निशब्द : स्वर कोकिला लता मंगेशकर देवलोक गमन Lata Mangeshkar Devlok Gaman

 

 

स्वर कोकिला लता मंगेशकर


निशब्द : स्वर कोकिला लता मंगेशकर देवलोक गमन कर गईं।
भारत के संगीतजगत का एक युग की समाप्ति हो गई।
मध्यप्रदेश में जन्मी भारत रत्न लता मंगेशकर जी के निधन की दुःखद खबर है।
उनकी आवाज़ अमर है।
ना उनके जैसा हुआ है और ना होगा।
हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति
- अरविन्द सिसौदिया

भारत रत्न से सम्मानित हुई थी लता मंगेशकर

28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं। उनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फिल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है। लता की जादुई आवाज के भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में दीवाने हैं। लता मंगेशकर को भारत सरकार ने 'भारतरत्न' से सम्मानित किया था।

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92 साल की लता जी की 8 जनवरी को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके भर्ती होने की खबर भी 2 दिन बाद 10 जनवरी को सामने आई थी। उन्होंने कोरोना और निमोनिया दोनों से 29 दिन तक एक साथ जंग लड़ी।

सुबह 8.12 बजे लता जी ने अंतिम सांस ली
उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल के ICU रखा गया था। लंबे समय से लता ताई का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समधानी की देखरेख में ही डॉक्टर्स की टीम उनका इलाज कर रही थी। इलाज के दौरान उनकी हेल्थ में सुधार भी देखा जा रहा था। उन्हें लगातार ऑब्जर्वेशन में रखा गया। करीब 5 दिन पहले उनकी सेहत में सुधार होना भी शुरू हो गया था। ऑक्सीजन निकाल दी गई थी लेकिन ICU में ही रखा गया, लेकिन रविवार को सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया। डॉ. प्रतीत ने बताया कि मल्टी ऑर्गन फेल्योर उनकी मौत की वजह रही।

स्वर कोकिला, दीदी और ताई जैसे नामों से लोकप्रिय लता जी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस उनके ठीक होने की दुआएं कर रहे थे, लेकिन आज इस बुरी खबर से करोड़ों संगीत प्रेमियों का दिल टूट गया। सैंकड़ों कालजयी गानों को अपनी आवाज देने वाली लता जी आज अनंत यात्रा पर चली गईं।


Lata Mangeshkar
 

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