यूक्रेन का भारत विरोधी रवैय्या रहा है

1) यूक्रेन ने कश्मीर मुद्दे पर UNO में भारत के ख़िलाफ़ वोट दिया था।
2) यूक्रेन ने परमाणु परीक्षण मुद्दे पर UNO में भारत के ख़िलाफ़ वोट दिया था। 
3) यूक्रेन ने UNO की सिक्योरिटी कौंसिल में भारत की स्थायी सदस्यता के ख़िलाफ़ वोट किया था।
4) यूक्रेन पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करता है। 
5) यूक्रेन अल क़ायदा को समर्थन देता है।

 भारतीय होने के नाते मुझे यूक्रेन से कोई भी सहानुभूति नहीं है और उसका कारण भी है। 

यूक्रेन ने भारत का कभी भी साथ नहीं दिया। जब हमारे उपर प्रतिबन्ध लगा तो UNO मे उसने प्रतिबन्ध के पक्ष में वोट किया। 

इसके पास यूरेनियम का बाद भंडार था फिर भी बार बार मांगे जाने पर भी इसने कभी भी देना तो दूर हमारे तत्कालीन PM को दुरदुरा दिया। सीधे मुँह बात तक नहीं किया, जबकि भारत अपनी ऊर्जा के लिए यूरेनियम खोज रहा था। 

अब उसका क्या होता है इसपर मेरा कोई भी मत नहीं है। हां उसके नागरिकों के साथ सहानुभूति अवश्य है। कमज़ोर यूक्रेन(जो कि अपने आप बना) के साथ वही हो रहा है तो नेहरू जी के समय 1947 से पहले और उसके बाद हुआ। अर्थात विभाजन और देश के सीमा पर अतिक्रमण।

इसलिए जो लोग यूक्रेन के समर्थन में दुबले हो रहे हैं उनको समझना चाहिए कि यूक्रेन हमारा एक दुश्मन है जिसने कभी भारत का साथ नहीं दिया .

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