राजनेताओं के गंभीरताम झूठ के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए - अरविन्द सिसोदिया

राजनेताओं के गंभीरताम झूठ के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए - अरविन्द सिसोदिया AAP 

आम आदमी पार्टी के संस्थापक, दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल नें बहुत से झूठ और बहुत से भ्रामक बयानात देकर अपनी छवि बनाई है। वे इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी रहे हैँ सो उन्हें हेरफेर की गंभीर समझ थी। उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने वे सारी बातें उल्टा दीं, जिन्हे उन्होंने आदर्श के रुपमें कहा था।

यमुना इतनी बड़ी नदी है, उसका पानी जहरीला करने का बेबुनियाद आरोप बेहद गंभीर आरोप है। यह देश में आराजकता उत्पन्न करने का बहुत बड़ा षड्यंत्र है। इसके खिलाफ तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए। इस तरह की पार्टी की मान्यता तुरंत समाप्त होनी चाहिए। 

महू में राहुल गाँधी नें कहा राममंदिर लोपकार्पण में किसी दलित को नहीं बुलाया ण घुसने दिया। यह झूठ राहुल नें जानबूझ कर बोला इसलिए उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे नें सार्वजनिकरूप से आमंत्रण यह कहते हुये ठुकराया था की यह कार्यक्रम भाजपा और आर एस एस का है।

सामान्य व्यक्ति के अपराध और राजनेता के अपराध में करोड़ों गुना फर्क इसलिए होता है, क्योंकि उस झूठ की प्रसार संख्या करोड़ों गुणा अधिक होती है।

चुनाव आयोग को राजनितिक दलों के लिये आचरण एवं व्यवहार संहिता बननी चाहिए, जिसमें दंड व्यवस्था भी होनी चाहिए।

अतः केंद्र सरकार को राजनैतिक दलों और उनके पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधिओं के लिये दंड संहिता जैसा क़ानून होना चाहिए। ताकी उनके अपराध को उसके विस्तार के हिसाब से दण्डित किया जा सके।

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