नई संसद में प्रवेश, ऐतिहासिक दिन - ऐतिहासिक बिल प्रस्तुत new sansad bhawan

नई संसद में प्रवेश, ऐतिहासिक दिन -  ऐतिहासिक महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत mhila Aarkshan bill 

अग्रपूज्य गणेश जी के जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी की पावन वेला में, भारत की लोकसभा और राज्यसभा , नये संसद भवन में  प्रवेश कर गए हैं। इसी के साथ पुराने भवन को बिदाई दे दी गईं है।

आज 19 सितंबर को पुराने संसद भवन के बिदाई लेते समय,भारत की संसद की समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए  पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदीजी नें कहा, ‘‘मेरा सुझाव है कि जैसा कि हम नए भवन में जा रहे हैं, इस इमारत की महिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए। इसे सिर्फ पुरानी संसद नहीं कहा जाना चाहिए। इसे संविधान सदन का नाम दिया जा सकता है।'' लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य मंगलवार को समारोह के लिए पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में एकत्र हुए थे ।

वहीं इसी तारीख में नये संसद भवन में लोक सभा और राज्य सभा, सदनों की बैठकों के द्वारा,  नये संसद भवन का शुभारंभ भी हुआ, लोकसभा में मोदीजी सरकार की और से महिला आरक्षण बिल पेश किया गया, जिस पर 20 सितंबर को पक्ष विपक्ष में बहस होगी।

नये संसद भवन के शुभारंभ बैठक में भी महिला आरक्षण विधेयक को पेश कर धमाकेदार शुभारंभ किया गया है।

महिला आरक्षण बिल पास हुआ तो...
अगर महिला आरक्षण बिल पास हो जाता है तो लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 179 महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी. वहीं, विभिन्न विधानसभाओं की 4,123 सीटों में से 1,361 महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी.

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