानों के रूप में अपने दायित्वों का बोध कराता है । अगर कठिनाई का समय होता है तो ‘वन्देमातरम्’ का उद्घोष 140 करोड़ भारतीयों को एकता की ऊर्जा से भर देता है ।

साथियो,
राष्ट्रभक्ति, माँ-भारती से प्रेम, यह अगर शब्दों से परे की भावना है तो ‘वन्देमातरम्’ उस अमूर्त भावना को साकार स्वर देने वाला गीत है | इसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने सदियों की गुलामी से शिथिल हो चुके भारत में नए प्राण फूंकने के लिए की थी | ‘वन्देमातरम्’ भले ही 19वीं शताब्दी में लिखा गया था लेकिन इसकी भावना भारत की हजारों वर्ष पुरानी अमर चेतना से जुड़ी थी | वेदों ने जिस भाव को “माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या:”( Earth is the mother and I am her child) कहकर भारतीय सभ्यता की नींव रखी थी | बंकिमचंद्र जी ने ‘वन्देमातरम्’ लिखकर मातृभूमि और उसकी संतानों के उसी रिश्ते को भाव विश्व में एक मंत्र के रूप में बांध दिया था |

साथियो,
आप सोच रहे होंगे कि मैं अचानक से वन्देमातरम् की इतनी बातें क्यों कर रहा हूं | दरअसल कुछ ही दिनों बाद, 7 नवंबर को हम ‘वन्देमातरम्’ के 150वें वर्ष के उत्सव में प्रवेश करने वाले हैं | 150 वर्ष पूर्व ‘वन्देमातरम्’ की रचना हुई थी और 1896 (अट्ठारह सौ छियानवे) में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पहली बार इसे गाया था |

साथियो,
‘वन्देमातरम्’ के गान में करोड़ों देशवासियों ने हमेशा राष्ट्र प्रेम के अपार उफान को महसूस किया है | हमारी पीढ़ियों ने ‘वन्देमातरम्’ के शब्दों में भारत के एक जीवंत और भव्य स्वरूप के दर्शन किए हैं |
सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!

हमें ऐसा ही भारत बनाना है | ‘वन्देमातरम्’ हमारे इन प्रयासों में हमेशा हमारी प्रेरणा बनेगा | इसलिए, हमें ‘वन्देमातरम्’ के 150वें वर्ष को भी यादगार बनाना है | आने वाली पीढ़ी के लिए ये संस्कार सरिता को हमें आगे बढ़ाना है | आने वाले समय में ‘वन्देमातरम्’ से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे, देश में कई आयोजन होंगे | 


मैं चाहूँगा, हम सब देशवासी ‘वन्देमातरम्’ के गौरवगान के लिए स्वत: स्फूर्त भावना से भी प्रयास करें| आप मुझे अपने सुझाव #VandeMatram150 के साथ जरूर भेजिए | #VandeMatram150 | मुझे आपके सुझावों का इंतजार रहेगा और हम सब इस अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए काम करेंगे |

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