राहुल, आँख मारने से, धक्का मुक्की तक, अशोभनीय हरकतें

राहुल, आँख मारने से, धक्का मुक्की तक, अशोभनीय हरकतें 

राहुल गाँधी एक बार फिर से सांसद को धक्का मारने के लिए और एक महिला सांसद के अति निकट आने की घटनाओं के कारण चर्चा में है। इस घटना के साथ ही 2018 में अचानक लोकसभा में जबरदस्ती प्रधानमंत्री मोदीजी के गले मिलने या गले पड़ने की घटना इसके बाद अपनी कुर्सी पर बैठते हुए सांसद ज्योतिरादित्य जी को आँख मार कर संवाद करना कैमरे में कैद हुआ था। इसके बाद एक बार और वे आँख से कुछ इशारा करते हुए नजर आये। उन पर फ़्लाइंग किस का इशारा करने का भी आरोप लगा है। अब धक्का मुक्की की रिपोर्ट भी हो गईं है। राहुल गाँधी अपनी पप्पू इमेज़ से बाहर निकलने के लिए जेम्स बांड बनने के चककर में यह गलतियाँ कर रहे हैँ। वे कुछ भी कर सकते हैँ, यह इससे प्रमाणित होता है।

सवाल यही उठता है कि यह अशोभनीय हरकतें और आराजकतावादी सोच क्या भारत को सहन करना चाहिए? इससे देश में झूठ, भ्रम और अपराधवाद को बढ़ावा मिल रहा है। जो देश में बंगलादेश दोहराने की कोशिश ही मानी जा रही है।

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