जसवंत सिंह जी की राजस्थान को देन : संसद भवन परिसर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा mharana partap at sansad parisar

जसवंत सिंह जी की राजस्थान को देन : संसद भवन परिसर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा mharana partap at sansad parisar
बिल्डिंग गेट नंबर 12 में बाईं तरफ महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगी है. इस प्रतिमा की ऊंचाई 18 फीट है. फकीर चरण परीदा ने इस प्रतिमा को बनाया था और 21 अगस्त, 2007 को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इसका अनावरण किया था. संसद भवन को ये प्रतिमा उस वक्त राज्य सभा के सांसद जसवंत सिंह ने दी थी.यह मूर्तियां भारतीय संसद भवन परिसर के गेट नंबर 12 पर लगी हुई है ।
इसमें घोड़े पर सवार महाराणा प्रताप दिखाई दे रहे है, पिछे राज्य के छत्र के साथ छत्रधारी ब्राह्मण खड़ा है । इसमें घोड़े के सबसे आगे हल्दी घाटी के महानायक झाला मान ( झाला मन्ना उर्फ झाला बीदा ) तथा उनके पिछे पूंजा भील है । घोड़े के पिछे की तरफ भामा शाह मंत्री और हकीम खां सूरी खड़े है । इसकी एक विशेषता यह है कि इसमे छत्र धारी ब्राह्मण की परिकल्पना का श्रेय श्री राज मेघराज सिंह जी हलवद - ध्रांगाधरा के महाराजा को जाता है ।
इस का अनावरण अगस्त, 2007 मे तत्कालीन लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के हाथो से संपन्न हुआ । यह मूर्तियां भारतीय संस्कृति के शौर्य, साहस, स्वाभिमान, स्वतंत्रता, संघर्ष और सामाजिक समरसता की परिचायक है । इसी विचारधारा से भारत समृद्ध, सम्पन्न और शक्तिशाली बन सकता है । आजाद भारत के राजनीतिक दलो को सुचारू रूप से शासन चलाने हेतु राजतंत्र का यह नीतिगत संदेश है । जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह भी प्रतिमा लगने के वक्त भाजपा सांसद थे. वो बाडमेर लोकसभा से चुन कर आए थे.

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