स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा की गुरूवर रविन्द्रनाथ टैगोर को अनुपम आदरांजली

 स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा  की गुरूवर रविन्द्रनाथ टैगोर को अनुपम आदरांजली - अरविन्द सिसौदिया

 

 नीरज चोपड़ा ने Tokyo Olympics में स्वर्ण पदक जीत कर भारत का नाम रोशन किया।  - Jamshedpur Health Site August 2021

 भारतीय स्वतंत्रता का ध्वजवाहक गीत,नारा या महामंत्र तो वन्दे मात्रम ही था। राजनीति है सो राष्ट्रगान में भी हो गई और वन्दे मातरम की जगह,जन गण मन राष्ट्रगान बना । संविधान सभा के अध्यक्ष एवं प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद जी ने सहासपूर्वक राष्ट्रगीत के रूप में वन्दे मातरम को दर्ज करवा कर महामंत्र का मान रखा । मातृभूमि की आराधना की दृष्टि से दोनो ही गीत उपयुक्त है।

जन गण मन राष्ट्रगान के रचियता गुरूवर रविन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि 7 अगस्त के अवसर पर तोक्यो ओलिंपिक में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुये जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता और स्वर्ण पदक के सम्मान में वहां भारत का राष्ट्रगान गूंजा । यह रविन्द्रनाथ टैगोर जी को भी अनुपम आदरांजली थी। उनकी आत्मा को अत्यंत प्रशन्नता हुई होगी। कि उनकी पुण्यतिथि पर विश्व पटल पर उनकी उत्कृष्टकृति गुंजायमान हुई ।

1 व्यक्ति और वह टेक्स्ट जिसमें 'yม "जब जब हम विनम्र होते हैं, तब हम महानता के सबसे नजदीक होते है " भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता, विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दाशीनिक और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रबीन्द्रनाथ गुरुदेव टैगीर की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि Rpp-tndia waw.hip.org' लिखा है की फ़ोटो हो सकती है

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

भक्त प्रहलाद : Bhagat Prhlad

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कविता - हिन्दु सनातन जिसे कहते है वह मानवता का मान है

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

आपातकाल : लोकतंत्र की प्रथम हत्या Emergency: The First Murder of Democracy

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू